सशस्त्र सेनाओं और पुलिस सेवा के लिए प्रशिक्षण देगा आरएसएलडीसीः डॉ. समित शर्मा


जयपुर। फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल और राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) की सहभागिता से आज होटल हॉलिडे इनजयपुर में राजस्थान स्किल्स समिट के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया। इस समिट की थीम 'स्किल्स फर इंडस्ट्री 4.0' रखी गई थी। समिट के दौरान न्यू ऐज स्किल्स, स्किलिंग, रि-स्किलिंग और अपस्किलिंग, अप्रेन्टस्शिप और प्रोडक्टिविटी, इन्टग्रेशन ऑफएजुकेशन विद् स्किल्स, ब्लू कॉलर एन्टरप्रेन्योरशिप आदि विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचारों को साझा किया। राजस्थान सरकार के लेबर, स्किलएम्पलॉयमेंट और एन्टरप्रेन्योशिप के कमिश्नर और आरएसएलडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ समित शर्मा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुये बताया कि, राजस्थान से बड़ी संख्या में युवा सेना और पुलिस सेवा में जाते है। आरएसएलडीसी शीघ्र ही सैन्य और पुलिस सेवा में जाने वाले युवाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत करेगा। प्रशिक्षण की शुरूआत के लिये प्रारम्भिक रूप से नागौर, चुरू और झुन्झुनू का चयन किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि कौशल विकास किसी एक विद्या तक ही सीमित नहीं है अपितु इसका प्रभाव नौकरियों, आर्थिक प्रगति, सकल विकास दर और किसी भी देश के आर्थिक विकास के स्तर निर्धारण पर पड़ता है। देश में कौशल विकास के क्षेत्र में आरएसएलडीसी सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने वर्तमान में कई ट्रेनिंग सेंटर्स पर पायी जाने वाली अनियमिताओं पर प्रभावी नियंत्रण के विविध प्रयासों की भी जानकारी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सरकार द्वारा अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन दिया जायेगा और गलत काम करने वालों पर सशक्त कार्यवाही की जायेगी। सत्र के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, विविध नवाचारों, आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेण्डेस सिस्टम, आईपी कैमरा बेस्ड लाइव ट्रेनिंग सिस्टम, कौशल दर्पण आदि के बारें में विस्तार से जानकारी दी।


पिक्की के सेक्रेटरी जनरल दिलीप चिनॉय ने कहा कि, "निरंतर बदलती तकनीक से कौशल के क्षेत्र में विविधता आ रही है और उसकी मांग में भी बदलाव होता जा रहा है। मशीन लर्निग, वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग्स आदि तकनीकी बदलाव ने कार्यक्षेत्र और उनके लिए आवश्यक कौशल में जबरदस्त परिवर्तन ला दिया है। अतः तकनीकी परिवर्तन और कौशल विकास में सामंजस्य वक्त की मांग है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार लिंकडईन द्वारा भारत के लिए 15 सर्वाधिक नौकरी देने वाले सेक्टरों के बारे में बताया गया जिसमें ब्लॉक चैन डेवेलपर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जावा स्क्रिप्ट डेवलपर, रोबोटिक्स आदि उच्च कौशल विषयों का  प्रभुत्व है। अतः हमें अधिकाधिक रोजगार और विकास प्राप्त करने के लिए इन क्षेत्रों पर जोर देना होगा।


अंबुजा सीमेंट फाउण्डेशन द्वारा विकास के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों का परिचय देते हुये फउण्डेशन के वोकेशनल ट्रेनिंग विभाग के जनरल मैनेजर रवि नायसे बताया कि, हमारे कौशल विकास कार्यक्रम द्वारा बड़ी संख्या में युवाओं के जीवन में बदलाव लाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों से न केवल इन्हें जीविका का साधन उपलब्ध हो रहा है साथ ही भरोसेमंद और विश्वसनीय कर्मचारियों की भी उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने इस दौरान असेसमेंट और प्लेसमेंट क्षेत्र में किये जा सकने वाले सुधारों के संबंध में भी सुझाव प्रस्तुत किये।समिट के बारें में अधिक जानकारी देते हुए, पिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल के हैड श्री अतुल शर्मा ने कहा कि, 'इंडस्ट्री 4.0 कोर स्किल्स के साथ एक ऐसे वर्कफेर्स की मांग करता है जो जटिल और अप्रत्याशित चुनौतियों से रचनात्मक रूप से निपट सकता है और भविष्य में वर्कफेर्स के पास ऐसे स्किल्स होने चाहिए जो उन्हें नए सिद्धांतों के साथ कुशलतापूर्वक अपनाने में मदद करें। इंडस्ट्री स्किल्स का भविष्य कॉग्निटिव स्किल्स, डिजाइन थिंकिंग और कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स होगा और इसलिए हमें रूटीन बेस्ड लर्निंग से हट कर प्रैक्टिकल बेस्ड व एप्लिकेशन ओरिएंटेड लर्निग वाली प्रॉब्लम सॉल्विंग अप्रोच के प्रति अग्रसर होना पड़ेगा।"


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