देस्टैंडो तकनीक से हो सकेगी स्पाईन की सफल सर्जरी

 देस्टैंडो तकनीक से हो सकेगी स्पाईन की सफल सर्जरी

 न्यूरो फेस्ट 2022 के आखिरी दिन बडिंग न्यूरो सर्जन्स को स्पाईन सर्जरी की नई तकनीक एवं अप्रोचेज सिखाई 


जयपुर 9 जुलाई।  नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल,जयपुर और जे.एन.यू (जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी) के सहयोग से आयोजित न्यूरोफेस्ट के पांचवें एडिशन के आखिरी दिन जे.एन.यू कैंपस में आयोजित न्यूरो-एंडोस्कोपिक वर्कशॉप में पार्टिसिपेंट्स को मानव शव पर स्पाईन सर्जरी की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। यह ट्रेनिंग देश-विदेश से आए दिग्गज न्यूरो सर्जन्स ने दी। 

नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जयपुर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन और न्यूरोफेस्ट 2022 के कोर्स डायरेक्टर डॉ. के.के. बंसल ने बताया कि, आज की न्यूरो-एंडोस्कोपिक वर्कशॉप में हमनें बडिंग न्यूरो सर्जन्स को जर्मनी की देस्टैंडो तकनीक सिखाई। जिन मरीजों में स्पाईन की डिस्क निकली हुई होती है उनमें लगातार असहनीय दर्द रहता है। इस नवीनतम तकनीक द्वारा मात्रा एक छोटा चीरा लगाकर, दूरबीन की सहायता से डिस्क को हटाकर प्रभावित नस को फ्री कर दिया जाता है। मरीज पूरी तरह से ठीक होकर सर्जरी के कुछ समय बाद ही एक बेहतरीन एवं दर्दरहित जीवन जी पाता है। 


न्यूरोफेस्ट 2022 में देश-विदेश से आयें फैक्लटीज़ डॉ. सुकुमार सुरा और डॉ. एस.एम. रोहिदास ने बताया कि “पहले ओपन सर्जरी में परेशानी की जड़ तक पहुंचने के लिए चीर-फाड़ की सहायता ली जाती थी लेकिन इस नई तकनीक में दूरबीन की सहायता से स्पाईन में परेशानी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और उसका इलाज पहले से आसान और अधिक सफलता के साथ किया जा सकता है। एंडोस्कोपिक स्पाईन सर्जरी डॉक्टर्स के साथ ही मरीजों में भी इसके मिनिमल पेन और लेस कॉम्प्लिकेशन की वजह से प्रचलित हो रही है और हम भी हमारे भविष्य के न्यूरोसर्जन्स को इस वर्कशॉप के माध्यम से सिखाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जागरूक हो और किसी भी तरह का भ्रम उनमें न रहे। साथ ही भविष्य में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा और फास्ट रिकवरी मिल सके”।

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