राज्यपाल ने किये हस्ताक्षर, दो ऐतिहासिक कानून बने

 राज्यपाल ने किये हस्ताक्षर, दो ऐतिहासिक कानून बने 



 राजस्थान के लगभग 2.5 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित


जयपुर 12 सितम्बर । न्यूनतम आय गारंटी एवं राजस्थान प्लेटफार्म बेस्ड गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) कानून 2023 पर राज्यपाल  कलराज मिश्र ने हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे ये दोनों विधेयक कानून बन गए हैं. इन दोनों ऐतिहासिक कानूनों के बनने पर राजस्थान सरकार एवं राज्यपाल  कलराज मिश्र बधाई के पात्र है. देश में राजस्थान पहला राज्य बन गया है जहाँ पर शहरी रोज़गार गारंटी के लिए कानून बना है साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए कानून भी देश में पहली बार बना है. गिग वर्कर्स के पंजीकरण और कल्याण के लिए लाया गया कानून राजस्थान देश में ये कानून आने वाला प्रथम राज्य बना है. आज अभियान की ओर से राज्य के लगभग 30 जिला मुख्यालयों और 50 उपखंडों एवं पंचायत समिति मुख्यालयों पर कानून लागू किये जाने हेतु बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए और उन्होंने राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर/ उपखंड अधिकारी तथा विकास अधिकारी को ज्ञापन दिए।



      राज्य सरकार से मिली सूचना के अनुसार राज्यपाल  द्वारा दोनों कानून पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं जिससे अब ये कानून बन गए हैं. आपकी जानकरी में होगा कि ये कानून क्रमशः 21 एवं 24 जुलाई 2023 को राज्य विधानसभा से पास हुए थे लकिन लम्बे समय तक राज्यपाल महोदय के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण ये लम्बित थे. इस सम्बन्ध में सामाजिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीमती अरुणा रॉय के नेतृत्व में राज्यपाल कलराज मिश्र से 8 सितम्बर 2023 को मिला था और उनसे जल्द हस्ताक्षर करने की मांग थी जिस पर उन्होंने जल्द उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था।


*राजस्थान के लोगों के लम्बे संघर्ष के परिणाम हैं दोनों कानून* 

राजस्थान में अभियान लम्बे समय से पारदर्शिता, जवाबदेही, रोज़गार और बेहतर सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं. इन्हीं प्रयासों में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून राजस्थान के लिए जीवनदायी साबित हुआ है. अभियान की ओर से लम्बे समय से शहरी क्षेत्र के लिए रोज़गार गारंटी कानून लाये जाने की जा रही थी, लेकिन जब 2020 में कोरोना आया तो उसकी आवश्यकता और महत्ता सरकार सहित हर किसी को समझ आई. राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन मजदूरी की आधी हो जिससे ग्रामीण और शहरी बुजुर्ग, महिलाएं एवं दिव्यांगजन अपना जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें के लिए प्रयास भी लम्बे समय से राज्य और देश के स्तर पर चल रहे हैं. इसी के साथ गिग वर्कर्स के पंजीकरण और कल्याण के लिए कानून बनाये जाने की मांग की जा रही थी. ये दोनों ही कानून ऐतिहासिक कानून हैं क्योंकि राजस्थान पहला राज्य है जो शहरी क्षेत्र के लिए रोज़गार गारंटी कानून के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए भी कानून लेकर आया है. इसी के साथ गिग वर्कर्स के पंजीकरण और कल्याण के लिए राजस्थान सरकार द्वारा लाया गया कानून संभवतया दुनिया का पहला कानून है. राजस्थान ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश और दुनिया को राह दिखाई है। 


*राजस्थान के लगभग 2.5 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित* 

राज्य में वर्तमान में लगभग 96 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनर हैं, लगभग 70 लाख परिवार मुख्यमंत्री ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून से लाभान्वित होंगे तथा लगभग 15 लाख परिवार शहरी रोज़गार गारंटी कानून से लाभान्वित होंगे. इसी प्रकार लगभग 5 लाख लोग गिग वर्कर्स कानून का फायदा ले पाएंगे. कुल मिलाकर ये कानून राज्य के लगभग 2.5 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।


*दोनों कानूनों के जल्द नियन बनें और राज्य में इन्हें तुरंत लागू किया जाये* 

अभियान की ओर से हम रज्य सरकार से मांग करते हैं कि इनके नियम तुरंत बनाये जाएँ और अति शीघ्र लागू किया जाये।



Comments

Popular posts from this blog

ब्यावर के जिला बनने की भविष्यवाणी हुई सत्य साबित

मंत्री महेश जोशी ने जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया 4 दिन में मांगे पूरी करने का दिया आश्वासन

कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को बंपर सीटें