फीफा वर्ल्ड कप में कौन बनेगा विश्व कप का विजेता !

फीफा वर्ल्ड कप में कौन बनेगा विश्व कप का विजेता !

18 जुलाई के बाद देशभर में बारिश के आसार, 

राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की संभावना-नाहटा


ब्यावर ,  13 जुलाई  । राजस्थान में ब्यावर जिले के एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ दिलीप नाहटा के अनुसार इस बार फीफा वर्ल्ड कप में विश्व विजेता स्पेन बन सकती है।

वही 15 जुलाई  को होने वाले पहले सेमीफाइनल मैच में फ्रांस एवं स्पेन के बीच होने वाले मुकाबले में स्पेन विजेता बनकर फाइनल में पहुंच सकती है।

वहीं दूसरी ओर 16 जुलाई को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड एवं अर्जेंटीना के बीच होने वाले मुकाबले में अर्जेंटीना विजेता बनकर फाइनल में पहुंच सकती है।

नाहटा के अनुसार फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल स्पेन एवं अर्जेंटीना के मध्य में खेले जाने की पूरी संभावना है और यदि ऐसा हुआ तो 2026 का फीफा वर्ल्ड कप का ताज स्पेन के हाथों में जाने की पूरी संभावना बन रही है ।

यह भविष्यवाणी राजस्थान में ब्यावर जिले के एस्ट्रोलॉजर दिलीप नाहटा ने अपने द्वारा बनाई गई विश्व की पहली भविष्यवाणी लैब ( गुरु हस्ती भविष्यवाणी लैब , पार्ट नंबर -- वन ) से मिले संभावित आंकड़ों के आधार पर भविष्यवाणी की है।

18 जुलाई के बाद देशभर में बारिश के आसार, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की संभावना-नाहटा

 नाहटा के अनुसार 18 जुलाई 2026 के बाद ही होगी देशभर में बारिश 

अभी तक राजस्थान में 04 जुलाई 2026 से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बारिश की बूंद भी नहीं पड़ी है ऐसे में नाहटा ने लिखी है भविष्यवाणी ।।

इसके अलावा नाहटा द्वारा एशिया एवं यूरोप एवं लैटिन अमेरिकन देशों की भी भविष्यवाणी की गई है ।।

2026 में नाहटा द्वारा की गई भविष्यवाणी में कहा गया है कि भारत में अलनीनो का प्रभाव नहीं के बराबर पड़ेगा एवं सभी जगहों पर नही होगा सूखा ।।

भारत के लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होगी एवं बाढ़ भी आ सकती है वहीं दूसरी तरफ लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग एवं शेष बचे हुए लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है यानी भारत में अलनीनो का प्रभाव नहीं के बराबर पड़ेगा परंतु 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।।

राजस्थान में बारिश का पूर्वानुमान -- राजस्थान के निम्न जिलों में जैसे -- कोटा एवं बांसवाड़ा के लगभग सभी बांधों के छलकने के योग बन सकते है एवं अजमेर , पुष्कर , नागौर , जयपुर , ब्यावर , जोधपुर , सिरोही , माउंटआबू  ,जालौर , सांचोर , बीकानेर , धौलपुर , बांसवाड़ा , डूंगरपुर , प्रतापगढ़ , उदयपुर , राजसमंद , कोटा , बूंदी , सवाई माधोपुर , झालावाड़ , भीलवाड़ा  , चित्तौड़ , पाली , सोजत , मारवाड़ जंक्शन , गंगानगर , बाड़मेर , जैसलमेर , बालोतरा एवं सीकर , झुंझुनू , चूरू इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।।

मध्य प्रदेश में बारिश का पूर्वानुमान -- मध्य प्रदेश के निम्न जिलों में जैसे -- ग्वालियर , मंदसौर , नीमच , रतलाम , इंदौर , उज्जैन , बालाघाट , जबलपुर , देवास , भोपाल इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।।

गुजरात में बारिश का पूर्वानुमान -- गुजरात एवं सौराष्ट्र के निम्न जिलों में जैसे -- सूरत , डांग , वलसाड , नवसारी एवं बड़ौदा , आनंद , भरूच , बनासकांठा , सुरेंद्रनगर , राजकोट , जामनगर , जूनागढ़ , अहमदाबाद , गांधीनगर एवं सौराष्ट्र के कई जिलों में एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।। 

दिल्ली में बारिश का पूर्वानुमान -- दिल्ली में यमुना नदी के उफान पर बहने से दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 सितंबर 2026 तक ।।

महाराष्ट्र , छत्तीसगढ़ , पंजाब , हरियाणा में बारिश का पूर्वानुमान ---  महाराष्ट्र के निम्न जिलों में जैसे -- आकोला , अमरावती , अहमदनगर , औरंगाबाद , कोल्हापुर , जलगांव , नासिक , नागपुर , पुणे , रत्नागिरी , यवतमाल , सांगली , रायगढ़ , मुंबई , सातारा , सोलापुर , नंदुरबार एवं छत्तीसगढ़ के निम्न जिलों में जैसे -- रायगढ़ , बिलासपुर , दुर्ग , बस्तर , बीजापुर , दंतेवाड़ा , रायपुर एवं पंजाब के निम्न जिलों में जैसे -- गुरदासपुर , अमृतसर , जालंधर , लुधियाना , फिरोजपुर , पटियाला , कपूरथला , बठिंडा एवं हरियाणा के निम्न जिलों में जैसे -- सिरसा , हिसार , रेवाड़ी , फरीदाबाद , सोनीपत , पानीपत , करनाल , कुरुक्षेत्र , अंबाला , पंचकूला इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।।

हिमाचल प्रदेश , उत्तराखंड एवं जम्मू कश्मीर , असम ,  अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम में बारिश का पूर्वानुमान --- हिमाचल प्रदेश के निम्न जिलों में जैसे -- चंबा , कांगड़ा , सोलन , शिमला , मंडी , कुल्लू  एवं उत्तराखंड के निम्न जिलों में जैसे -- देहरादून ,  टिहरी , गढ़वाल , उत्तरकाशी , रुद्रप्रयाग , हरिद्वार , गढ़वाल , चमोली , अल्मोड़ा , नैनीताल , पिथौरागढ़ , चंपावत एवं जम्मू कश्मीर में अनंतनाग , श्रीनगर , पुलवामा , बारामूला , सोपोर , रामबन , कुपवाड़ा एवं जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टानें गिरने एवं भूस्खलन होने एवं असम के निम्न जिलों में जैसे --  लखीमपुर , डिब्रूगढ़ , जोरहाट , तिनसुकिया , कोकराझार , गुवाहाटी में एवं अरुणाचल प्रदेश में पश्चिमी कामेंग, कामले, निचले और ऊपरी सुबनसिरी, पापुम पारे , दिबांग घाटी , निचली दिबांग घाटी , लोहित , चांगलांग , क्रा दादी , कुरुंग कुमेय और लोंगडिंग एवं सिक्किम इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।। 

उत्तर प्रदेश एवं बिहार में बारिश का पूर्वानुमान -- उत्तर प्रदेश के निम्न जिलों में जैसे -- गाजियाबाद , मेरठ , आगरा , मुरादाबाद , पीलीभीत , फिरोजाबाद , हाथरस , अलीगढ़ , लखनऊ , मथुरा , बरेली , गोरखपुर , वाराणसी , कानपुर , इटावा , झांसी , इलाहाबाद एवं बिहार के निम्न जिलों में जैसे औरंगाबाद , गया , नवादा , नालंदा , पटना , समस्तीपुर , दरभंगा , मधुबनी , सीतामढ़ी , वैशाली , भागलपुर , पूर्णिया , कटिहार , कोसी नदी में बाढ़ आने के कारण एवं इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।।

केरल में बारिश का पूर्वानुमान  ---  केरल में वायनाड जिले में एवं मुंडक्कई , मेप्पडी और चूरलमाला , नूलपुझा कस्बे में एवं केरल के अन्य इत्यादि उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 20 या 30 प्रतिशत जिलों में भारी बारिश होने के योग एवं बाढ़ भी आने के योग बन सकते है , वहीं दूसरी तरफ उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 50 या 60 प्रतिशत जिलों में सामान्य बारिश या सामान्य से अच्छी बारिश होने के योग भी बन सकते है एवं उपरोक्त दिए गए जिलों में से लगभग 10 या 20 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने से सूखा यानी अकाल भी पड़ सकता है , इसके अलावा उपरोक्त जिलों में आकाशीय बिजली के गिरने से एवं बाढ़ के कारण पुल टूटने से एवं बाढ़ में गाड़ियों के बह जाने से एवं मवेशियों के बह जाने से एवं तालाब या बांध के टूट जाने से एवं राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त एवं सितंबर 2026 के महीनों में इन तारिखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर 2026 तक , इसके अलावा 15 सितंबर 2026 के बाद में भी बारिश होने के योग बनते है , यदि ऐसा हुआ तो कई जगहों पर फसले गल जाएंगी यानी खराब हो जाएगी लेकिन कई स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगह जमीन में पानी अवश्य आ जाएगा ।। 

भारत में साइक्लोन (चक्रवाती ) तूफान आने के योग --- पृथ्वी में तरह तरह की आपदाएं एवं घटनाएं घटती होती रहती है परंतु चक्रवाती तूफान भी एक प्राकृतिक आपदा है जो हर वर्ष तबाही मचाते रहते हैं एवं चक्रवाती तूफान की गणनाओ को ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो भारत में 15 अगस्त 2026 से लेकर 30 नवंबर 2026 के मध्य में एक या दो चक्रवाती तूफान आ सकते हैं यानी भारत में चक्रवार्ती तूफान आने से तटीय क्षेत्रों को काफी नुकसान भी हो सकता है जैसे अरब सागर से ऊठे चक्रवाती तूफान का असर महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र मुंबई , अलीबाग , ठाने , पालघर , रायगढ़ , सिंधुदुर्ग , रत्नागिरी , सतारा , कोल्हापुर , गोवा के तटीय क्षेत्र ,  पणजी , कोंकण के तटीय क्षेत्र एवं दमन , दीव , गुजरात के तटीय क्षेत्र वलसाड , सूरत एवं सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्र भावनगर , पोरबंदर , नलिया , वेरावल , मांगरोल , कांडला एवं कच्छ एवं कर्नाटक के तटीय क्षेत्र चिकमंगलूरु , शिवमोगा , उडुपी , भटकल , हसन एवं केरल के तटीय क्षेत्र तक चक्रवार्ती तूफान का असर हो सकता है , इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान का असर पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एवं कोलकाता एवं उत्तर एवं दक्षिण परगना , पूर्वी मिदनापुर , उड़ीसा के तटीय इलाकों में एवं भुवनेश्वर , बालासोर एवं आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र विशाखापट्टनम एवं तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र चेन्नई , कांचीपुरम , महाबलीपुरम , पांडिचेरी , रामेश्वरम एवं अंडमान निकोबार के दीप समूह तक चक्रवार्ती तूफान का असर बन सकता है , जिससे उपरोक्त दिए गए इलाकों में साइक्लोन तूफान से अत्यधिक बारिश होने से तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आने से काफी तबाही होने से जनहानि होने के योग भी बन सकते हैं एवं आकाशीय बिजली गिरने से एवं चट्टानें खिसकने से एवं भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी घट सकती है , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग अगस्त , सितंबर , अक्टूबर , नवंबर 2026 के महीनों में इन  तारीखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर एवं अक्टूबर 2026 की तारीख जैसे -- 03 , 04 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 16 , 19 , 20 , 21 , 26 , 27 , 28 अक्टूबर एवं नवंबर 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 02 , 06 , 07 , 11 , 12  , 15 , 18  19 , 23 , 24 , 25 , 29 , 30  नवंबर 2026 तक ।।

एशिया महाद्वीप एवं यूरोप एवं लैट्रिन अमेरिकन देशों में तूफान आने एवं बाढ़ आने एवं भूस्खलन होने एवं भूकंप आने के योग --- 18 जुलाई 2026 से लेकर 30 नवंबर 2026 के मध्य में विदेश के इन देशों में निम्न घटनाएं घटित हो सकती है जैसे -- पाकिस्तान , अफगानिस्तान , नेपाल , भूटान , वियतनाम , फिलीपींस , म्यांमार , बांग्लादेश , ताइवान , थाईलैंड , श्रीलंका , इंडोनेशिया , चीन एवं जापान , उत्तर कोरिया , दक्षिण कोरिया एवं ग्रीस , बुल्गारिया , स्पेन , फ्रांस , ब्रिटेन , जर्मनी , इटली , रोमानिया , उरुग्वे , जॉर्जिया , बोस्निया , तुर्की , कुएशिया , अर्जेंटीना , ब्राज़ील , ओमान , यूएई , बेल्जियम , मेक्सिको , ग्वाटेमाला , होंडुरास , अल साल्वाडोर , कोस्टा रिका , हैती , क्यूबा , त्रिनिदाद और टोबैगो , बारबाडोस , सेंटलूसिया , एंटीगुआ और ब्राजील, फ्लोरिडा , टैक्सास , लुइसियाना इत्यादि इन देशों में भयंकर साइक्लोन चक्रवार्ती तूफान के आने से एवं भयंकर बाढ़ के आने से तबाही होने एवं जनहानि होने के योग बन सकते है एवं चक्रवार्ती तूफान का असर बन सकता है एवं इसके अलावा विदेश के उपरोक्त दिए गए देशों में कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टाने खिसकने से या भूस्खलन होने से एवं भूकंप आने से जनहानि होने के योग भी देखने को मिल सकते हैं , उपरोक्त दिए गए ऐसे योग जुलाई , अगस्त , सितंबर , अक्टूबर , नवंबर 2026 के महीनों में इन  तारीखों में ही घटित होते देखे जा सकेंगे एवं जुलाई 2026 की तारीख जैसे -- 21, 22 , 23 , 25 , 28 , 29 , 30 जुलाई एवं अगस्त 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 03 , 04 , 05 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 19 , 20 , 24 , 25 , 27 , 28 अगस्त एवं सितंबर 2026 की तारीख जैसे -- 02 , 05 , 06 , 07 , 11 , 12 , 13 , 17 , 18 , 22 , 23 , 24 , 28 , 29 सितंबर एवं अक्टूबर 2026 की तारीख जैसे -- 03 , 04 , 08 , 09 , 10 , 14 , 15 , 16 , 19 , 20 , 21 , 26 , 27 , 28 अक्टूबर एवं नवंबर 2026 की तारीख जैसे -- 01 , 02 , 06 , 07 , 11 , 12  , 15 , 18  19 , 23 , 24 , 25 , 29 , 30  नवंबर 2026 तक ।।

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