गहलोत बोले... महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें


कार्यालय संवाददाता


जयपुर। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। महाराष्ट्र की घटना इस देश के इतिहास में याद की जाएगी। रात के अंधेरे में जिस रूप में एनडीए गवर्नमेंट और विशेष रूप से बीजेपी ने जो खेल खेला है, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। महाराष्ट्र और हरियाणा के चनाव में जनता ने एक संदेश देने का प्रयास किया था कि जनता चाहती क्या है तब भी बीजेपी सम्भली नहीं है...महाराष्ट में आज जो हआ है उस घटना के बाद में बीजेपी की इस देश में उल्टी गिनती शुरू हो गई है, यह मेरा मानना है। गहलोत रविवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। महाराष्ट्र में भाजपा के मुख्यमंत्री के शपथ लेने तथा तीन दलों के सुप्रीम कोर्ट में जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा इस मामले पर अभी बोलना ठीक नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस पर फैसला आने दीजिए उसके बाद ही इस पर कुछ बोलना ठीक होगा। गहलोत ने कहा कि हां, मैं इतना कह सकता हूं कि महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। जो गर्वनर पद की शपथ लेता है वे किसी पार्टी पालिटिक्स में नहीं होता है। वह राजनीतिक पार्टी छोड़कर निष्पक्ष होने की शपथ लेता है। संविधान की शपथ लेकर राज्यपाल महोदय कुर्सी पर बैठते हैं। उन्होंने किस रूप में बीजेपी नेताओं से षडयंत्र करके बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह जी से मोदी से एक षडयंत्र करके किस प्रकार से शपथ दिलाई गई वह निंदनीय है और नैतिक रूप से राज्यपाल महोदय को कुर्सी पर रहने का कोई अधिकार नहीं रहा है, यह मेरा मानना है। गहलोत ने कहा, जो माहौल है उसमें फडनवीस जी मुख्यमंत्री के रूप में कामयाब हो पाएंगे, यह डाउटफुल है। सीएम और डिप्टी सीएम दोनों ने गिल्टी कॉन्सियश होकर शपथ ली है वे गुड गवर्नेस दे पाएंगे इसमें संदेह है जिसका नुकसान महाराष्ट्र की जनता को होगा। रात में चले घटनाक्रम और एकाएक हुए शपथ ग्रहण को लेकर उन्होंने कहा, पता नहीं कब तो राज्यपाल ने कैबिनेट को मैसेज किया। कब कैबिनेट की मीटिंग हुई कब राष्टपति महोदर को मैसेज गया। और सुबह 5.47 बजे फैसला हुआ। आठ बजे शपथ दिलाई गई। इसकी जरूरत क्या थी। अगर राष्ट्रपति, राज्यपाल महोदय कन्विन्स हो गए तो कोई दिक्कत नहीं थी, दिन में शपथ हो सकती थी। सबको सूचना देते, ढोलनगाड़े बजते जो लाग मुंबई में थे वे आते, शपथ ग्रहण के गवाह बनते इसमें दिक्कत क्या थी? रात के अंधेरे में छिपकर, ऐसी कौन सी चिंता थी जो मोदी जी को, अमित शाह जी को भाजपा के नेताओं को कि रात के अंधेरे में यह सब किया गया। जो यह फैसला किया गया उसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। अब यह गिल्टी कॉन्सियश हो गए हैं।


भाजपा की उल्टी गिनती


शुरू गहलोत ने कहा कि जो हो रहा है उसे पूरा देश देख रहा है। जनता ने हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव में एक संदेश देने का प्रयास किया, लेकिन तब भी बीजेपी संभली नहीं है। इस घटना के बाद में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। यह पूछे जाने पर कि क्या महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक जयपुर लाए जाएंगे। इस पर गहलोत ने कहा अगर विधायक जयपुर आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। जो हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है उससे उनको बचाने का प्रयास हो। उनकी रक्षा और सुरक्षा करने का हमारा कर्तव्य है। निकाय चुनाव में मिली सफलता पर सीएम ने कहा, मैं मतदाताओं के प्रति आभारी हूं। जो माहौल बनाया गया राम मंदिर के नाम पर धारा 370 के नाम पर जैसे अमित शाह बोलते हैं कि हम 50 साल तक राज करेंगे। उनको भ्रम है। जनता समझदार है। देश किस दिशा में जा रहा है। कैसे लोकतंत्र कायम रहेगा कैसे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी कैसे रोजगार मिलने शुरू होंगे अभी नौकरियां जा रही हैं। महाराष्ट्र में लुकाछिपी करके जो गेम हुआ है उसको लेकर पूरा देश स्तब्ध है। कल पूरे मुल्क में इस बात की चर्चा रही। यह एक नजीर बन गई है कि ये लोग किस दिशा में मुल्क को ले जाना चाहते हैं।


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