महाराष्ट्रः सत्ता के 5 समीकरण राज्यपाल सबसे बड़ा दल होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं


मुंबई (एजेंसी)।


महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के 16वें दिन भी सत्ता की तस्वीर साफ नहीं है। विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है और इससे पहले सरकार का गठन जरूरी है। अगर इस तारीख तक कोई दल या गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करता है तो वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। चुनाव में 105 सीटों वाली भाजपा सबसे बड़ा दल है और उसकी गठबंधन सहयोगी शिवसेना के पास 56 विधायक हैं। हालांकि, सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच बात अटकी है। शनिवार तक का वक्त महत्वपूर्ण: महाराष्ट की पिछली विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। तब तक नई सरकार का गठन जरूरी है। इसी वजह से शनिवार तक का वक्त महाराष्ट की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। 50:50 के फॉर्मूला पर भाजपा-शिवसेना में बात अटकी: शिवसेना मख्यमंत्री पद पर 50-50 फॉर्मूला पर अड़ी हुई है। शिवसेना कि मांग है कि भाजपा इसी फॉर्मूले पर एकसाथ चुनाव लड़ने के लिए राजी हुई थी और दोनों पार्टियों के बीच यह पद साझा किया जाना चाहिए। हालांकि, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने न्यूज एजेंसी से कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री के पद पर समझौता नहीं करेगी। शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पर गुरुवार को विधायकों की बैठक हुई। इसके बाद पार्टी ने कहा कि जो उद्धव तय करेंगे, वह फैसला मंजूर होगा।


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