नॉलेज अपडेट जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी ने डिजाइन गुरुडे मनाया


कार्यालय संवाददाता जयपुर।


हाल के वर्षों में डिजाइन युवाओं को कई बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है और विभिन्न विषयों को लेकर युवाओं का पसंदीदा करियर विकल्प भी बन रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस क्षेत्र में समान अनुपात में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और सौंदर्य शास्त्र शामिल हैं। प्रोफेसर एमपी रंजन शुरू से ही डिजाइन क्षेत्र से जुड़े छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत रहे हैं। 9 नवंबर को जेके लक्ष्मीपत की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी ने 'डिजाइन गुरू डे' का आयोजन किया। - डिजाइन गुरु डे, डिजाइनरों का वार्षिक अनुष्ठान है, इस अवसर पर डिजाइन की सीनियर फैकल्टी को जूनियर्स द्वारा सम्मान दिया जाता है। 2015 में प्रो रंजन के असामयिक निधन पर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) के प्रमुख स्नातकों ने डिजाइन से सीनियर फैकल्टी को मान्यता देकर इस प्रसिद्ध डिजाइन गुरु को याद करने और इसे मनाने का फैसला किया और उन्हें 'डिजाइन गुरु' के रूप में सम्मानित किया। इन स्नातकों में दिल्ली के अमित कृष्ण गुलाटी, जयपुर के आयुश कासलीवाल, पुणे के आशीष देशपांडे, बैंगलोर के अभिजीत बंसोड़, दिल्ली के श्रीकृष्ण कुलकर्णी और एबाला सुब्रमण्यम, डीन, इंस्टीट्यूट ऑफडिजाइन, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी, जयपुर शामिल हैं। दर्शकों को अपने और अपने छात्रों के काम और प्रो रंजन के जीवन के बारे में बताते हुए, प्रो विकास ने एनआईडी और उनके कुछ दर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि, कोई भी सही या गलत रास्ते नहीं हैं, केवल उचित रास्ते हैं। यह जानना और सीखना महत्वपूर्ण है कि आपके लिए क्या सही है और कभी भी बेहतर विकल्प को समय का दुश्मन न बनने दें। उन्होंने कहा कि यदि आप डिजाइन क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो आपको मात्र ब्राउज करना ही नहीं बल्कि पढ़ना भी आना होगा। केवल देखने के बजाय अवलोकन करना चाहिए और केवल सुनने के बजाय सुनकर उसे समझना आना चाहिए।"


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