राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है, किसानों की मदद के लिए आपका दखल बेहद जरूरी


एजेंसी


मुंबई। महाराष्ट में सरकार गठन को लेकर बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस और राकांपा नेताओं के बीच मुलाकात शुरू हो गई है। इसमें अहमद पटेल, वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी और महाराष्ट के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण मौजूद हैं। बैठक के बाद सभी नेता कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे। इससे पहले राकांपा प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पवार ने प्रधानमंत्री को दिए पत्र में लिखा- मैंने दो जिलों (मराठवाड़ा और विदर्भ) में भारी बारिश से बर्बाद हुई फसल को लेकर डाटा एकत्रित किया था। चूंकि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है, ऐसे में आपका इस मामले में दखल देना बेहद जरूरी है। यदि आप प्रभावित किसानों की मदद के लिए कुछ त्वरित निर्णय लेते हैं तो मैं आपका आभारी रहूंगा। मैं इस संबंध में और भी जानकारी इकट्ठा कर रहा हूं। आपको जल्द से जल्द भेजूंगा। कल सरकार गठन को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी: राउतः इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, "गुरुवार तक सरकार गठन को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। दिसंबर महीने में राज्य में नई सरकार का गठन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे _बड़ी पार्टी भाजपा स्थिर सरकार नहीं दे पा रही है। इसलिए अन्य दलों पर यह जिम्मेदारी आ जाती है कि वे राज्य में एक स्थिर सरकार दे।" __शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा- अगर पीएम से कोई नेता मिलता है, तो क्या खिचड़ी ही पकती है? कल अगर उद्धव ठाकरे मोदी से किसानों के मुद्दे पर मिलते हैं तो क्या खिचड़ी पकती है? शरद पवार कृषि क्षेत्र के जानकार व्यक्ति हैं, हमने 2 दिन पहले उनसे आग्रह किया था कि वह राज्य में किसानों की समस्याओं को पीएम मोदी के समक्ष रखें। उद्धव ने विधायकों को मातोश्री पर बुलायाः शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि उद्धव ठाकरे ने सभी विधायकों को आधार कार्ड के साथ 22 नवंबर को मातोश्री में बुलाया है। सूत्रों की मानें तो सभी विधायकों को पांच दिन के लिए कपड़े लेकर आने को कहा गया है।


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