समरसता का प्रतीक है परवाज परिदों की जातः राजीव अरोड़ा


जयपुर, 11 नवम्बर।


सद्भावना के सिपाही के दीपावली स्नेह मिलन समारोह में समरसता की संस्कृति की मनोरम झलक दिखाई दीस्टैच्य सर्किल स्थित रॉयल हवेली में हुए कार्यक्रम में हर कौम के लोग एकत्र हुए। सभी लोगों ने एक -दूसरे को गले लगाकर देश की अखंडता की आवाज को बुलंद किया। हमसे तो परिंदों की जात अच्छी एआईपीसी वेस्ट जोन कॉर्डिनेटर व राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि चाहे मंदिर बने या मस्जिद या फिर गिरिजाघर और गुरुद्वारा, इससे समाज में समरसता बढनी चाहिएसद्भावना के सिपाही जयपुर ईकाई भी इसी मकसद से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सन् 2000 में सोनिया गांधी ने देश के कोने-कोने में सद्भावना के सिपाही की बुनियाद रखी थी। इसका कोर्डिनेटर प्रख्यात फिल्म अभिनेता और कुशल राजनीतिज्ञ सुनील दत्त को बनाया गया था। उस वक्त देश में आतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा का माहौल था। ऐसी हालत में सद्भावना के सिपाही ने महत्ती भूमिका निभाई थी।देश के मौजूदा दौर के मद्देनजर अरोड़ा ने एक शेर पढ़ते हुए परिंदों की फितरत की मिसाल दी कि, हम क्या बनाने वाले थे, हम क्या बना बैठे, अरे हमसे तो परिंदों की जात अच्छी जो कभी मंदिर तो कभी मस्जिद पर जा बैठे|


एक साल में 100 लोगों की जिन्दगी हुई रोशनः इस मौके पर उन्होंने कहा कि जेसीएफएमएफ के अंगदान महादान अभियान के बारे में तफ्सील से बताया। उन्होंने कहा कि एक खामोशी व एक अनेक मुस्कान के इस अभियान से पूरे समाज में आज क्रांतिकारी बदलाव दिखाई दे रहा है। इस अभियान का नतीजा है ब्रेन डेथ से मरे लोगों के जीवित अंगों से करीब 100 लोगों की जिन्दगी रोशन हुई है। आज अंगदान महादान के प्रति समाज में जागरुकता बढ़ी है। तू मुझको भूल जाएगा मुझे पहले पता था सब...: इससे पहले मुशायरा और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शहर के नामी शायरों ने वतनपरस्ती के अशआरों और गायकों ने देशभक्ति के नगमों से माहौल में देशप्रेम का जज्बा भर दिया। अय्यूब खान बिस्मिल, शाइस्ता मजहबी, शकील जयपुरी, एजाज उल हक,जीनत कैफी ने वतनपरस्ती के शेरों-शायरी पेश कर तालियां बटोरी। शायरा शाइस्ता मजहबी ने तू मुझको भूल जाएगा मुझे पहले पता था सब, तू किश्तों में सजाएगा मुझे पहले पता था सब...सुनाकर सामइनों को प्रशंसा पाई। कर चले हम फिदा.: सांस्कृतिक कार्यक्रम में शहर के सुरीले गायक गौरव जैन और दीपशिखा जैन ने देशभक्ति से लबरेज कई फिल्मी तरानों को दिलकश अंदाज में पेश किया। कर चले हम फिदा..., संदेसे आते हैं..., जहां-जहां डाल-डाल पे सोने की चिडिया करती है बसेरा...जैसे गीतों से महौल में देशप्रेम का उल्लास छाया रहा। कार्यक्रम का संचालन एंकर प्रीति सक्सैना ने किया। इस मौके पर महापौर विष्णु लाटा, विधायक अमीन कागजी, संजय बाफना, पं.सुरेश मिश्रा, घनश्याम मेहर, बालकिशन खींची सत्यनारायण सिंह पूर्व चेयरमैन डॉग बोर्ड गोपाल केसावत पूर्व चेयरमैन घुमन्तु जाती बोर्ड ,नरेश चंदानी पूर्व अध्यक्ष सिंधी अकादमी, विक्रम सिंह शेखावत, गिरिराज गर्ग, प्रेस क्लब अध्यक्ष अभय जोशी और समेत अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


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