'विज्ञान को लोकप्रिय करने से ही समाज को दी जा सकती है नई दिशा'


जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ फिजिक्स एजुकेशन तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण सोसाइटी, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक व्याख्यान आयोजित किया गया। बेल्जियम के अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठालब्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर एरिक जैक्वीमिन कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे और विषय था पॉपुलराइजेशन ऑफ साइंस प्रोफेसर जैकलीन 'पॉपुलराइजेशन ऑफ साइंस' पर दशकों से अनवरत एवं उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अंतरराष्टीय कलिंग पुरस्कार से पुरस्कृत हो चुके हैंप्रोफेसर एरिक जैक्वीमिन का कहना था कि वर्तमान युग विज्ञान और टेक्नोलॉजी का है, और यह भी एक यथार्थ सत्य है कि आने वाला समाज बड़ी मात्रा में विज्ञान और तकनीकी से जुड़े बिना, विकास के नाम पर तेजी से भाग रही इस दुनिया में स्वावलंबी नहीं रह सकता। यहां तक कि सिर्फ रोटी रोजी की भी बात करनी है, तो भी आपको कहीं न कहीं से अपने युग की आवश्यकता एवं व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार स्वतंत्र नागरिक एवं समाज के रूप में टिके रहने के लिए विज्ञान और टेक्नोलॉजी को अपने स्तर के लायक आत्मसात करना आवश्यक होगा। अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने बड़े इसके लिए उन्होंने विज्ञान के शिक्षकों और छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि विज्ञान साक्षरता को बढ़ाते हुए हमें विज्ञान को विश्वविद्यालयों से बाहर लाकर आम आदमी और स्कूल के छात्रों तक पहुचाना होगा। __उन्होंने विज्ञान के प्रयोगों के प्रदर्शनों को आमजन के लिए मनोरंजक बनाने के लिए जोर दिया। विज्ञान साक्षरता को बढ़ाने के लिए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, विज्ञान मेला, विज्ञान क्लबों का निरंतर आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी आवश्यकता विज्ञान के क्षेत्र में शोध और नवाचार करने की है उससे भी अधिक आवश्यकता है उसे सामान्य जन के लिए लोकप्रिय बनाने की दिशा में कार्य करने की। तभी समाज के साधारण वर्ग के लोग भी विज्ञान के तथ्यों को अपनी-अपनी आवश्यकता के अनुसार, अधिक से अधिक जानने एवं उनको आत्मसात करने के लिए प्रेरित होंगे। इस प्रकार की प्रक्रिया से निश्चित ही हमारे आसपास के परिवेश में रहने वाले स्थानीय समाज की एक बड़ी सेवा होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.के. कोठारी ने की तथा कार्यक्रम का संचालन राजस्थान विश्वविद्यालय के सीडीपीई विभाग वैश्विक बदलावों से लेकर बात आरंभ की के निदेशक डॉक्टर ऋषि कुमार सिंघल ने और बताया कि विज्ञान और नवाचार हमारे किया। अतिथियों का स्वागत वैज्ञानिक भविष्य को बेहतर और उन्नत बनाते हैं। दृष्टिकोण सोसायटी के सचिव तरुण कुमार विज्ञान, तकनीक और नवाचार हमारे जैन तथा राजस्थान विश्वविद्यालय के विज्ञान धारणीय विकास के लक्ष्य को हासिल करने संकाय के डीन प्रोफेसर दीपक भटनागर ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किया।


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