नागरिकता संशोधन विधेयक पर मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत का दोगलापन: डाॅ. सतीश पूनियां


अपने घोषणा-पत्र में किये गये वादों से पलट रही है कांग्रेस: डाॅ. पूनियां
जयपुर मंे भी बनायेंगे महाराजा सूरजमल स्मारक: डाॅ. पूनियां
भाजपा ने महापुरूषों को दी पुष्पांजलि 
जयपुर, 25 दिसम्बर। भारतीय जनता पार्टी ने आज बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिवस, साथ ही भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी व शिक्षाविद् और राजनेता पण्डित मदनमोहन मालवीय जी के जन्मदिवस, आज ही के दिन हिन्दूजा महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस और विद्वान राजनेता स्वाधीनता सेनानी सी. राजगोपालाचार्य जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी उनकी पुण्यतिथि इन चारों महापुरूषों के विशेष दिन को लेकर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरूण चतुर्वेदी, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने इनकी जीवनी पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस देश की राजनीति के अजातशत्रु थे, जिन्होंने बुनियादी विकास से लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा इसके साथ ही दुनियां के प्रतिबंधों एवं चेतावनी के बावजूद पोकरण में परमाणु विस्फोट कर भारत को परमाणु ऊर्जा से सम्पन्न किया, वे दृढ़ इच्छाशक्ति वाले राजनेता थे। उनको देश में इज्जत के साथ महापुरूष का दर्जा मिलता है। इनकी इतनी बड़ी उपलब्धि के लिए ही देश के सर्वोच्च सम्मान ''भारत रत्न'' से नवाजा गया। अटल जी के नाम पर भाजपा मुख्यालय में अटल लाईबे्ररी जिसमें सभी महापुरूषों से सम्बन्धित साहित्य उपलब्ध रहेगा, इसे शीघ्र ही शुरू किया जायेगा। 
डाॅ. पूनियां ने महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि महाराजा सूरजमल ने अपने शौर्य और वीरता के दम पर दिल्ली से लेकर अलीगढ़ तक अपना साम्राज्य फैलाया। जो कोई भी उनकी रियासत भरतपुर की तरफ बूरे मनसूबे के साथ आया उसे हमेशा शिकस्त का सामना करना पड़ा। ना केवल वीर बल्कि एक प्रजा पालक राजा के रूप में हिन्दूआ सूरज महाराजा सूरजमल को इतिहास हमेशा सम्मान देता रहेगा। हर दिन-दुःखी और निर्बल की सहायता के लिए महाराजा सूरजमल हमेशा तैयार रहते थे। उन्होंने ना केवल अपनी धार्मिक पहचान को जिंदा रखा बल्कि हिन्दूओं के सम्मान को बढ़ाया। भरतपुर में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा की नींव 1999 में भारतीय जनता पार्टी ने रखी थी और उन्होंने घोषणा की, जयपुर में भी महाराजा सूरजमल स्मारक बनायेंगे। 
डाॅ. पूनियां ने पण्डित मदनमोहन मालवीय जी के जन्मदिवस, सी. राजगोपालाचार्य जी की जीवनी पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि हमें इन सभी के अनुसार बताये गये रास्ते पर चलना चाहिए। 
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस के घोषणा-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि घोषणा-पत्र के पेज नं. 37 के बिन्दु संख्या 34 में कांग्रेस पाक विस्थापितों के सर्वांगीण विकास का वादा करती है। इसमें नागरिकता से जुड़ी समस्या और पुनर्वास का समाधान शामिल है। इनके विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे विषयों के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाने की बात कही गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व गृहमंत्री पी. चिदम्बरम को पत्र भी लिखा और मांग भी करी थी कि हिन्दू और सिख विस्थापितों को भारत की नागरिकता दी जाये। किन्तु आज इस विधेयक पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री का दोगलापन साफ दिखाई पड़ता है। कांग्रेस देश व प्रदेश की जनता से झूठ बोलकर भ्रम पैदा करके अराजकता का माहौल बना रही है। 
डाॅ. पूनियां ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वार्डों के पुनर्गठन को सरकार ने इस तरह से डिजाइन किया है कि जयपुर, जोधपुर और कोटा को भी माइनाॅरिटी के बहुसंख्यक वार्ड बनाकर तिगडम से कांग्रेस चुनाव जीतने का प्रयास कर रही है। लेकिन सरकार के खिलाफ प्रदेश की जनता में आक्रोश व्याप्त है। यह जन आक्रोशी कांग्रेस की हार का कारण बनेगा। 
इस कार्यक्रम के पश्चात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने शाहपुरा मंे अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। 
इस कार्यक्रम के बाद आमेर विधानसभा के बिलौची में मन्नाशाला स्टेडियम में यंग स्टार प्रतियोगिता द्वारा आयोजित कबड्डी एवं बाॅलीवाल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों एवं जनसमूह को कहा कि मोदी सरकार ने खेलों के विकास के लिये नये आयाम स्थापित किये। इससे ग्रामीण युवा खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हुए है। 
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरूण चतुर्वेदी ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के बारे में बताया कि अटल जी ने वैचारिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुये पार्टी के किसी भी पद पर रहे हो, पर उनका भाव हमेशा यही रहा कि मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूँ, संगठन का कोई भी निर्णय होगा वो मेरे लिये सर्वाेंपरि होगा। उन्होंने 1971 का एक वाक्या बताते हुये कहा कि जो पडौसी राज्य से जो विस्थापित शरणार्थी आये थे, तत्कालिन केन्द्र सरकार ने उनको वापस भेजने का निर्णय किया। तब विस्थापितों ने सत्याग्रह आंदोलन चलाया और जब अटल जी को इस बात की जानकारी मिली तो उस सत्याग्रह आंदोलन में वो निरंतर उनके साथ बैठते थे और जब तक केन्द्र सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया जब तक वो विस्थापितों के साथ उस आंदोलन से जुड़े रहें। गांव के विकास के लिये प्रधानमंत्री गा्रम सड़क योजना भी अटल जी ही लेकर आये थे। उन्होंने संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोंपरि है, हम सभी कार्यकर्ताओं को अटल जी के जीवन को पढ़ना चाहिये और समझना चाहिये और हमकों उस पर अमल करने का प्रयास करना चाहिये। 
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, कैलाश मेघवाल, वीरमदेव सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत, डाॅ. अलका सिंह गुर्जर, सुनील कोठारी, सांसद रामचरण बोहरा, विधायक कालीचरण सराफ, नरपत सिंह राजवी, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पारीक, प्रदेश मीडिया प्रभारी विमल कटियार, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष मधु शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री मंजू शर्मा, मीडिया सम्पर्क प्रमुख आनन्द शर्मा, जयपुर शहर अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता, पूर्व महापौर शील धाभाई, पूर्व उपमहापौर मनोज भारद्वाज, जयपुर शहर मंत्री लक्ष्मीकांत पारीक, मंच संचालन रवि शर्मा ने किया।  


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