पड़ौसी देशों के धार्मिक प्रताड़ितों के लिये मोदी भगवान के समान : चौहान

जयपुर, 23 दिसम्बर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दल वोट बैंक की राजनीति व तुष्टिकरण के कारण देश में आग लगाना चाहते है।


चैहान ने कहा कि देश के विपक्षी दल मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला नहीं कर पा रहे  हैं, इसलिए देश में भ्रम का माहौल पैदा कर रहे है। जबकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के पीड़ित अल्पसंख्यकों के लिये प्रधानमंत्री मोदी भगवान बनकर आये है। शायद इन विपक्षी नेताओं को मासूम शरणार्थियों की बहन-बेटियों की चित्कार से कोई वास्ता नहीं है।


चैहान ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी देश में कम टिकते है और विदेश में ज्यादा रहते है, तो सोनिया गाँधी विधेयक पेश होने के समय तो सदन में एक शब्द नहीं बोली, परन्तु कानून बनने के बाद अपना वीडियो जारी कर आग में घी ड़ालने का काम कर रही है।


चैहान ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला करते हुए कहा कि राजस्थान देश का ऐसा राज्य है जहाँ मुख्यमंत्री स्वयं ''शांति मार्च'' के लिये नेट बंद, मैट्रो बंद, बस बंद व बाजार बंद कर रहे है। उन्होंने कहा कि जयपुर बंद करवाते समय गहलोत शायद भूल गये कि वे राज्य के मुख्यमंत्री है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ज्यादा तीन-तेरह करेंगे तो जनता सरकार चलाने लायक भी नहीं छोड़ेगी। उन्हेांने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन कानून नागरिकता देने का कानून है ना की लेने का।


कार्यक्रम के प्रारम्भ में भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरूण चतुर्वेदी ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि पड़ौसी तीन देशों के शरणार्थियों में सबसे अधिक राजस्थान में है और मुख्यमंत्री गहलोत को ओछी राजनीति करने की जगह राजधर्म निभाते हुए इन शरणार्थियों को नागरिकता देने का कार्य करना चाहिए।


कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी, विधायक कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी सहित प्रबुद्धजन, पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहें।


कार्यक्रम के पश्चात् भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रश्न किया कि क्या संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति केन्द्र के कानून को लागू करने से इंकार कर सकता है? देश में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भय व भ्रम का माहौल पैदा कर रहे है और गहलोत का ''शांति मार्च'' भी राजस्थान में अशांति फैलाने का प्रयास था। परन्तु राजस्थान की जनता कांग्रेस के झांसे में नहीं आयेगी।


चैहान ने कहा कि नागरिकता उन पीड़ित दलित आदिवासी अल्संख्यकों को दी जा रही है जो पड़ौसी देशों में धार्मिक रूप से प्रताड़ित किये जा रहे है, जिनकी रोटी, रोजगार और सुरक्षा को उनसे छीन लिया गया, उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है और उनकी बेटियों का निकाह करवाया जा रहा है।


चैहान ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल ब्।। और एन.आर.सी. को लेकर भ्रम फैलाये जा रहे है, देश का माहौल खराब कर रहे है। जबकि एन.आर.सी. केवल मात्र आसाम में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर लागू हुआ है, वहीं अभी तक एन.आर.सी. लागू करने के लिए ना तो कोई एक्ट बना है, ना कोई संसद में बिल आया है, एन.आर.सी. देश में लागू होने से पहले उस पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।


चैहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर जो भय और भ्रम का वातावरण पूरे देश में कांग्रेस ने फैलाया है उसे दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी जनजागरण अभियान चलायेगी।


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