रेजिडेंट्स की मांग... उनकी फीस 20 गुना अचानक बढ़ा दी, उसे वापस लिया जाए चिकित्सा मंत्री से मिलने पहुंचे रेजिडेंट डॉक्टर्स मांगों पर अड़े, हड़ताल जारी


कार्यालय संवाददाता


जयपुर। प्रदेश के करीब ढाई हजार रेजीडेंट्स डाक्टरों मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। जिससे पहले सुबह रेजिडेंट का एक दल चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से मिलने पहुंचा। इस दौरान रेजिडेंट ने अपनी मांग मंत्री के सामने रखी। जिसके बाद रेजिडेंट ने अपना फैसला जीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) में चर्चा के बाद के लिए छोड़ दिया है। ये हैं रेजीडेंट्स की मांगेः रेजीडेंट्स का कहना है कि उनको वार्ता में संबंधित अफसर ने कोई हल निकालने या मांगों पर फैसले का आश्वासन तक नहीं दिया। उनकी फीस 20 गुना अचानक बढ़ा दी, उसे वापस लिया जाए। एमसीआई नियमों के अनुसार रेजीडेंट्स को या तो हॉस्टल दिया जाए या बेसिक का 16 फीसदी हाउस एलाउंस दिया जाए, लेकिन सरकार जयपुर एसएमएस के ही आधे डाक्टरों को हॉस्टल तक उपलब्ध नहीं करवा रही है। डॉक्टरों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दाः इतना ही नहीं एसएमएस में 480 गार्ड तय किए लेकिन 300 ही लगे हैं, इससे डाक्टरों की सुरक्षा खतरे में हैं। चिकित्सा शिक्षा सचिव द्वारा उनकी मांगों का समाधान नहीं किए जाने से नाराज होकर वार्ता में शामिल सभी सातों सरकारी मेडिकल कालेजों के रेजीडेंट्स ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया


क्यों भड़क गए रेजीडेंट्सः जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (जार्ड) के अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र जांगू ने बताया कि जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, झालावाड़ सहित सभी मेडिकल कालेजों के रेजीडेंट्स की मेडिकल शिक्षा सचिव वैभव गालरिया के साथ वार्ता की थी। उन्होंने 15 दिन पहले चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से बात की थी। जांगू और अन्य पदाधिकारियों का आरोप है कि उनकी फीस 5 हजार रुपए है, लेकिन सरकार ने अचानक 20 गुना बढ़ाकर एक लाख कर दीइसे वापस लें। गालरिया ने कहा-देखेंगे, फाइल चला देंगे, बाकी फैसला सरकार करेगी।


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