अनुराधा पौडवाल ने केरल की महिला की बायलॉजिकल मां होने का दावा खारिज किया, डीएनए टेस्ट के सवाल पर भड़कीं


एजेंसी


केरल। केरल की करमाला मोडेक्स के दावों को सिंगर अनुराधा पौडवाल ने सिरे से खारिज किया है। खास बातचीत में उन्होंने कहा, उस महिला का मानसिक दिवालियापन है। मामला कुछ है ही नहीं। यह तो ठीक ऐसा ही है कि कल कोई भी महिला उठकर आप पर आरोप लगा दे कि वह आपकी पत्नी या बेटी है। ऐसे में क्या किया जाए। मूलरूप से तिरुवनंतपुरम की 45 वर्षीय करमाला ने दावा किया है कि 67 साल की अनुराधा पौडवाल उनकी बायलॉजिकल मां हैं। उन्होंने जिला परिवार न्यायालय में केस दायर कर सिंगर से 50 करोड़ रुपए हर्जाना __ मांगा है। करमाला के वकील अनिल प्रसाद का कहना है कि अगर पौडवाल उनके दावे को खारिज करती हैं तो वे डीएनए टेस्ट की मांग करेंगे। जब इस पर सिंगर की प्रतिक्रिया मांगी गई तो वे क गई। उन्होंने कहा, 'कोई कुत्ता अगर उठकर भौंकना शुरू करे तो आप मुझसे उम्मीद नहीं कर सकते कि मैं भी भौंकने लगूं। मेरी अपनी बेटी (कविता) खुद 1997 में पैदा हुई। प्रावधान जहां लगाना चाहिए, कोर्ट वहां तो _ लगाती नहीं है।' ___मुझे कानूनी पेचीदगियों के बारे में कुछ मालूम नहीं: जब अनुराधा से पूछा गया कि क्या वे अपने वकील के जरिए कोई कदम उठा रही हैं तो उन्होंने कहा, 'जब कुछ करेंगे तो पता चल जाएगा। मैं फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कह सकती। मुझे कानूनी पेचीदगियों के बारे में कुछ मालूम नहीं। ऐसी स्थिति पहले कभी डील नहीं की। ये लोग यकीनन वसूली करने वाले हैं। मैं जानना चाहूंगी कि आखिर किस आधार पर कोर्ट ने केस स्वीकार कर लिया। क्या अदालतें ऐसे मामले स्वीकार करती रहेगी और जो असल गुनहगार हैं, उन्हें छोड़तीरहेगी?'


यह है करमाला का दावा- करमाला का दावा है कि अनुराधा ने उन्हें तब उनके पालक माता-पिता पोंनाचन और अगनेस को दे दिया था, जब वे बमुश्किल 4 दिन की थीं। यह भी कहा है कि उस वक्त पालक पिता आर्मी में थे और महाराष्ट्र में पदस्थ थे। वे अनुराधा के दोस्त भी थे। बाद में उनका केरल ट्रांसफर हो गया। करमाला की मानें तो मरने से पहले पोंनाचन ने उन्हें बताया था कि अनुराधा उनकी बायलॉजिकल मां हैं।


Comments

Popular posts from this blog

जानिए छिपकली से जुड़े शगुन-अपशगुन को

मुख्यमंत्री सोमवार को जारी करेंगे कोरोना की नई गाइड लाइन

शिक्षा विभाग ने स्कूल सफाई कर्मचारियों की उपेक्षा की-शासन नया परिपत्र जारी करे - कर्मचारी संघ