गुर्दे का कैंसर पहुंचा हार्ट तक, आठ घंटे की सफल सर्जरी के बाद स्थापित किया कीर्तिमान संवाददाता ये कहते हैं डॉक्टर विश्व में सिर्फ दो ही सफल


कार्यालय संवाददाता


जयपुर। शहर के चिकित्सकों ने गुर्दे के कैंसर का 24 सेमी बड़ा ट्यूमर निकालने में सफलता प्राप्त की है। इसमें खास बात यह रही कि यह ट्यूमर किडनी की खून की नली के रास्ते होता हुआ 01 के निचले चैम्बर तक अपनी जड़े जमा चुका था एवं विश्व में इस तरह का यह तीसरा सफल ऑपरेशन है। मामला मालवीय नगर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल का है जहां वरिष्ठ यूरोसर्जन डॉ. राकेश शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सको की टीम ने यह कारनामा कर दिखाया। अमूमन इस तरह के मामलों में मरीज की मौत होती आई है। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिकित्सकों की टीम ने इस ऑपरेशन की सक्सेस जर्नी को शेयर किया। चिकित्सकों की टीम में कार्डियक सर्जन डॉ. विमलकांत यादव, गेस्ट्रोसर्जन डॉ. विनय मेहलायरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ जैन, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. शैलेष झंवर, डॉ. आषीश शामिल थे।


विश्व में तीसरी सफल सर्जरी: इस तरह की सफल सर्जरी विश्व में अब तक सिर्फ दो ही हुई है, ये तीसरी है। इसमें ऑपरेशन के उपरांत निकाले गए गुर्दे की बायोप्सी में क्लियर सेल कार्सिनोमा पाया गया। क्लियर सेल कार्सिनोमा प्रकार के कैंसर जो कि 20 सेमी से अधिक हो तथा जिनमें कैंसर हार्ट तक पहुंच चुका हो, अब तक पूरे कीर्तिमान विश्व में सिर्फ दो ही सफल रूप से ऑपरेट हो सके हैं। ये डाटा इंटरनेट पर उपस्थित वर्ल्ड जरनल में उपलब्ध है।


पेशाब में आते थे खून के थक्के, 8 घंटे चला ऑपरेशन: गंगानगर निवासी 60 वर्षीय मरीज अमरजीत सिंह पेशाब में अचानक खून आने और खन के थक्के आने की समस्या से ग्रस्त थे। बीकानेर के विभिन्न अस्पतालो एवं दिल्ली के अस्पतालों तक दिखाने के बाद भी मरीज की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई थी। इसके बाद यूरोलॉजिस्ट डॉ. राकेश शर्मा ने इनका इलाज शुरू किया। प्रारंभिक दौर में इनके सीटी स्केन में गर्दे का कैंसर होना पाया गया। इसके बाद एमआरआई, 2डी ईको में ये पाया गया कि कैंसर NI के निचले दांये चैम्बर ( दायां वेंट्रीकल) में अपनी जगह बना चुका था। इसके बाद सीटी वीएस सर्जन और कार्डियक एनस्थेटिक्स से चर्चा करने के बाद इस पेशेंट को ऑपरेशन के लिए प्लान किया गया। यही इसका अंतिम विकल्प था अन्यथा मरीज की किसी भी समय मौत हो सकती थी। क्योंकि हार्ट में उपस्थित थ्रोम्बस फेफडे में जा सकता था जो किसी भी समय मरीज के लिए प्राणघात साबित हो सकता था।


ये कहते हैं डॉक्टर सर्जरी करने वाली टीम के लीडर डॉ राकेश शर्मा ने बताया कि यदि सर्जरी समय रहते नहीं की जाती तो मरीज की जान कभी भी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को पेशाब में खून या थक्के, वजन की कमी, कमजोरी, भख की कमी जैसी समस्याएं एक साथ नजर आए तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए तथा तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए।


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