कोटा में बच्चों की मौत पर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे मुख्यमंत्री: डाॅ. सतीश पूनियां

अस्पताल को 50 लाख रुपए देने की घोषणा,


लेकिन सरकार ने अस्पताल की सुध तक नहीं ली: डाॅ. पूनियां
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देश भर में राजस्थान को कांग्रेस ने किया शर्मसार: डाॅ. पूनियां
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जयपुर, 02 जनवरी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कोटा में बच्चों की मौत पर सरकार को गैर जिम्मेदार बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बेतुकी बातें करना कि मौतें तो होती रहती है, इस प्रकार का बयान पूरे प्रदेश को दुख पहुँचा है।  
डाॅ. पूनियां ने कहा की कोटा के जे.के. लोन हाॅस्पिटल में मुख्यमंत्री एवं अन्य किसी मंत्री का वहां नहीं जाना, मात्र प्रशासनिक व्यक्ति को वहां भेज कर  लीपापोती कर देना यह दर्शाता है कि सरकार इस मामले पर कितनी लापरवाही से काम कर रही है। गौरतलब है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां के दौरे के बाद ही सरकार हरकत में आई किंतु मात्र कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रही।  मौतों का सिलसिला अभी भी नहीं रुक पाया है। सरकार के पूरे एक साल का कार्यकाल असफलता वाला रहा। इस घटना में लापरवाही पहली घटना नहीं है, नवम्बर महीने में पक्षियों की मौत के मामले पर भी सरकार, हाईकोर्ट के प्रसंज्ञान के बाद ही जागी थी। झूठे वादे करके कि बेरोजगारों को भत्ता देंगे, किसानों का ऋण माफ  करेंगे, लेकिन सरकार बनते ही उन सारे वादों को भूला दिया। बेरोजगारों को अपनी मांग रखने के लिए धरने पर बैठना पड़ता है, पानी की टंकियों पर चढ़ना पड़ता है, फिर भी सरकार के कानों में जूं भी नहीं रेंगती। किसानों को कहां तो यह ऋण माफ के लिए कह रहे थे, जबकि टिड्डी दल के हमलों से किसानों की फसल चैपट हो गई और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। कानून व्यवस्था मैं तो इस सरकार की असफलता का डंका पूरे भारत में बोल रहा है।
कोटा में 100 बच्चों की मौत हो जाना दुखद एवं पीड़ादायक है, किंतु सरकार की नाकामी पर प्रदेश की जनता को जवाब दे, मुख्यमंत्री। कांग्रेस के राज में प्रदेश की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
कांग्रेस सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है, इसलिए नैतिकता के नाते मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
डाॅ. पूनियां ने कहा यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है, मौतों का आंकड़ा 100 के करीब पहुंच चुका है फिर भी मुख्यमंत्री संज्ञान नहीं ले रहे। अस्पताल में सफाई की व्यवस्था बिल्कुल बिगड़ी हुई है, संक्रमण की पूरी संभावना है, आईसीयू में चूहे यहां-वहां घूम रहे हैं। सरकार इस मामले पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उस पर मुख्यमंत्री का अनैतिक बयान कि मौतें तो होती रहती है, बिल्कुल अमानवीय है।  प्रदेश के चिकित्सा मंत्री का यह कहना कि वहां भाजपा के पूर्व मंत्री पर्यटन के लिए गए हैं, अफसोस जनक है। पूर्व मंत्री जब वहां गए तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर सियासत कर रही है, यह स्थिति बहुत ही विस्फोटक है, इस तरीके का नजारा कभी राजस्थान में देखने को नहीं मिला। हमारे तीन डेलिगेशन वहां गए, हम कोई सियासत नहीं कर रहे हैं, ना ही कोई राजनीति कर रहे हैं। इतना सब होने पर भी अगर सरकार नहीं जागती है तो फिर हमें वहां पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ेगा।
डाॅ. पूनियां ने कहा मैं भाजपा के उन तमाम विधायकों को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने तत्काल अस्पताल की स्थिति को सुधारने के लिए 50 लाख की सहायता दी, लेकिन फिर भी एक बेड पर 3-3 बच्चे हैं, सरकार उन्हें अलग से बेड भी उपलब्ध नहीं कर पा रही है। वहां के सांसद बिरला जी ने आॅक्सीजन लाइन के लिए पैसे दिए। वहां पर हमारे संसदीय दल ने रायशुमारी की, महिलाओं से मिले तो, उन्होंने चैंकाने वाला बयान दिया कि हम दुनिया की किसी भी अदालत में इस सरकार के खिलाफ जा सकते हैं, हमारी कोख उजड़ी है, इसके बाद भी सरकार की संवेदना नहीं जागी। यह अफसोस जनक है, सरकार की कमेटी ने मौतों का कारण सामान्य इंफेक्शन बताया है, जबकि अधिक ठंड से बचने के संसाधन उस अस्पताल में बिल्कुल नहीं है, जिस पर सरकार पर्दा डाल रही है और सामान्य इन्फेक्शन बताकर इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है।


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