सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले मुझे बताना चाहिए था, मैं सिर्फ रबर स्टांप नहीं हूं सीएए : केरल के राज्यपाल बोले. केरल सरकार ने


केरल सरकार ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी तिरुवनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गुरुवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानन (सीएए) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने से पहले राज्य सरकार को उन्हें सूचित करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं करके पिनरई विजयन सरकार ने संवैधानिक प्रोटोकॉल और शिष्टाचार को तोड़ा। केरल सरकार ने पिछले __ मंगलवार को सीएए की संवैधानिक वैधता को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। ऐसा करने वाला वह पहला राज्य है। सुप्रीम कोर्ट 60 अन्य याचिकाओं के साथ इस मामले की 22 जनवरी को सुनवाई करेगा।


राज्यपाल ने कहा कि केरल में एक संवैधानिक पद का मुखिया होने के बावजूद मुझे सरकारी फैसले की सूचना अखबार से मिल रही है। साफ तौर पर कहता हूं कि मैं सिर्फ रबर स्टाम्प नहीं हूं। मुझे सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने से कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन सबसे पहले राज्यपाल को सूचित करना चाहिए था। अब मैं पता लगाऊंगा कि क्या राज्य सरकार राज्यपाल की अनुमति के बिना सुप्रीम कोर्ट जा सकती है?


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