पूर्वी राजस्थान नल पूरियोजना मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखा.... पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना घोषित हो राष्ट्रीय परियोजना


कार्यालय संवाददाता


जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अधिशेष ने राज्य की महत्वाकांक्षी पूर्वी बाणगंगाराजस्थान नहर परियोजना के (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की सरकार है। उन्होंने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री परियोजनाओं गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र का लिखकर आग्रह किया है कि लगभग की 37 हजार 247 करोड़ रुपए की दर्जा लागत वाले इस प्रोजेक्ट को शीघ्र जिलों ही राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया के जाए। गहलोत ने अपने पत्र में परियोजना लिखा कि ईआरसीपी से राजस्थान इसकी के 13 जिलों को पेयजल उपलब्ध करना कराने के साथ-साथ 26 विभिन्न कि वृहद् एवं मध्यम परियोजनाओं के नीति माध्यम से 2.8 लाख हैक्टेयर भूमि गहलोत के लिए सिंचाई जल उपलब्ध समक्ष कराना प्रस्तावित है। केन्द्रीय जल मुख्यमंत्री आयोग के पास अनुमोदन के लिए राजस्थान प्रस्तुत ईआरसीपी की विस्तृत किया परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, हुए परियोजना से मानसून के दौरान परियोजना कुन्नू, कुल, पार्वती, कालीसिंध एवं देने मेज नदियों के सब बेसिन के अधिशेष जल को बनास, मोरेल, बाणगंगा, गंभीर एवं पार्बती नदियों के सब बेसिन में पहुंचाया जाना है।


मुख्यमंत्री ने लिखा कि केन्द्र सरकार ने पूर्व में 16 विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है, लेकिन राजस्थान की किसी भी परियोजना को यह दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में पेयजल की गंभीर समस्या के चलते इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देना और इसकी जल्द क्रियान्विति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जून माह में दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में भी गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष यह मामला उठाया था। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में मोदी को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान किया गया उनका वादा याद दिलाते हुए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की थी


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