राजस्थान विधानसभा : पुलिस कस्टडी में युवक की मौत पर सदन में हंगामा अध्यक्ष जोशी ने किए सवाल, धारीवाल और कटारिया में हुई बहस


जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। स्वायत शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल बाड़मेर में पुलिस कस्टडी युवक की मृत्यू के मामले पर बोल रहे थे। इस दौरान धारीवाल और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया आमने सामने हो गए। वहीं विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी मंत्री धारीवाल से बाड़मेर के मामले में सवाल किए। बाड़मेर मामले में धारीवाल ने कहा कि कोई एफआईआर युवक पर नहीं में युवक कान धारीव थी। उसे शक के आधार पर लाया गया था। जिसके बाद वो रात से सुबह तक वहीं बैठा रहा। डेढ़ बजे के करीब उसने शिकायत की उसके सीने में दर्द हो रहा है। आपके द्वारा कहा गया कि उसे रातभर पीटा गया। उसने घरवालों से कहा मुझे ले चलो। वरना ये मुझे मार देंगे। ये सभी बातें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आ जाएंगी। आप पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर लो।


सीपी जोशी बोले- क्या पुलिस इतनी सज्जन है: जिसके बाद अध्यक्ष सीपी जोशी ने धारीवाल से सवाल करते हुए पूछा कि क्या पुलिस इतनी सज्जन रातभर व्यक्ति बैठा रहेगा और वो कुछ नहीं करेगी। एक थानेदार शक के आधार पर उसे लेकर आया। आपने खुद स्टेटमेंट दिया इसका मतलब क्या है कि पुलिसवाले माना कि चोरी इसी ने की है। मैं पूछ रहा कि अब तक इस मामले में जो हुआ उससे हटकर क्या सरकार ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कोई कानून बनाना चाहती पैकेज देंगे। मैं चाहता हूं कि इस पर चर्चा करें।


धारीवाल ने कहा कि विचार कर लिया जाएगा। वहीं उसके जीवन यापन के लिए पैकेज दे दिया जाएगा, लेकिन ये तो पता चले कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कि मारपीट से उसकी मौत हुई है। या फिर हार्ट अटैक से मौत हुई है। जहां तक बात है कि उसके घरवालों को थाने बुलाया गया। थाने बुलाकर उसका पूरा शरीर दिखाया गयाघरवालों ने खुद कहा कि उसके कहीं पर भी चोट नहीं है। इसके बावजूद पोस्टमार्टम करवाया गया।


अध्यक्ष बोले... फिर विभाग ने एसपी और बाकी सभी को सस्पेंड क्यों किया?: धारीवाल बोले कि इसलिए क्योंकि रातभर क्यों बैठाए रखा, बिना एफआईआर के। ये गलती थी। इसे वजह से सस्पेंड किया गया।


अध्यक्ष ने कहा कि चोरी होगी पुलिस बुलाएगी इसको आप रोक नहीं सकते। इसलिए इस पर चर्चा क्यों करें। ये एक प्रक्रिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी आ जाएगी। आप सिंपल बताएं सरकार ने एक एक्शन लिया है। मोटा प्रश्न है कि इस तरह की घटना बराबर होती रहीं हैं। क्या सरकार इस मानवीय दृष्टिकोण पर जिस व्यक्ति के साथ ये घटना हो गई। उसके परिवार की मदद के लिए कुछ करती है। दूसरी बात जब एक आदमी दूसरे से लड़ता है तो मर्डर केस लगता है। अगर पोस्टमार्टम में आ जाता है की मारपीट से मौत हुई है तो क्या सरकार 302 का केस दर्ज करेगी।


धारीवाल ने कहा कि 302 का केस रजिस्टर हो चुका। अगर ये साबित हो जाता है कि मारपीट में उसकी मौत हुई है तो 302 में केस रजिस्टर हो चुका है। जीवनयापन के लिए सरकार कुछ न कुछ देती है। इसके बाद धारीवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सवाल सुनने से पहले ऐसा महौल बना देते हो। मेरा जवाब भी नहीं सुनते हो। आपके पास मेरी बात का जवाब नहीं है। आपने कहा मुझ जैसे गरीब का। आप जैसे गरीब पूरे हिंदुस्तान में जो जाएं तो अमेरिका कहीं नहीं अड़ता। ऐसे गरीब।


जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आप लोगों के फेफड़े में दम है और हमारे में नहीं है। मैने बहुत तरीके से विषय को रखा । कस्टडी में मौत मेरे टाइम में भी हुई हैइसलिए हम चाहते हैं कि पीड़ित परिवार को सहायता दी जाए। जिसके बाद धरीवाल खड़े हुए और सदन हंगामें भी भेंट चढ़ गया।


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