सहर ‘जयपुर जैज एंड ब्लूज फेस्टिवल’ के प्रथम संस्करण का करेगा आयोजन


-- सभी के लिये 28 फरवरी से 1 मार्च तक निःशुल्क जैज संगीत
-- 5 देशों के 55 से अधिक संगीतकार करेंगे शिरकत



जयपुर, 24 फरवरीः एक विश्व-स्तरीय संगीत महोत्सव ‘जयपुर जैज एंड ब्लूज फेस्टिवल‘ का आयोजन जयपुर में 28 फरवरी से 1 मार्च तक किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव सहर इंडिया द्वारा यूनेस्को और राजस्थान टूरिज्म के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, क्यूबा, जर्मनी और भारत के संगीतकारों की प्रस्तुतियाँ जयपुर के प्रसिद्ध सेंट्रल पार्क में निःशुल्क देखने को मिलेंगी - जो कि यूनेस्को द्वारा नामित वर्ल्ड हेरिटेज सिटी है। सहर इंडिया के संस्थापक निदेशक, संजीव भार्गव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।भार्गव ने आगे कहा कि एक संगीत के तौर पर जैज अमेरिका के पीड़ित लोगों की गुलामी की अभिव्यक्ति करता है और शोषण करने वालों के खिलाफ बदलाव की आवाज बुलंद करता है। वर्तमान में यह शैली हमारे देश के युवाओं के लिये बहुत प्रासंगिक है। संगीत एवं संस्कृति पर कुलीन वर्ग या समाज के किसी एक वर्ग का विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इसलिए इस महोत्सव को सभी के लिए खुला और निःशुल्क रखा गया है।



इस अवसर पर राजस्थान पर्यटन के अतिरिक्त निदेशक, संजय पांडे ने कहा कि जयपुर जैज एंड ब्लूज फेस्टिवल के साथ राजस्थान पर्यटन राज्य में संगीत की एक नई शैली ला रहा है। यह फेस्टिवल अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आकर्षण साबित होगा और जयपुर के स्थानीय नागरिकों को संगीत की एक नई शैली से रूबरू कराएगा।



सहर इंडिया ने समकालीन, मिश्रित, लैटिन और मुख्यधारा के जैज एवं इलेक्ट्रिक, पंक और सोल-ब्लूज का चयनित मिश्रण एक मंच के लिये तैयार किया है और उसे संगीत प्रेमियों के गंतव्य वाला महोत्सव बनाया है। इस महोत्सव में भाग लेने जा रहे प्रमुख संगीतकार हैं सनगैजर (यूएसए), किर्क मैकडोनाल्ड (कनाडा), जोआओ बिटनकोर्ट (ब्राजील), बियांका गिजमोटी ट्रियो (ब्राजील), निखिता गांधी (भारत), ध्रुव विश्वनाथ (भारत), आदि। इस महोत्सव के लिये सहर ने शेयरचैट को अपना सोशल मीडिया पार्टनर बनाया है।



सहर भारत का प्रमुख सांस्कृतिक संगठन है, जिसने वर्ष 2011 में भारत के प्रथम बड़े पैमाने के जैज महोत्सव द दिल्ली जैज फेस्टिवल की परिकल्पना और शुरूआत की थी, जो अब एक अत्यंत सफल महोत्सव है। जैज और भारतीय शास्त्रीय संगीत में कई समानताएं हैं, खासकर बेहतरी की कला। 1940 के दशक में कई प्रमुख भारतीय शास्त्रीय संगीतकारों और पश्चिमी जैज संगीतकारों ने गठबंधन शुरू किया था, जिससे संगीत की एक नई शैली विकसित हुई, जिसे इंडो-जैज कहा जाता है। निःशुल्क प्रवेश के साथ ‘जयपुर जैज एंड ब्लूज फेस्टिवल’ का लक्ष्य भारतीय संगीत प्रेमियों के लिये जैज के आनंद के द्वार खोलना है।



सहर के विषय में
संजीव भार्गव द्वारा 1994 में स्थापित, सहर का शाब्दिक अर्थ है ‘पौ फटना‘ या ‘भोर होना‘। अपनी स्थापना के बाद से ही सहर चित्रकला, मूर्तिकला, रंगमंच, नृत्य, संगीत, साहित्य और सिनेमा जगत में विचारशील और कल्पनाशील पहलों का पर्याय रहा है। सहर की स्थापना सांस्कृतिक रूप से अभिजात एक छोटे वर्ग के बजाय, भारतीय संस्कृति को बड़ी संख्या में लोगों तक ले जाने के विजन के साथ की गई थी। पिछले 15 वर्षों में, सहर प्रदर्शनकारी और दृश्य कला के क्षेत्र में सबसे ऊंची प्रतिष्ठा रखने वाले संगठनों में शुमार हो चुका है - प्रदर्शनों की विविधता के साथ ही उस असाधारण ढंग के लिए जिसमें हर किसी को ध्यान में रखा गया है। इसके आयोजनों की कई बार ऐतिहासिक, अभिनव और एकदम अलहदा कहकर तारीफ की गई है।



इनमें प्राचीन स्मारकों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर जीवंत (लाइव) प्रदर्शन शामिल हैं। इनमें से कई तो भारत में पहली बार हुए और उन्होंने हजारों लोगों को आकर्षित किया है। इनके अलावा, सहर की कुछ प्रमुख पहलों में लंदन में ट्राफलगर स्क्वायर और रीजेंट स्ट्रीट पर ‘इंडिया नाउ‘ अभियान, ‘अनन्या- शास्त्रीय नृत्य महोत्सव‘, ‘भक्ति उत्सव‘, ‘दिल्ली जैज फेस्टिवल‘, ‘साउथ एशियन बैंड्स फेस्टिवल‘, ‘सार्क आर्टिस्ट कैंप‘ और ‘उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल‘ सम्मिलित हैं।


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