स्कूलों द्वारा कोर्ट की अवमानना मामले में  हाईकोर्ट में गुहार

स्कूलों द्वारा कोर्ट की अवमानना मामले में  हाईकोर्ट में गुहार



जयपुर। स्कूल फीस मुद्दे को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 7 सितंबर को अपने अंतरिम आदेश के अनुसार निजी विद्यालयों को अभिभावकों से ट्यूशन फीस का 70 फीसदी तीन किश्तों में लेने का आदेश दिया था। किंतु निजी विद्यालयों ने हाईकोर्ट के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाते हुए फूल फीस का 70 फीसदी तीन किश्तों जमा करवाने के सर्कुलर अभिभावकों को जारी कर दबाव बनाना शुरू कर दिया। 



अब कोर्ट की अवमानना के मामले को लेकर संयुक्त अभिभावक समिति के प्रवक्ता अरविंद अग्रवाल ने सीसीपी/32224/2020 न. से दायर करवाई है जिसे कोर्ट ने सूचीबद्ध करने हेतु स्वीकार कर लिया है। 



अधिवक्ता अमित छंगाणी ने जानकारी देते हुए बताया की 7 सितंबर को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने जो आदेश दिया था उसको डिविजनल बैंच में चुनोती दी गई जिसकी सुनवाई 24 सितंबर को होनी थी किंतु कोर्ट ने कोरोना का हवाला देते हुए सुनवाई हेतु सूचीबद्ध नहीं किया गया और अब दिनांक 28 को उक्त मामले में सुनवाई हो सकती है


अधिवक्ता छंगाणी ने बताया कि कोर्ट की अवमानना के संदर्भ में बुधवार को कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी जिसे कोर्ट में गुरुवार को सूचीबद्ध करने हेतु स्वीकार कर लिया है जिसकी सुनवाई की तारीख अगले कुछ दिनों में निर्धारित होगी। 


 


अधिवक्ता अमित छंगाणी के अनुसार अभिभाष्य अरविंद अग्रवाल के दो बच्चे है। एक सेंट ज़ेवियर सी.से. स्कूल जयपुर और दूसरा नीरजा मोदी स्कूल जयपुर में पढ़ रहे हैं और सेंट जेवियर स्कूल बिना ट्यूशन फीस बताये पूरी फीस का 70 फीसदी की मांग कर रहे थे। बाकायदा ट्यूशन फीस जानने के लिए उन्होंने 15 सितंबर को स्कूल को रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजा था जिसकी प्रति शिक्षा अधिकारी जयपुर, जयपुर कलेक्टर और राज्य के शिक्षा मंत्री तक को भी भेजी गई थी, किंतु कोई जवाब ना आने के बाद अरविंद अग्रवाल ने कोर्ट की अवमानना को लेकर कोर्ट में अर्जी लगाई।


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