विधायकों का घेराव कर कर्मचारियों ने  समस्याओं के निराकरण का ज्ञापन दिया

विधायकों का घेराव कर कर्मचारियों ने  समस्याओं के निराकरण का ज्ञापन दिया



जयपुर 08 नवम्बर । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आव्हान पर कर्मचारियों के वेतन से लगातार की जा रही वेतन कटौती रोकने, बोनस के आदेश जारी करने सहित महासंघ के 15 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार द्वारा बरती जा रही लगातार अनदेखी के खिलाफ जारी आंदोलन के चरण में आज प्रदेश भर में 107 से अधिक विधायकों के निवास पर महासंघ के पदाधिकारियों ने घेराव कर उन्हें अपनी मांगो से अवगत कराते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारी से अवगत कराया एवं सरकार पर दबाव बनाने का निवेदन किया।


प्रेस विज्ञप्ति में महासंघ के प्रदेश महामंत्री तेजसिंह राठौड ने बताया कि कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान कर्मचारियों केे उत्कृष्ट कार्यों के कारण राजस्थान सरकार की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है एवं जिस राज्य में कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा आर्थिक सहयोग कर अपना योगदान दिया है उस राज्य में कर्मचारियों की समस्याओं को नजर अंदाज किया जा रहा है जो कहीं भी उचित नहीं है। कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय लगातार उन्हें आर्थिक नुकसान देने की कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है। जिसको लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोस व्याप्त है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारी महासंघ लगातार कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओ से राज्य सरकार को लगातार अवगत कराता आ रहा है लेकिन सरकार बने 2 वर्ष से अधिक समय हो जाने एवं मुख्यमंत्री जी के द्वारा कर्मचारियों के साथ की गयी वीडियों काॅफ्रसिंग पर कर्मचारियों की मांगो पर अविलम्ब वार्ता के आश्वासन के बावजूद भी कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं करने एवं एक तरफा कर्मचारियों की सुविधाओं को छीनने के विरोध में आज राज्यभर में कर्मचारियों ने विधायक निवास पर पहंुचकर विधायकों को अपने मांगो से अवगत कराया ओर आगाह किया की कर्मचारी भी समाज का अभिन्न अंग है। उनकी मांगो को नजर अंदाज किया जाना न्याय संगत नहीं है। इस कडी में जयपुर में सैकडों की संख्या में कर्मचारियों ने सिविल लाईन विधायक एवं परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के निवास पर पहुंच कर एक घंटे से अधिक समय तक घेराव किया तद्परान्त मंत्री जी द्वारा शीघ्र मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता कराने एवं मुख्य सचिव से कर्मचारियों से वार्ता करने के निर्देश देने के आश्वासन के बाद कर्मचारी वहाँ से हटे। वहीं सीकर जिला महासंघ द्वारा कर्मचारियों ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा को भी ज्ञापन देकर समस्याओं से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि महासंघ के आंदोलन की अगली कडी में आगामी 11 नवम्बर 2020 को सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में सत्याग्रह कर सभी जिला मुख्यालयों पर गिरफ्तारी दी जावेगी। 


महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आयुदान सिंह कविया ने सरकार पर कर्मचारियों पर दोहरे हमले करने का आरोप लगाते हुए बताया कि जहाँ एक ओर राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतन कटौती कर, उपार्जित अवकाश के नकद भुगतान पर रोक लगाकर एवं दीपावली पर मिलने वाले बोनस की घोषणा नहीं कर कर्मचारियों को भारी नुकसान दे रही है। वहीं दूसरी ओर केन्द्र सरकार द्वारा मंहगाई भत्ते की किस्त जारी नहीं करने के नाम पर राज्य में भी मंहगाई भत्ते पर रोक लगाकर दोहरी मार कर रही है जो अब कर्मचारियों के लिए असहनीय हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर कर्मचारियों के साथ पूर्व में हुए समझौतो एवं सहमतियों के प्रति भी गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्मचारी कोरोना महामारी के समय आम जनता को ओर परेशानी नहीं देना चाहता लेकिन यदि सरकार ने मजबूर किया तो कर्मचारियों को मजबूर होकर आंदोलन को आगे बढाना पडेगा एवं सरकार की हठधर्मिता के चलते अनावश्यक कर्मचारियों एवं आम जनता को परेशानियों को सामना करना पडेगा। राजधानी जयपुर में घेराव कार्यक्रम में ओेम प्रकाश शर्मा, के.के. गुप्ता, मदन सिंह, मुरारीलाल पारीक, कपिल चैधरी, महेन्द्र कुमार तिवारी, चन्द्रशेखर गुर्जर, नारायण सिंह, सीताराम सुलानिया, मोहन मीणा, रतन कुमार प्रजापति सहित जिला शाखा के पदाधिकारी शामिल थे। 


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