अभिभावकों का धरना जारी , शहीद स्मारक पर किया श्रमदान

अभिभावकों का  धरना जारी , शहीद स्मारक पर किया श्रमदान



--- दी डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन, पशुराम सेना, जयश्री पेड़ीवाल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन, आल राजस्थान दुकानदार व्यापार महासंघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिया संयुक्त अभिभावक संघ को समर्थन



जयपुर 2 नवंबर । संयुक्त अभिभावक संघ द्वारा स्कूल फीस पर अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी धरना दिया। बुधवार को दी डिस्ट्रिक एडवोकेट्स बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा, पशुराम सेना अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी, जयश्री पेड़ीवाल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन यश कुमार, आल राजस्थान दुकानदार व्यापार महासंघ अध्यक्ष किशोर टांक, अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण ब्यूरों (भारत) रघुवीर सिंह राजावत, अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ प्रमोद बाकलीवाल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धरने में अपने पदाधिकारियों को साथ लेकर भाग लिया और संयुक्त अभिभावक संघ को लिखित में अपना समर्थन दिया।



प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू और मनीष विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को संयुक्त अभिभावक संघ ने धरना देंने के साथ-साथ शहीद स्मारक स्थल और आस-पास श्रमदान भी किया इस दौरान संघ पदाधिकारियों और सदस्यों ने शहीद स्मारक पर सफाई अभियान चलाया और पूरे परिसर की सफाई की। 



अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और मंत्री मनोज जसवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त अभिभावक संघ लगातार तीन दिनों से धरना दे रहा है प्रशासन मुकदमों की धमकी देने, धारा 144 का हवाला देने तो आ रहे है लेकिन वार्ता करने हमारी मांगों की सुनवाई करने कोई नही आ रहा है। पिछले आठ महीनों से कोई अभिभावकों की सुन नही रहा है जिसको लेकर आज अभिभावक तीन दिनों से धरना दे रहा है अगर धरना देने से भी सरकार के कानों में जू नही रेंगती है तो यह धरना आमरण अनशन की और भी बढ़ सकता है। स्वीकार करते है अभिभावक वर्तमान परिस्थिति के चलते मजबूर हो रहा है किंतु वह इतना भी मजबूर नही हुए है वह अपना गला खुद ही कटवा लेंवे। 


बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा ने कहा कि जयपुर का ही नही बल्कि प्रदेश का एडवोकेट भी अभिभावक है, पिछले आठ महीनों से कोर्ट नही चल रही है, उसके बावजूद हमे समझौता करना पड़ रहा है, जब प्रदेश में पिछले आठ महीनों से स्कूल खुल ही नही रहे है तो अभिभावक फीस किस बात की देंगे। निजी स्कूल संचालकों को कोर्ट के आदेशों का सम्मान करना चाहिए और इस स्थिति को ध्यान में रखकर अभिभावकों को राहत देनी चाहिए। हम अभिभावकों के साथ है और सदैव साथ खड़े रहेंगे। 31 अगस्त को राजस्थान बन्द में भी समर्थन दिया था और आज भी समर्थन है और आगे भी जारी रहेगा। 


परशुराम सेना अध्यक्ष एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि अभिभावकों का संघर्ष मजबूरी का संघर्ष नही है यह संघर्ष वर्तमान में उतपन्न हुई परिस्थिति का संघर्ष है, ये निजी स्कूल संचालक और सरकार की हठधर्मिता है जो केवल अभिभावकों को ठग रहे है, आज अभिभावकों को राहत की दरकार है पिछले आठ महीनों से स्कूल नही खुला, कभी ऑनलाइन के नाम पर फीस, कभी रहिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के नाम पर फीस तो कभी बच्चो के भविष्य का डर दिखाकर फीस वसूली जा रही है। पिछले आठ महीनों में केवल फीस वसूलने की योजना बनाई जा रही है लेकिन पढ़ाई करवाने की योजना पर ना स्कूल जवाब दे रहा है ना सरकार जवाब दे रही है। अब भी सरकार ने सिलेबस 50 फीसदी पर लाने की योजना बनाकर स्कूलों को संरक्षण दे रहे है। पशुराम सेना एक सामाजिक संगठन है उसमें जुड़ा प्रत्येक सदस्य भी अभिभावक है, अभिभावकों की पीड़ा समझते है इसलिए अभिभावकों के साथ बैठे है।


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