शिक्षा विभाग ने स्कूल सफाई कर्मचारियों की उपेक्षा की-शासन नया परिपत्र जारी करे - कर्मचारी संघ

 शिक्षा विभाग ने  स्कूल सफाई कर्मचारियों की उपेक्षा की-शासन नया परिपत्र जारी करे - कर्मचारी संघ 

     


           

      छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु जिलों विभागों संचनालय आदि से निर्धारित प्रपत्र में जानकारी मंगाई जा रही है जिसमें अनियमित दैनिक वेतन भोगी संविदा एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों की जानकारी मंगाई गई है प्रदेश के 47000 आरक्षित वर्ग के स्कूलों में काम करने वाले स्कूल सफाई कर्मचारियों की जानकारी ना मांग कर उनकी उपेक्षा की गई है जबकि राज्य सरकार उन्हें अंशकालिक से पूर्णकालिक करने अपने जन घोषणा पत्र में मांग को शामिल किया था/

        छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ एवं स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि वह मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए जानकारी एकत्रित करावे प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष खांडेकर मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने  प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदेश में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग में कार्यरत अनियमित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संविदा कर्मचारी प्लेसमेंट कर्मचारी आदि की जानकारी मंगाई है किंतु स्कूल शिक्षा विभाग से जारी 2 जनवरी 2021 के परिपत्र में कहीं भी अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी के संबंध में उल्लेख नहीं किया गया है जबकि प्रदेश के सभी शासकीय शालाओं में अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं जिनकी संख्या 47 हजार के लगभग है जिन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में लंबा आंदोलन ईदगाह मैदान में किया था आंदोलन के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल जी प्रतिपक्ष के नेता के रूप में तथा टी एस सिंहदेव मंत्री छत्तीसगढ़ शासन जन घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष के रूप में इनकी मांगों को अपनी चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था मंत्रालय से लेकर विभागाध्यक्ष एवं जिलों में पदस्थ उच्च अधिकारी आज भी अनियमित कर्मचारी की परिभाषा को नहीं समझ पा रहे हैं प्रदेश में अनियमित कर्मचारी वही कर्मचारी है जो शासकीय शालाओं कार्यालयों विश्वविद्यालयों आदि में अस्थाई रूप से कार्य करते हुए राज्य शासन के राजकोष से वेतन मानदेय पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं किंतु वह नियमित कर्मचारी नहीं है उन्हें ही अनियमित कर्मचारी कहा जाता है ऐसी स्थिति में प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा संतोष खांडेकर बजरंग मिश्रा गोपाल प्रसाद साहू अनिल देवांगन प्रदीप पलांगे श्रीमती छाया साहू भीम कुमार पटेला आदि नेताओं ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं शिक्षा मंत्री से मांग की है कि स्कूल सफाई कर्मचारियों को भी नियमितीकरण में चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप शामिल किया जाए अन्यथा प्रदेश के हजारों स्कूल सफाई कर्मचारियों को आंदोलन करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा ज्ञातव्य है कि विगत सप्ताह विमानतल पर स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के संरक्षक  सुंदरलाल जोगी के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री माननीय रूद्र गुरु जी मंत्री तथा माननीय  शिव डहरिया जी मंत्री से भेंट कर स्कूल सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की गई थी प्रतिनिधिमंडल को उक्त तीनों नेताओं ने आश्वस्त किया था कि इस बजट सत्र में स्कूल सफाई कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय विचार करने हेतु बजट प्रस्ताव स्वीकार किया जावेगा किंतु मुख्यमंत्री और दोनों मंत्री के निर्देश के विपरित उक्त परिपत्र स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।


 *दीपक कुमार प्रिया* 

*स्टेट ब्यूरो चीफ छत्तीसगढ़*

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