घिनौने कृत्य में क्या जयपुर के शैल्बी हॉस्पिटल का प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बच सकता है?

घिनौने कृत्य में क्या जयपुर के शैल्बी हॉस्पिटल का प्रबंधन  जिम्मेदारी से बच सकता है?

किसी सेक्स रैकेट से तो जुड़ा नहीं है खुशी राम, ये भी जाँच का विषय है? 

घुटना ट्रांसप्लांट के मशहूर डॉक्टर विक्रम शाह हैं शैल्बी हॉस्पिटल के मालिक। 

जयपुर । कोई युवती ऑपरेशन के बाद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो और जान बचाने के लिए उसे वेंटिलेटर पलंग पर रखा गया, मुंह पर ऑक्सीजन मास्क को युवती बेहोशी की हालत में न हटाए, इसलिए उसके दोनों हाथ भी बांध दिए गए। यानि इस स्थिति में महिला मरीज पूरी तरह हॉस्पिटल के प्रबंधन चिकित्सा और नर्सिंग स्टाफ के भरोसे थी। ऐसी स्थिति में हॉस्पिटल का कोई नर्सिंग कर्मी यदि अपनी ड्यूटी के दौरान युवती के साथ रात भर अश्लील हरकतें करें तो युवती की लाचारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसा घिनौना कृत्य राजस्थान के जयपुर के गांधी इलाके के निजी क्षेत्र के शैल्बी हॉस्पिटल में 15 मार्च की रात को हुआ। युवती के पति की शिकायत पर जयपुर पुलिस ने शैल्बी अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी खुशीराम को गिरफ्तार कर लिया है। सवाल उठता है कि क्या सिर्फ खुशीराम की गिरफ्तारी से यह मामला शांत हो जाएगा? यदि यही घटना किसी सरकारी अस्पताल में हो जाती तो पूरा आईसीयू स्टाफ के साथ साथ अस्पताल अधीक्षक और प्रिंसिपल को भी निलंबित होना पड़ता। इतना ही नहीं प्रदेश के चिकित्सा मंत्री से भी इस्तीफा मांगा जाता। क्या शैल्बी अस्पताल के आईसीयू यूनिट में सिर्फ एक नर्सिंग कर्मी की ही ड्यूटी होती है? क्या ऑपरेशन हुए मरीज की जांच पड़ताल के लिए रात को कोई चिकित्सक नहीं रहता? सुविधाएं देने के नाम पर निजी अस्पताल तो मोटी फीस वसूलते हैं। यदि किसी युवती को अश्लीलता की हरकतों की वजह से रात भर तडफ़ना पड़े तो हॉस्पिटल प्रबंधन और उसके जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदार से बच नहीं सकते। जयपुर पुलिस सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाए। यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है तो जिम्मेदार चिकित्सकों और हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्यवाही होनी ही चाहिए। सरकारी और निजी क्षेत्र के अस्पतालों में कार्यवाही पर समानता होनी चाहिए। 

डॉ. विक्रम शाह का है शैल्बी अस्पताल:

15 मार्च की रात को जयपुर के जिस शैल्बी अस्पताल में युवती से अश्लीलता हुई वह अस्पताल घुटना ट्रांसप्लांट के मशहूर सर्जन डॉ. विक्रम शाह का है। डॉ. शाह ही इस अस्पताल के सीएमडी हैं। घुटना ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में देशभर में डॉ. शाह का नाम है। घुटनों के इलाज के लिए विदेश से भी मरीज आते हैं। डॉ. शाह का गुजरात के अहमदाबाद में भी बड़ा अस्पताल हैं। डॉ. शाह के अस्पतालों में हजारों कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन डॉ. शाह जो नीति बनाते हैं उसी के अनुरूप अस्पतालों का संचालन होता है। (एस. पी. मित्तल की कलम से साभार ) 

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