16घंटे तक लाश को जगाती रही बच्ची

16घंटे तक लाश को जगाती रही बच्ची

वीडियो कॉल से पता चली मौत की खबर

              पिता की लाश के पास 8 साल की बच्ची। 

पटना। कोरोना के लक्षण के बाद भी पिता की मौत का नहीं खुला राज, जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी बेटी को किया क्वारंटाइन, 8 साल की मासूम बेटी हर दिन की तरह अपने पापा को जगा रही थी। वह बार-बार सिर पर हाथ फेरकर कह रही थी-उठ जाओ पापा आखिर कितनी देर तक सोते रहोगे। कभी पेट पकड़कर भूख का बहना बनाती तो कभी कुछ और बात कहकर पापा को जगाने का प्रयास करती रही, लेकिन वह नहीं उठा। बेटी एक बार भूख की बात कहती थी, पापा उठकर बैठ जाते थे, लेकिन इस बार उसे भी नहीं पता था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। 8 साल की मासूम ने गुरुवार को होटल पाटलिपुत्र अशोक में कोरोना की जांच कराने के दौरान रो-रोकर जब यह कहानी सुनाई तो डॉक्टरों की आंख भी नम हो गईं। मासूम 16 घंटे तक अपने पिता को किसी न किसी बहाने से जगाती रही, लेकिन मौत की नींद सोया पिता नहीं उठा। कोरोना काल में इस तरह की मौत पर रामकृष्णा नगर के मधुबन कॉलोनी रोड नंबर 5 इलाके के लोगों की आंख नम हैं।

अकेले बेटी के साथ 5वीं मंजिल पर किराए पर रहते थे:

हिलसा के रहने वाले प्रभात कुमार (45 वर्ष) पटना के पूर्वी राम कृषणा नगर के मधुबन कालोनी रोड नम्बर 5 के NTPC निवासी मनोहर कुमार के घर में किराए पर पांचवीं मंजिल पर कमरा लेकर रहते थे। प्रभात पटना के राजा मार्केट में गोस्वामी नाम के एक व्यक्ति के साथ हार्डवेयर की दुकान करते थे। बताया जा रहा है कि पत्नी से उनका सम्बन्ध ठीक नहीं था। डिवोर्स के लिए भी मामला चल रहा था, ऐसा मोहल्ले के लोगों का कहना है। प्रभात की एक 8 साल की बेटी है, जिसका नाम राधा रानी है, वह बेटी के साथ ही पटना में रहते थे।

एक हफ्ते से सर्दी-खांसी और बुखार था:

मकान मालिक मनोहर का कहना है कि इधर कई दिनों से प्रभात की तबियत खराब चल रही थी। वह सर्दी-खांसी और बुखार से परेशान थे। कोरोना जैसा पूरा सिम्टम्स था, लेकिन जांच नहीं कराई थी। प्राइवेट में ही किसी डॉक्टर से दवा ले रहे थे। दो दिन पहले मिलने गए तो कह रहे थे कि दवा से कोई आराम नहीं है। वह डायबिटिज पेशेंट भी थे। दो दिन पहले बोले कि कमजोरी ज्यादा है, इसलिए बाहर से बिस्कुट और कुछ खाने का सामान ला दीजिए। मकान मालिक ने खाने का सामान ला दिया। इसके बाद फिर उन्होंने मकान मालिक से कहा कि खाना बनवाकर भेजवा दीजिएगा तो खाना भी भेजवा दिया।

बेटी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई:

बेटी राधा रानी की जांच रिपोर्ट तो निगेटिव आई है, लेकिन उसके पिता को जो लक्षण थे, उसके हिसाब से मोहल्ले वाले कोरोना से मौत की बात कह रहे हैं, इस घटना में प्रशासन की मनमानी भी सामने आई है। स्थानीय विधायक के आने के बाद ही शव को वहां से हटाया जा सका।

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