पति को बचाने अस्पताल में शारीरिक शोषण सहती रही

पति को बचाने अस्पताल में शारीरिक शोषण सहती रही 

मौत के बाद बयां की दर्द भरी दास्तां



 

भागलपुर। पूरे देश में महामारी (CORONA CASES)के इस दौर में इनदिनों पूरे देश की व्यवस्था तहस नहस हो गई है इसी बिच भागलपुर से एक शर्मनाक(SHAMELESS) घटना सामने आ रही है रुचि रोशन पर गमों का पहाड़ टूट कर गिर पड़ा है। रुचि रोशन अपने पति रोशन चंद्र दास को प्यार से बाबू कहकर बुलाती थी। भागलपुर से पटना तक चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से रुचि का बाबू का साथ छूट गया। 10 दिन बाद दोनों की शादी की सालगिरह थी। सालगिरह घर पर ही मनाने का प्लान बनाया था। चिकित्सकों की एक लापरवाही ने सारे सपने को एक झटके में धराशाई कर दिया।

 

आपको बता दे आइसीयू वार्ड में रूचि का पति एडमिट था जहाँ उसे कोई देखने वाला नहीं था। रुचि ने कहा कि स्वर हॉस्पिटल के सीनियर डॉ. अखिलेश भी गलत नजर से देखता था। आइसीयू में आने जाने के क्रम में चिकित्सक शरीर को टच करता था। ऐसे में काफी गुस्सा आता था और चप्पल खोल कर मारने का मन करता था, लेकिन पति आइसीयू में भर्ती और हालत गंभीर होने के कारण वह चुप रही।

जानकारी के लिए बता दे महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजेश्वर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन को लेकर काफी लापरवाही बरती गई। डेढ़-डेढ़ घंटे तक ऑक्सीजन बंद रहता था। वह बाजार से ज्यादा दर पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करती थी। चिकित्सकों की लापरवाही इस कदर की ऑक्सीजन मास्क नाक में लगाने के बाद पाइप जोड़ना भी भूल गया। जब पति ने मिस कॉल दिया तो अंदर जाकर देखा तो  हम भी दंग रह गए।

 

वही पत्नी रुचि रोशन ने कहा कि कोरोना की जांच एंटीजन किट और आरटीपीसीआर से कराई थी। दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद, नोएडा की परिचित डॉक्टर ने  पति का सिटी स्कैन कराया था। सिटी स्कैन में फेफड़े में संक्रमण निकला था, जो इलाज के बाद ठीक हो जाता। पीड़िता रुचि रोशन के साथ पहले ग्लोकल हॉस्पिटल के कंपाउंडर ने अश्लील हरकत की। इसके बाद बाद भी महिला चुप रही। मेडिकल अस्पताल गई। यहां सही तरीके से इलाज नहीं हुआ। थक हार कर एंबुलेंस से पटना गई। पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में भी डॉक्टर ने भी अश्लील हरकत की।

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