सनातन धर्म ध्वजा सात दिवस में पुनः स्थापित की जावे

 धर्म ध्वजा को अपमानित कर देश की अखण्डता 

को विभाजित करने वालों  की गिरफ्तारी की मांग


सनातन धर्म ध्वजा  सात दिवस में पुनः स्थापित की जावे। 


जयपुर। पिंकसिटी प्रेस क्लब में शनिवार को अग्रणी सनातन संगठनों द्वारा आमागढ पहाड़ी क्षेत्र में धर्मध्वजा को अपमानित करने वालों के खिलाफ प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें शामिल राष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष  विजय कौशिक (अशोक) ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि धर्मध्वजा को अपमानित करने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जायेगा। सनातन धर्म ध्वजा को अपमानित कर देश की अखण्डता एवं समाज की एकता को विखण्डित करने वाले लोग देश व समाज के लिए नासूर हैं। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तुरन्त संविधान के अनुसार कार्यवाही करके गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि, संवैधानिक पद पर रहते हुए धर्म और समाज को तोड़ने का प्रयास करने वालों की सदस्यता निष्कासित की जाऐ।

सर्वसमाज संघर्ष समिति के संयोजक एड. अनिल चतुर्वेदी , शिवसेना हिन्दुस्तान के सह प्रभारी विमल शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को संविधान एवं कानून में दिये अधिकार के तहत कार्यवाही करनी चाहिए। किसी के द्वारा कानून हाथ में लेने की स्वीकृति नहीं है।

वार्ड पार्षद ने पत्रकारों को बताया कि किसी भी धर्म या सम्प्रदाय की भावनाएं आहत करके राजनीती करना बहुत ही निन्दनीय है।

इसमें योगेशरी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का पत्रकारों से परिचय करवाते हुए जयपुर में आमागढ़ में धर्मध्वजा फाडने एवं उसके बाद हुए घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए इसे राजस्थान के लिए बहुत शर्मनाक बताया।

इस अवसर पर  उपस्थित कर्नल देव लौह मरोड ने आमागढ प्रकरण की कड़ी निन्दा करते हुए समाज व देश में एकता बनाये रखने की अपील की।

अन्त में  विजय कौशिक एवं सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने राज्य सरकार से सावन मास में कावडियों को निश्चित संख्या में अनुमति देने का निवेदन किया एवं सभी शिवालयों पर गंगाजल व गलता तीर्थ व अन्य तीर्थ स्थलों के पवित्र जल की व्यवस्था सरकार करवावे। जिससे समस्त शिव भक्तों को शिव आराधना का उचित लाभ मिल सके और कोरोना महामारी से भी बचा जा सके ।

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