पुनर्जन्म की यादें लेकर घर पहुंचा बेटा,

 पुनर्जन्म की यादें लेकर घर पहुंचा बेटा

'मौत' का कारण बताया तो छलके मां-बाप के आंसू


मैनपुरी। क्या आप पुनर्जन्म में भरोसा करते हैं, आप कह सकते हैं कि ऐसी फिल्में बहुत देखी हैं, बचपन में आपने पुनर्जन्म की कहानियां और किस्से सुने हैं, लेकिन ये कहानियां और किस्से कभी हकीकत में बदल सकते हैं तो ऐसा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के औछा थाना क्षेत्र के नगला सलेही गांव में देखने को मिला। गुरुवार को गांव निवासी प्रमोद कुमार के घर एक 8 वर्षीय बालक पहुंचा। . वह प्रमोद को पिता और उनकी पत्नी को मां कहकर बुलाने लगा. प्रमोद पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जब बालक ने बताया कि नहाते वक्त उसकी नहर में डूबकर मौत हो गई थी. इतना सुनते ही प्रमोद और उनकी पत्नी ने बालक को गले लगा लिया. उनकी आंखें छलक आईं। 

दरअसल, औछा थाना क्षेत्र के नगला अमर सिंह गांव निवासी रामनरेश अपने बेटे को लेकर प्रमोद कुमार के यहां पहुंचे थे. रामनरेश ने बताया कि उनके यहां वर्ष 2013 में एक पुत्र ने जन्म लिया, जिसका नाम घर वालों ने कर्मवीर रखा. कर्मवीर जब चार साल का हुआ तो टूटी-फूटी जुबान से बोलना शुरू किया. जब गांव के बच्चे उसको परेशान करते तो वह नहर में डूबने की बात करने लगता. रामनरेश ने बताया कि कर्मवीर की मुंह से नहर में डूबने की बातें सुनकर उन लोगों को अटपटा लगता कि आखिर ये नहर में डूबने की बात क्यों बोलता है. उसकी मां और मैं घबरा भी जाते और उसे नहर की तरफ नहीं जाने देते. उसके रवैये से घर वाले काफी परेशान रहते थे। 

रामनरेश ने बताया कि जब कर्मवीर की उम्र 8 वर्ष हुई तब शिक्षा के लिए गांव के ही माध्यमिक विद्यालय में दाखिला करा दिया गया. रामनेरश ने बताया कि दो दिन पहले वह एक नाई की दुकान पर बाल की कटिंग करा रहे थे. उन्होंने दुकान पर अपने बेटे कर्मवीर के नहर में डूबने वाली बात बार-बार बोलने का जिक्र किया तो कटिंग कर रहे व्यक्ति प्रमोद ने बताया कि उनके बेटे की मौत 2013 में नहर में डूबने से मौत हो गई थी. प्रमोद के मुंह से यह बात सुनकर रामनरेश स्तब्ध रह गए. घर आकर उन्होंने परिवारी जनों को यह जानकारी दी। 

दूसरे दिन परिवार की सहमति पर रामनरेश अपने बेटे कर्मवीर को लेकर नगला सलेही गांव पहुंचे, जहां प्रमोद, उनकी पत्नी और बेटी को एक ही पल में कर्मवीर ने पहचान लिया और माता-पिता, बहन कहकर बुलाने लगा. प्रमोद पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जब बालक ने बताया कि नहाते वक्त उसकी नहर में डूबकर मौत हो गई थी. इतना सुनते ही प्रमोद और उनकी पत्नी ने बालक को गले लगा लिया। 8 साल पुरानी यादें ताजा हो गईं. उनकी आंखें छलक आईं. प्रमोद ने बताया कि उनके पुत्र रोहित की 13 वर्ष की उम्र में 2013 में नहर में डूबने से मौत हो गई थी. उनके इकलौते बेटे की मौत के बाद वह बेटी के सहारे ही जीवन बिता रहे थे. उनका बेटा माध्यमिक विद्यालय सलेही में पढ़ता था। 


बालक कर्मवीर के पुनर्जन्म की बातों को सुनने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र हो गई. इस बीच वहां नगला सलेही विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाष यादव आ गए। उन्हें देखकर कर्मवीर ने उनके पैर छूए और नाम से संबोधित किया। प्रधानाध्यापक सच जानने के लिए कर्मवीर को विद्यालय ले गए तो उसने पूर्वजन्म में अपनी कक्षा के बारे में भी बताया।  वहीं आसपास के लोग भी बच्चे के पुनर्जन्म की बातें सुनकर हैरान थे।  उसने जो कुछ भी बताया, ग्रामीणों के अनुसार वो सब सही है। इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 

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