35 लाख रुपये में हुई थी डील

व्हाट्सएप्प पर लीक हो गया था NEET 2021 का पेपर, 

35 लाख रुपये में हुई थी डील



जयपुर। देशभर में रविवार को नीट (NEET) की परीक्षा का आयोजन किया गया था. राजस्थान के प्रमुख शहरों के साथ-साथ जयपुर में भी इस परीक्षा का आयोजन किया गया था. जयपुर जिले के भांकरोटा स्थित राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी भी रविवार को आयोजित नीट परीक्षा का परीक्षा केन्द्र था. इस परीक्षा का आयोजन समय  दोपहर 2: 00 बजे से 5: 00 बजे के बीच किया गया था. परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले जयपुर पुलिस के डी.एस.टी शाखा के हेड कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रामसिंह और सहायक पुलिस आयुक्त वैशालीनगर रायसिंह को यह सूचना दी कि राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में आयोजित नीट परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र के परीक्षक व वहां के अधिकारी संबंधित प्रश्नपत्र को परीक्षा केन्द्र के परिसर के बाहर भेजकर प्रश्नपत्र को हल करवाकर परीक्षार्थियों को नकल करवाई जाएगी. इसकी एवज में परीक्षार्थियों से भारी राशि 35-35 लाख रुपये ली जाएगी।



डीसीपी वेस्ट ऋचा तोमर ने बताया कि परीक्षा शुरु होने में समय बहुत कम था परन्तु इस सूचना को गम्भीरता से लेते हुए आनन-फानन में जयपुर पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए एक ऑपरेशन प्लान बनाया गया. इसके बाद विशेष टीमें अलग-अलग जगह गठित करके रवाना की गई. रायसिंह एसीपी वैशालीनगर- रायसिंह को परीक्षा केन्द्र के अन्दर कार्य करने वाले वीक्षकगणों (इनविजीलेटर) और परीक्षा आयोजित करने से संबंधित अधिकारियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने एवं कार्रवाई करने का दायित्व सौंपा गया. मुकेश चौधरी थानाधिकारी भांकरोटा- मुकेश चौधरी को परीक्षा केन्द्र के अन्दर बाहर की गतिविधियों पर रायसिंह के निर्देशन में निगरानी रखने एवं कार्रवाई करने का दायित्व सौंपा गया. वहीं, पन्नालाल जांगिड़ थानाधिकारी चित्रकूट- पन्नालाल जांगिड को चित्रकूट स्थित स्वास्तिक अपार्टमेंट में प्रश्नपत्र हल करने वाली टीम पर निगरानी एवं कार्रवाई करने का दायित्व सौंपा गया और नरेंद्र कुमार खीचड़ प्रभारी डी.एस.टी. पश्चिम को कावेरी पथ मानसरोवर में बीच के दलालों की गतिविधियों पर निगरानी रखने एवं कार्रवाई करने का दायित्व सौंपा गया।

RIET कॉलेज के परीक्षा केन्द्र के कमरा नं0 35 में संदिग्ध गतिविधियां नजर आने पर वीक्षक रामसिंह से पूछताछ की गई तो बताया कि नवरतन स्वामी निवासी गांव लसाडिया, श्रीमाधोपुर जिला सीकर मेरा परिचित है तथा बानसूर में राईफल डिफेंस एकेडमी के नाम से कोचिंग इन्स्टीट्यूट चलाता है. नवरतन स्वामी किसी अनिल यादव निवासी निवारू रोड़ का दोस्त है. अनिल यादव की निवारू रोड पर ई-मित्र की दुकान हैं. मास्टर माइंड नवरत्न स्वामी के मित्र अनिल यादव की ई मित्र की दुकान के पास उसके परिचित सुनील कुमार यादव का मकान है, जिसकी भतीजी धनेश्वरी यादव का नीट परीक्षा केन्द्र राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी भाकरोटा में आया है, जिसे 35 लाख रुपये लेकर इस परीक्षा में सफल करवाने का सौदा इनविजीलेटर रामसिंह और नवरत्न स्वामी के बीच हुआ था। 


इनविजीलेटर रामसिंह ने अपने मोबाइल से कैंडीडेट धनेश्वरी यादव के प्रश्नपत्र का मोबाइल से फोटो खींचकर अपने मित्र पंकज यादव को हल करने के लिए भेजा जो चित्रकूट में स्वास्तिक अपार्टमेंट में मौजूद था लेकिन वाट्सऐप पर भेजी गई. पेपर की फोटो क्लियर नहीं थी. इसके बाद इनविजीलेटर रामसिंह ने RIET कॉलेज के प्रशासक मुकेश सामोता के मोबाइल से दोबारा इस पेपर को भेजा, जिसके बाद पंकज यादव और संदीप नाम के व्यक्ति ने इस पेपर को सीकर भेजकर हल करवाया और उसे पूरी आंसर की के साथ करीब साढ़े चार बजे वापस भेज दिया. एग्जाम सेंटर के वीक्षक रामसिंह और प्रशासक मुकेश समोता ने इस आंसर की हार्ड कॉपी कैंडीडेट धनेश्वरी यादव को उपलब्ध करवाई. इसके बदले में 10 लाख रुपये लेकर कैंडीडेट धनेश्वरी के चाचा सुनील एग्जाम सेंटर के बाहर ही 10 लाख रुपये लेकर खड़ा था।

पूरे मामले के किरदारों में पंकज यादव और संदीप के रूम पार्टनर है. RIET कॉलेज से गिरफ्तार वीक्षक रामसिंह और प्रशासक मुकेश समोता ने परीक्षा केंद्र से पेपर की फोटो वाट्सऐप के जरिए एम -2  सीरीज का पेपर पंकज और संदीप को भेजा. इसके बाद इन दोनों ने सीकर में सुनील कुमार रणवा और दिनेश बेनीवाल को यह पेपर सोल्व करने के लिए भेजा, जिसके बाद इन दोनों ने पेपर सोल्व करके आंसर की भेजी थी. 35 लाख के सौदे में इन सभी का हिस्सा था. वहीं, NEET का पेपर पहले जयपुर के आउट हुआ और फिर सीकर तक पहुंचा।


मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से कैंडीडेट धनेश्वरी यादव को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है और अन्य सात को 20 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है. इस खुलासे के बाद अब इस परीक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. गिरफ्तार कैंडीडेट धनेश्वरी बेहद इंटेलीजेंट छात्रा रही है, उसके दसवीं और बारहवीं में 80 फीसदी से ज्यादा मार्क्स है, उसके पिता सेना को सामान उपलब्ध करवाने का काम करते है।


*गिरफ्तार आरोपियों की सूची:-*


1. मुकेश कुमार ,निवासी जयरानपुरा थाना श्रीमाधोपुर सीकर हाल बी-50 जमनापुरी मुरलीपुरा हाल कर्मचारी प्रशासक आरआईईटी भांकरोटा जयपुर, शिक्षा बी.ए. 


2. रामसिंह ,निवासी कुडियों की ढाणी, कैरपुरा थाना खण्डेला सीकर हाल किरायेदार स्वास्तिक अपार्टमेंट चित्रकूट जयपुर शिक्षा- बीएससी मैथ्स. 


3.धनेश्वरी यादव ,निवारू रोड थाना करधनी ,शिक्षा 10वीं सेंट टेरेसा स्कूल झोटवाडा व 12वीं स्प्रंगडेज निवारू रोड झोटवाडा.  


4.सुनील कुमार यादव ,निवारू रोड,शिक्षा 12वीं. 


5. नवरतन स्वामी ,श्रीमाधोपुर सीकर शिक्षा 12वीं (मास्टरमाइंड -कोचिंग संचालक )


6. अनिल कुमार यादव ,निवासी बढ़ नगर कोटपुतली, जयपुर शिक्षा पोलीटेक्नीक में डिप्लोमा. 


7. संदीप, उम्र 23 निवासी जयरामपुरा थाना श्रीमाधोपुर सीकर, शिक्षा 12वीं आईटीआई. 


8. पंकज यादव, उम्र- 26, निवासी महरोली थाना रींगस सीकर शिक्षा- बीएससी बायो. 

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