जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता सी एम चौहान को जल्द मिलेगी चार्जशीट!

 जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता सी एम चौहान को जल्द मिलेगी चार्जशीट!


 जयपुर। सरकारी सेवा में रहते हुए नियम विरुद्ध तरीके से अनुकंपा नियुक्ति हासिल करके जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर पद तक पहुंचे चन्द्र मोहन चौहान (सी.एम.चौहान) जल्द ही विभाग से नपने वाले हैं। गैर कानूनी तरीके से तथ्यों को छिपाते हुए दूसरे सरकारी विभाग में नौकरी लेने के मामले में कार्मिक विभाग ने सी.एम.चौहान के विरुद्ध एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक कार्मिक विभाग की जांच रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने मुहर लगा दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के संयोजक पंकज शर्मा काकू ने जलदाय विभाग के मंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव जलदाय विभाग सुधांश पंत व कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव को सी.एम.चौहान के फर्जी दस्तावेज व तथ्यों से हासिल की गई नियुक्ति के दस्तावेज देकर जांच की मांग की थी, जिसके आधार पर सीएम चौहान के विरुद्ध उक्त कार्यवाही हुई है। कार्मिक विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट में सीएम चौहान को दोषी माना है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके विरुद्ध सी.सी.ए.नियमों के तहत कार्यवाही करके सेवा से हटाने के आदेश है। चार्जशीट देकर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई है। संभवतया: अगले सप्ताह में उक्त रिपोर्ट जलदाय विभाग को मिल जाएगी और सी.एम.चौहान को भी चार्जशीट मिल जाएगी। चार्टशीट मिलते ही चौहान का निलंबन हो सकता है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर सीएम चौहान से जवाब मांगा जाएगा और जवाब से संतुष्ठ नहीं होने पर सी.एम.चौहान की बर्खास्तगी हो सकती है। जलदाय विभाग की संयुक्त सचिव (प्रथम) पुष्पा सत्यानी ने सीएम चौहान के विरुद्ध सी.सी.ए नियमों के तहत आरोप पत्र देने की कार्यवाही शुरु कर दी है।

इस तरह से हथियाई अनुकंपा नियुक्ति
जलदाय विभाग जयपुर के मुख्य अभियंता चन्द्रमोहन चौहान के सरकारी सेवा में होते हुए भी पिता के निधन पर दूसरे विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हासिल की। करीब तीस साल पहले अनुकम्पा नियुक्ति लेने के लिए सी-एम-चौहान ने सरकारी सेवा में होने के तथ्य को छिपाया। साथ ही खुद को बेरोजगार होने का झूठा शपथ पत्र व कूटरचित दस्तावेज देकर सरकार से अनुकम्पा नियुक्ति ले ली। तीस साल पहले फर्जी दस्तावेज व तथ्यों के आधार पर नियम विरुद्ध तरीके से हासिल की गई अनुकम्पा नियुक्ति की सच्चाई अब सामने आ चुकी है, वो भी रिटायरमेंट के एक साल पहले। कार्मिक विभाग ने भी उनके उक्त तथ्यों की जांच करके इस नियुक्ति को नियम विरुद्ध माना है और राज्य सरकार को सी-एम-चौहान को सेवा से हटाए जाने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। शीघ्र ही सी-एम-चौहान को चार्जशीट देकर सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। प्रदेश में संभवतया यह पहला मौका है, जब मुख्य अभियंता पद से किसी अधिकारी को बर्खास्त किया जाएगा।


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