बच्चा पैदा करने के लिए युवती को खरीदा

बच्चा पैदा करने के लिए युवती को खरीदा 

सिजेरियन डिलीवरी होने के बाद लावारिस छोड़ा 


उज्जैन। जिले के काठबड़ौदा गांव में उपसरपंच राजपाल सिंह संतान की चाहत में नागपुर से एक युवती को खरीदकर ले आया। गांव वालों को भनक नहीं लगे इसलिए युवती को 16 महीने तक घर में छिपाकर रखा, उसका शारीरिक शोषण किया। डिलीवरी के लिए देवास के प्राइवेट हॉस्पिटल में अपनी पत्नी के नाम से भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे का जन्म होते ही युवती को बच्चे से दूर कर लावारिस हालत में छोड़ दिया।

आरोपी राजपाल सिंह और उसकी पत्नी चंद्रकांता को किया गिरफ्तार 

पुलिस ने आरोपी राजपाल सिंह और उसकी पत्नी चंद्रकांता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो अन्य लोगों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। आरोपी पति-पत्नी से उज्जैन के नजदीक कायथा थाने में पूछताछ की गई है। थाना प्रभारी राममूर्ति शाक्य ने उसे वन स्टॉप सेंटर भिजवाया। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन से डिलीवरी होने के कुछ घंटे बाद युवती को भगा दिया था। इस वजह से उसकी हालत बिगड़ गई और पेट में इंफेक्शन हो गया।

16 महीने तक घर में छिपाकर रखा

आरोप है कि संतान की चाहत में राजपाल सिंह नागपुर से एक युवती को खरीदकर लाया। गांव वालों को भनक नहीं लगे इसलिए युवती को 16 महीने तक घर में छिपाकर रखा, उसका शारीरिक शोषण किया। गर्भवती होने के बाद डिलीवरी के लिए उसे देवास के विनायक हॉस्पिटल में अपनी पत्नी के नाम से भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। लेकिन बच्चे का जन्म होते ही आरोपी ने युवती को उसके बच्चे से दूर कर दिया। 19 साल की युवती 6 नवंबर को देवास गेट पर लावारिस हालत में उज्जैन पुलिस को मिली थी, जिसके बाद उसे वन स्टॉप सेंटर भिजवाया गया। ऑपरेशन से डिलीवरी होने के कुछ घंटे बाद ही युवती को भगा दिया गया था। इस वजह से उसकी हालत बिगड़ गई और पेट में इंफेक्शन हो गया था। पुलिस ने युवती से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ।

युवती ने वन स्टॉप सेंटर को बताया, ‘मैं नागपुर की रहने वाली हूं। माता-पिता नहीं हैं। परिवार में 13 साल का भाई है। नागपुर की चंदा नामक महिला को शादी का भरोसा दिलाकर एक आदमी को बेचकर चली गई। उसने करीब डेढ़ साल घर में छिपाकर रखा। इस दौरान घर में मुझे जो जानकारी मिली उसके मुताबिक, उस आदमी की पत्नी को दो बच्चे हुए थे इसके बाद उसने पत्नी की नसबंदी करवा दी थी। इस बीच बच्चे मर गए।

घरवालों की सहमति से बच्चा पैदा करने के लिए खरीदा

ऑपरेशन के बाद पत्नी बच्चे को जन्म नहीं दे सकती थी, इसलिए उसने पत्नी और घरवालों की सहमति से मुझे बच्चा पैदा करने के लिए खरीदा। उक्त व्यक्ति की पत्नी चोटी पकड़कर मारती व पति के साथ रहने को कहती। जब मैं गर्भवती हुई तो वह व्यक्ति अपनी पत्नी के पेट पर तकिया बांधकर रखता था, ताकि लोगों को लगे कि वह गर्भवती है। मुझे अस्पताल भी कार में सीट पर लिटाकर इस तरह ले जाते थे कि कोई देख न पाए। इस तरह किसी को मेरे बारे में पता नहीं चलने दिया। देवास के निजी अस्पताल में डिलीवरी के समय मेरी जगह पत्नी का नाम लिखाया ताकि बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में उसकी पत्नी का नाम रहे। दशहरे पर बच्चे को जन्म देते ही कुछ लोग कार से उज्जैन छोड़कर धमकी देकर चले गए कि अब दिखाई मत देना, यह बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे।’

ह्यूमैन ट्रैफिकिंग की आशंका

पूरा मामले में पुलिस ने कहा कि इस बात की भी आशंका है कि युवती ह्यूमैन ट्रैफिकिंग की शिकार हुई है। युवती से राजपाल को आखिर किसने मिलवाया। दोनों की शादी कराने में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सभी पहलुओं की भी जांच की जाएगी। ताकि यदि महिला की खरीद-फरोख्त हुई हो तो उस रैकेट को भी गिरफ्त में लिया जा सके।

क्या कहते हैं एसपी

मामले की जानकारी देते हुए एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि उज्जैन जिले के काठबड़ौदा गांव निवासी बीजेपी के पूर्व उपसरपंच राजपाल सिंह दरबार और उसकी पत्नी को इस मामले में आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा नागपुर में रहने वाले दो अन्य पर भी केस दर्ज किया गया है। दो आरोपियों की तलाश में पुलिस नागपुर गई है। फिलहाल मुख्य आरोपी राजपाल से पूछताछ चल रही है। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जायेगा। आरोपी को कायथा थाने में रखा गया है। जहां उससे महिला तक पहुंचने के मामले में पूरी चेन का पता लगाएंगे।

जांच होगी
युवती के साथ जो घटना सामने आई वह बेहद गंभीर मामला है। इसमें सीएसपी के माध्यम से घटना की जांच कराई जा रही है। जिसने गलत किया है, उनका पता कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ. रवींद्र वर्मा, एडिशनल एसपी, उज्जैन 

नागपुर पुलिस को लिखेंगे पत्र
हमारी प्राथमिकता युवती का इलाज और उसकी काउंसलिंग समेत पुलिस सहायता दिलाना है। युवती ने बताया उसे खरीदने व शारीरिक शोषण करने वाला गांव का प्रभावशाली व्यक्ति है। इस संदर्भ में नागपुर पुलिस को पत्र लिख रहे हैं, ताकि ठोस कार्रवाई हो सके।
साबिर अहमद सिद्धिकी, सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग।

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