बैंक प्रबंधन ने पुलिस जाँच पर जताया विश्वास

सीबीआई की जाँच पर प्रश्न चिन्ह ?


बैंक प्रबंधन ने पुलिस जाँच पर जताया विश्वास 


जयपुर। दी राजलक्ष्मी महिला अर्बन कोऑपरेटिव बैंक प्रबन्धक ने बैंक की पूर्व अध्यक्षा एवं अन्य के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर लोन उठाने का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस से जाँच हेतु जरिये इस्तगासा , न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाना माणक चौक जयपुर में बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो व अन्य दोषियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेजो के आधार पर ऋण उठाकर बैंक से धोखाधड़ी करने के दो प्रकरण FIR 424/2021 व FIR 423/2021 अंतर्गत धारा 109(1) दंड प्रक्रिया संहिता अपराध अंतर्गत धारा 420, 406, 467, 471, 217, 218, 120-B IPC तथा धारा 109 राजस्थान को-ऑपरेटिव एक्ट 2001  के तहत दो प्रकरण दर्ज करवाए गए । 

बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा अल्का पारीक के नाम पर RIICO की जमीन पर फर्जी दस्तावेजो के आधार पर ऋण उठाकर दिनांक 18-11-2002 में 10 लाख की राशि हड़प कर गबन किया था। 

बैंक द्वारा बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा विभिन्न ऋणीयों से आपराधिक मिलीभगत करके फर्जी ऋण स्वीकृत कर आर्थिक अनियमितता कर करोडो के गबन किये I जो राज्य सरकार द्वारा की गयी अधिनियम अंतर्गत जांचो में प्रमाणित पाए गये I गबन की प्रमाणित दोषी दी राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लि की बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा फिरोजा बानो के विरुद्ध 7 करोड़ से भी अधिक के गबन के आपराधिक प्रकरण थाना माणक चौक, जयपुर में दर्ज है I

बैंक में पूर्व अध्यक्षा द्वारा किये गए फर्जी ऋण व गबन के मामलों में भारतीय रिज़र्व बैंक की संवैधानिक रिपोर्ट्स व राज्य सरकार की अधिनियम अंतर्गत की गयी जाँच रिपोर्ट्स की पालना में बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. इकबाल खान के निर्देश पर बैंक के ऋण विभाग द्वारा बैंक के प्रति हुए अपराध की दो प्रथम सुचना रिपोर्ट दर्ज की गयी है I

1.FIR 424/2021

इसी क्रम में एक खाता OD 722 मै. गोयल कंस्ट्रक्शन के नाम से था I उक्त ऋण खाते में प्लाट सं 6 शिव हीरा पथ, खसरा न. 4, ट्रांसपोर्ट नगर, जयपुर के पास जयपुर को रहन रखा था I जिस पर वर्ष 2008 में पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा अपनी सहयोगी निदेशकगण (C.A.) से मिलकर 18 लाख का ऋण स्वीकृत किया था जो की बाद में फिरोजा बानो ने अपने स्तर पर ही बिना ऋणी के आवेदन के रिन्यू कर दिया था तथा लिमिट 20,50,000 का दी थी I बैंक द्वारा वर्ष 2015 में जब ऋणी द्वारा ऋण राशि का पूर्ण उपभोग कर राशि वापस बैंक में जमा नही करवाई तो बैंक ने वसूली कार्यवाही शुरू की I उक्त  ऋण में  रहन सम्पति को ऋणी मोहन कुमारी, रामगोपाल, रवि गोयल, दर्पण गोयल तथा सुनीता गोयल द्वारा अन्य कई बैंक्स से उसी सम्पति पर ऋण लेना जानकारी में आया I इस सम्बन्ध में वर्ष 2015 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के समक्ष भी एक प्रकरण दर्ज किया गया था I जिसमे दर्पण गोयल व अन्य व्यक्ति जेल में रहे थे I बैंक की ऋण राशी जो उक्त ऋणीयों से वसूलनीय है वो लगभग 46 लाख है I

 केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में दर्ज मुकदमा संख्या RC.JAI 2017 A 0013 में 6 वर्षो के बाद भी प्रकरण में बैंक द्वारा अपना रिकॉर्ड दिए जाने के बावजूद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा बैंक के पक्ष में प्रभावी कार्यवाही अमल में नही  लाये जाने पर जरिये इस्तगासा न्यायालय के आदेश पर पुन: जाँच हेतु सम्बंधित थाना माणक चौक, जयपुर में प्रथम सुचना रिपोर्ट 424/2021 धारा 420, 406, 467, 471, 217, 218, 120-B IPC तथा 109 सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत दर्ज करवाई है I ऋणी तथा फिरोजा बानो के द्वारा आपराधिक सांठ-गांठ कर बैंक से उस सम्पति पर जो की अन्य बैंक्स के ऋणाधीन थी पर ऋण स्वीकृत किया गया बैंक के आम जमाकर्ताओ के हितो के विपरीत कार्य कर बैंक को नुक्सान पहुँचाया है I

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) द्वारा बैंक की प्रार्थना के बावजूद कोई भी कार्यवाही अब तक नही किये जाने पर मजबूरी में बैंक द्वारा यह रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई गयी है 

2.FIR 423/2021 

इसी प्रकार बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा बैंक में एक अन्य ऋण खाते में दोषी ऋणी अलका पारीक पुत्री ओम प्रकाश पारीक, दिनेश, सुनील पारीक निवासी मलिकपुर, गोविन्दगढ़, चौमू का था जिसमे पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा फर्जी दस्तावेजो के आधार पर आपराधिक षड्यंत्र कर सुश्री अलका पारीक को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया था I उक्त ऋण में ऋणी के द्वारा भविष्य में सम्पति को रहन किया जाना था जो की RIICO द्वारा आवंटित होती किन्तु RIICO द्वारा आवंटित नही हो पाने पर बैंक में सम्पति रहन नही हो पाई और बैंक की ऋण की राशि को ऋणी के खाते में पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बनो द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर RIICO के बजाय  ऋणी को भुगतान करवाया गया था I उक्त ऋणी द्वारा बैंक में फर्जी व कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर यह ऋण प्राप्त किया जो वर्तमान में मय ब्याज लगभग 39 लाख रुपये होती है ऋणी द्वारा उक्त ऋण की अदायगी नही की गयी तो बैंक ने वसूली प्रारंभ की तब इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई है I जिस पर बैंक द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट 423/2021 दिनांक 23-11-2021 को थाना माणक चौक, जयपुर में धारा 420, 406, 467, 471, 217, 218, 120-B IPC तथा 109 सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत दर्ज करवाई है 

बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो के विरुद्ध इसी प्रकार के कई प्रकरण थाना माणक चौक में पंजीकृत है I जिनमे उसके द्वारा ऋणीयो से मिलकर पद का दुरुपयोग कर बैंक को नुकसान पहुँचाया जिसके चलते भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक की संवैधानिक  निरिक्षण रिपोर्ट वर्ष 2015 में अध्यक्षा की भूमिका नकारात्मक मानकर शास्ति की सिफारिश की थी तथा इसी प्रकार सहकारिता विभाग राजस्थान द्वारा धारा 55 सहकारी अधिनियम के तहत की गयी जाँच में मै. गोयल कंस्ट्रक्शन के ओवर ड्राफ्ट को अनियमित मानकर दी राजलक्ष्मी महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा, तत्कालीन ऋण कमिटी की अध्यक्षा व वर्तमान में केंद्रय हज कमिटी की सदस्या फिरोजा बानो पर 5 लाख की पेनल्टी  हेतु उत्तरदायी मानकर धारा 57 के तहत वसूली की सिफारित राज्य सरकार को की व अपराध में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध भा. द. सं. के प्रावधानों के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे हड़पी गयी गबन की राशि वसूलने हेतू न्यायालय के आदेश पर थाना माणक चौक, जयपुर में FIR 424/21 दिनांक 23-11-2021 को दर्ज की गयी I

थाना माणक चौक, जयपुर द्वारा उक्त दोनों प्रकरणों को दर्ज कर स्वयं थानाधिकारी   सुरेन्द्र यादव द्वारा अनुसन्धान प्रारंभ कर दिया गया है I बैंक को उम्मीद है की जल्द ही गबन व फर्जीवाड़े के आरोपियों को गिरफ्तार कर बैंक के आम जमाकर्ताओ के हितो के रक्षार्थ सजा दिलवाई जावेगी I

बैंक के सीईओ इकबाल खान का क्या कहना है :

एक फर्जी ऋण मै. गोयल कंस्ट्रक्शन जो बैंक की तत्कालीन  अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा  फर्जी दस्तावेजो के आधार पर 2008 मैं 18 लाख का ऋण उठाया गया था I बैंक के ऋण विभाग द्वारा की गयी जाँच में सामने आया की जिस सम्पति  को रहन रख ऋण उठाया गया था उस पर पहले से ही अन्य बैंक्स से करोड़ो का ऋण बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा फिरोजा बानो व उनके सहयोगी निदेशक]गण (CA) के द्वारा दिलवाया गया था  वर्ष 2015 में CBI मैं केस RC.JAI 2017 A 0013  दर्ज हुआ था जिसमे कोई भी संतोष जनक कार्यवाही नही की गयी I 6 वर्षो के बाद भी CBI द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नही किये जाने पर जरीये इस्तगासा न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाना माणक चौक , जयपुर में मुकदमा संख्या 424/21 दर्ज करवाया गया I 


इसी प्रकार एक प्रकरण बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा फिरोजा बानो द्वारा RIICO की जमीन पर फर्जी तरीके से स्वीकृत किया गया था जिसके सम्बन्ध में एक प्रकरण 423/21 भी पुलिस थाना  माणक चौक जयपुर में दर्ज करवाया गया है I

 (मो. इकबाल खान)

सी. ई. ओ., 

दी राजलक्ष्मी महिला अरबन को - ऑपरेटिव बैंक लि

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