गोडवाड़ का इतिहास जल्द हो प्रकाशित - देवड़ा

 गोडवाड़ का इतिहास जल्द हो प्रकाशित - देवड़ा



11वां नववर्ष कैलेंडर विमोचन - सम्मान समारोह

घाणेराव 27 जनवरी  । श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं गोडवाड़ विरासत के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित हऱ वर्ष की भांति इस वर्ष भी गोडवाड़ - मेवाड़ - मारवाड़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक धरोहर को प्रकाशमान करता ई. सन 2022 का बहुरंगी नववर्ष कैलेंडर का विमोचन - सम्मान समारोह होटल हवेली - आश्रम रिसोर्ट में आयोजित किया गया!
माँ सरस्वती के दीप प्रज्ज्वलन व काशी - बनारस से आये पंडित जी द्वारा स्वागत गीत से प्रारम्भ हुए इस समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के मुख्य सरक्षंक पद्मश्री सिरोही महाराव रघुबीरसिंह देवड़ा, मुख्य अतिथि - ठा. हिम्मतसिंह मेड़तिया घाणेराव रावला, पद्मश्री डॉ. अर्जुनसिंह शेखावत पाली, विशिष्ट अतिथि - ठा. जगतसिंह राणावत अध्यक्ष श्री निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट व श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान, कुं. शक्तिसिंह मेड़तिया घाणेराव रावला, मंच गौरव - प्रो. डॉ. माधोसिंह इन्दा साहित्यकार फालना, खुशेद्र जोशी संघठन मंत्री श्री सेवाड़ी खेतलाजी ट्रस्ट कमेटी, जसवंतसिंह भाटी सहायक निदेशक हवेली ग्रुप जोधपुर - घाणेराव अतिथि के रूप में सभी शोभायमान थे! सभी अथितियों का राजस्थानी परम्परानुसार चुंदरी दुपट्टा व स्मृति चिन्ह के रूप में श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान के सचिव जितेंद्रसिंह राठौड़ व हवेली होटल के दुष्यन्तसिंह भाटी की और से अभिनन्दन किया गया। 

श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान के सचिव व गोडवाड़ विरासत के संपादक जितेन्द्रसिंह राठौड़ की और राजस्थानी भाषा में प्रतिवेदन वाचन किया गया! तत्पच्छात प्रो. डॉ. माधोसिंह इन्दा द्वारा गोडवाड़ इतिहास, साहित्य पर प्रकाश डालते हुए ठिकाणा घाणेराव का इतिहास प्रकाशन करवाने सहित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर प्रकाश डाला! संस्थान व निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट अध्यक्ष ठा. जगतसिंह राणावत ने संस्थान की और से सम्पादित निम्बेश्वर महादेव सांडेराव का इतिहास प्रकाशन करवाने, गोडवाड़ विरासत के मासिक प्रकाशन में अपना भरपूर सहयोग दिराने की बात कही व गोडवाड़ की विरासत के संरक्षण के लिए सभी को आगे आने का आव्हान किया! साथ ही घाणेराव रावला व संस्थान के सरक्षंक ठा. हिम्मतसिंह मेड़तिया ने डॉ. भंवरसिंह राठौड़ को याद करते हुए कहा की उनके द्वारा फलीभुत यह संस्थान प्रगति की राह पर निरंतर बढ़ रहा है इसके लिए सभी कार्यकारिणी सदस्य इसके बधाई के आभारी है! पाली जिले से पद्मश्री डॉ. अर्जुनसिंह शेखावत ने राजस्थानी भाषा में अपनी बात रखते हुए कहाँ की मेरा पद्मश्री सम्मान अधूरा है ज़ब तक राजस्थानी भाषा को मान्यता प्राप्त नहीं होती, राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए हम सभी मिल कर प्रयास करें! समारोह की अध्यक्षता कर रहे इतिहासकार पद्मश्री सिरोही पूर्व नरेश रघुबीरसिंह देवड़ा ने गोडवाड़ की धरोहर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्थान व गोडवाड़ विरासत को तन, मन, धन से निरंतर सहयोग देने व इस मौके पर संस्थान के विकास के लिए बड़ी राशि की घोषणा की साथ ही गोडवाड़ का इतिहास प्रकाशन करवाने की भी हामी भरी!
इसी के साथ श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान व गोडवाड़ विरासत के सहयोगी के तौर पर लॉयन क्लब सुमेरपुर के अध्यक्ष पंकज राज मेवाड़ा व उद्घघोषक राजेंद्रसिंह गेहलोत नारलाई का संस्थान के मुख्य सरक्षंक सिरोही पूर्व नरेश रघुबीरसिंह देवड़ा की और से दुपट्टा व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया! तत्पचात 11वें नववर्ष कैलेंडर का सभी अतिथियों की और से विमोचन किया गया!
*पाली जिले के प्रथम पद्मश्री का किया सम्मान -*
पाली जिले के वरिष्ठ साहित्यकार, इतिहासकार, लेखक डॉ. अर्जुन सिंह शेखावत को राष्ट्र पुरस्कार पद्मश्री से पुरस्कृत होने पर श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान व गोडवाड़ विरासत की और से अभिनन्दन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया!
इस सम्पूर्ण भव्य विमोचन समारोह में डॉ. प्रेमसिंह मेड़तिया, पर्बतसिंह चम्पावत मालारी, छेलसिंह चौहान केरापुरा, प्रभुसिंह परिहार, उम्मेदसिंह राठौड़, सुमेरसिंह राठौड़, शालमसिंह राठौड़, गोविन्दसिंह राठौड़ छोटी रानी, युधिष्ठिरसिंह चुण्डावत अध्यक्ष - लियो क्लब सुमेरपुर, उम्मेदसिंह सोनिगरा, सुरेशपूरी गोस्वामी, दुष्यंतसिंह भाटी, मिर्दुल श्री माली सहित आस - पड़ोस के कई गणमान्य नागरिक बंधु इस विमोचन समारोह में उपस्थित थे।  स्वागतध्यक्ष उपेंद्र श्रीमाली ने सभी का आभार व्यक्त किया व सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन उद्घगोषक राजेंद्रसिंह गेहलोत नारलाई ने किया! कार्यक्रम के प्रारम्भ में श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान के संस्थापक श्रद्धेय स्व. डॉ  भंवरसिंह राठौड़ को 2 मिनट के मौन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई!!
*इस वर्ष कैलेंडर प्रकाशन सहयोगी -*
जनवरी माह - महाराजाधिराज गजसिंह मारवाड़ पूर्व नरेश जोधपुर - महाराजा मान सिंह पुस्तक प्रकाश शोध केंद्र मेहरानगढ़ दुर्ग - जोधपुर, फरवरी माह - पद्मश्री महारावधिराज रघुबीरसिंह देवड़ा पूर्व नरेश सिरोही - ऐतिहासिक दुर्ग महल सिरोही राजमहल सिरोही, मार्च माह - ठा हिम्मतसिंह मेड़तिया - सुप्रसिद्ध रावला ठिकाणा घाणेराव राजमहल घाणेराव, अप्रैल माह - ठा. जगत सिंह राणावत - अध्यक्ष श्री निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट सांडेराव, मई माह - पद्मश्री महारावधिराज रघुबीरसिंह देवड़ा पूर्व नरेश सिरोही - श्री सारणेश्वर महादेव मंदिर सिरोही, जून माह - सुप्रसिद्ध रावला ठिकाणा भाद्राजून किला, भाद्राजून - राजा श्री करणवीरसिंह जोधा, जुलाई माह - पद्मश्री महारावधिराज रघुबीरसिंह देवड़ा पूर्व नरेश सिरोही - आबू के अधिष्ठाता श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर, अचलगढ़ दुर्ग माउंट आबू, अगस्त माह - ठा. गणपतसिंह शक्तावत - अध्यक्ष श्री सोनाणा खेतलाजी (श्री क्षेत्रपालजी) ट्रस्ट कमेटी सारंगवास, सितम्बर माह - पद्मश्री महारावधिराज रघुबीरसिंह देवड़ा पूर्व नरेश सिरोही - श्री आशापुरा माताजी मंदिर (पाट स्थान) नाडोल, अक्टूबर माह  ओटाराम  देवासी भोपाजी श्री माँ चामुंडा माताजी मुंडारा, नवम्बर माह -  वीरेंद्रसिंह राठौड़ अध्यक्ष  सेवाड़ी खेतलाजी, सोनाणा खेतलाजी, जैतलवाव खेतलाजी मंदिर ट्रस्ट सेवाड़ी, दिसम्बर माह -  उपेंद्र श्रीमाली, हेरिटेज होटल हवेली जोधपुर - हवेली आश्रम रिसोर्ट घाणेराव का रहा।

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