मीडिया की अनमोल उपलब्धियां

 मीडिया की अनमोल उपलब्धियां



मीडिया का कमाल- मानव पलभर में जान रहा दुनिया का हाल


महामारी से मीडिया द्वारा पल-पल की जानकारी जनता तक पहुंचाना बेहद जांबाज़ी और ज़ज़्बा- एड.किशन भावनानी 


गोंदिया। वैश्विक स्तरपर अति तीव्र गति से हो रहे डिजिटलाइजेशन के कारण हर क्षेत्र में एक वृहत स्तरपर डिजिटल क्रांति सी आ गई है, इसीलिए इस युग को हम अब डिजिटल युग की संज्ञा दें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी!!! इसी डिजिटल युग में एक क्षेत्र बहुत तेजी से विकसित होकर नए-नए आयामों का बादशाह बनता जा रहा है, जो हर आम से खास व्यक्ति के लिए उसके जीवन की महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है वह है मीडिया युग!!! 

साथियों बात अगर हम वर्तमान परिपेक्ष में मीडिया युग की करें तो आज के युग को मीडिया युग कहने में भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि आज मीडिया याने आकाशवाणी, दूरदर्शन, फिल्म, समाचार पत्र, निजी टीवी चैनल, वीडियो, कंप्यूटर पोर्टेबल चैनल, ईमेल, इंटरनेट इत्यादि ने विश्व भार की मानव गति को प्रभावित किया है। 

साथियों अगर शिक्षा ने विज्ञान को जन्म दिया है तो, विज्ञान ने मीडिया  के आधुनिक साधनों को, जो मनीषियों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। 

साथियों बात अगर हम वर्तमान परिपेक्ष में मीडिया की अनमोल उपलब्धियों की करें तो इसके महत्व को हमने वर्ष 2020 से ही विशेष रेखांकित किया है, जब महामारी के प्रकोप से दुनिया थम सी गई थी!! पूरा विश्व अपने अपने घरों में एक तरह से महामारी के प्रकोप से बंदी बने हुए थे। 

साथियों बात अगर हम मीडिया के भारत में महत्वपूर्ण कमाल की करें तो भारत के अंतिम छोर के व्यक्ति ने भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के महत्व को 2020 से रेखांकित किया है, क्योंकि घर में बंदी रहने के दौरान देश, दुनिया की खबरों का केवल एक ही माध्यम था, टीवी चैनल और अखबार जिसके बल पर सभी नागरिक अपडेट हो रहे थे। 

साथियों बात अगर हम मीडिया की करें तो हम जानते हैं कि यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है परंतु पिछले दो सालों में मीडिया सब लोगों ने अपने जीवन में एक अनिवार्य अंग के रूप में महसूस किया हैं, क्योंकि आज करीब -करीब हर व्यक्ति के पास मोबाइल, बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस, निजी टीवी चैनल, पोर्टेबल चैनल, समाचार पत्रों के बिना जीवन का रंग फीका है आज हर मानव सात समंदर पार दुनिया का हर हालचल और वर्तमान चुनाव 2022 की हर गतिविधि से पलभर में ही अपडेट हो जाता है यह मीडिया कर्मचारियों की जांबाज़ी और ज़ज़्बा ही है कि कड़ी धूप, गर्मी, तूफान, महामारी, आग, भूस्खलन सहित अनेक प्राकृतिक विपत्तियों में भी पल-पल की ग्राउंड रिपोर्टिंग जनता तक पहुंचाते हैं। 

साथियों बात अगर हम वर्तमान में पांच राज्यों के चुनाव 2022 में हर दल के नेताओं के बयानों की करें तो छोटे से बड़े नेताओं के सटीक बयान मीडिया ने जनता तक पहुंचाएं हैं ख़ासकर पिछले 2-4 दिनों से आ रहे महत्वपूर्ण बयान जैसे बुलडोजर मरम्मत के लिए भेजे हैं, परिवार वाला ही परिवार का दर्द समझ सकता है, भ्रष्टाचार पर मज़बूत कार्रवाई क्यों नहीं की ? पहले हस्ताक्षर से एक लाख नौकरियां दूंगा, यह छोटे मियां तो वह बड़े मियां हैं, मैं स्वीट आतंकवादी हूं इत्यादि अनेक बयान आज सबकी जुबान पर मीडिया वालों द्वारा सच्चाई सामने लाने का नतीजा है और मीडिया के कारण ही गलत काम और गुनाह, जालसाजी, जनता को ठगने, बरगलाने वाले व्यक्तियों को इस तरह के अमानवीय कार्य करने में अब डर और हिचक होती है!! 

साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय जानकारी कुछ ही मिनटों में जनता तक पहुंचाने की करें तो सबसे ताजा उदाहरण यूक्रेन-रूस महायुद्ध की संभावना से जुड़ी खबरें परत दर परत तुरंत हमारे आंखों के सामने आ जाती है यह हैं मीडिया का लाज़वाब कमाल!!! 

साथियों बाद अगर हम अन्य प्राकृतिक विपत्तियों, मानवीय प्रेरित घटनाओं, अपराधों, दुर्घटनाओं की करें तो अनेक बार सबसे पहले अगर कोई पहुंचता है तो वह है मीडिया, कई बार तो संबंधित सुरक्षा एजेंसियां या सहायता दल भी बाद में पहुंचते हैं और सबसे पहले मीडिया पहुंचता है और ऐसी एजेंसियों को भी कई बार मीडिया के माध्यम से ही जानकारी मिलती है और वह घटनास्थल पर पहुंचते हैं!!! 

साथियों बात अगर हम मीडिया कर्मियों, व्यवस्थापकों के सुरक्षात्मक और आर्थिक पैकेज या सहायता इंसेंटिव की करें तो बड़े दुर्भाग्य की बात है के ऐसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को जितनी स्कीम, सुविधा, इंसेंटिव मिलना चाहिए उतने नहीं मिल पाते जिसका संज्ञान अब संबंधित शासन प्रशासन को लेकर मीडिया क्षेत्र से जुड़े हर छोटे से बड़े पद वाले सेवक को रणनीतिक रोडमैप बनाकर आर्थिक स्कीम का लाभ दिया जाने का वक्त आ गया है ताकि उनका और उनके परिवार वालों का जीवनस्तर सुरक्षा चक्र, समाधान कारक आर्थिक सुरक्षा कवच व गारंटी से आश्वस्त हों। 

साथियों बात अगर हम संचार माध्यमों से गांव गांव में आई जागृति की करें तो एक प्रसिद्ध असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार, संचार माध्यमों से गाँव-गाँव में जागृति आई है, इसका सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिलता है। शहरी क्षेत्र में तो महिलाएँ पारिवारिक दायित्वों के साथ नौकरी कर रही है तथा ग्रामीण महिलाएँ जो चार दीवारी में बन्द थीं, पुरूषों के समकक्ष आ गई है। संचार माध्यमों के कारण आज महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता आ गई है। वे अनेक सामाजिक, राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं। संचार माध्यमों के कारण आज बच्चों का पढ़ाई के प्रति रूझान बढ़ा है, क्योंकि उन्हें कम्प्यूटर, इंटरनेट, दूरदर्शन, दूरभाष से बहुत अधिक जानकारी मिलती है। संचार माध्यमों ने व्यक्ति की सामाजिक स्थिति में बहुत परिवर्तन किया है। आज व्यक्ति का कार्य क्षेत्र एक व्यवसाय तक सीमित न रहकर अनेक भागों में बँट गया है। 

भारत के संचार माध्यम (मीडिया) के अन्तर्गत टेलीविजन, रेडियो, सिनेमा, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, तथा अन्तरजालीय पृष्ठ आदि हैं। अधिकांश मीडिया निजी हाथों में है और बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा नियंत्रित है। भारत में 70, हज़ार से अधिक समाचार पत्र हैं, 690 उपग्रह चैनेल हैं (जिनमें से 80 समाचार चैनेल हैं)। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा समाचार पत्र का बाजार है। 

सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बाजार, व्यापार एवं प्रशासन कार्य पद्धति में भारी क्रांति आई है। व्यापार क्षितिज इंटरनेट, वल्र्ड वाइट वेब (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू)  साइबर स्पेज, इन्फार्मेशन सुपर हाइवे आदि जैसे शब्दों से गुँजायमान है, जिसके कारण ग्राहकों से सम्पर्क स्थापित करने, आर्डर लेने एवं प्रक्रिया, नेटवर्किंग एवं व्यापार पद्धति के समन्वयन के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है। इंटरनेट हजारों छोटे-छोटे नेटवर्क, लाखों कम्प्यूटरों एवं सूचना देने वालों लाखों मानव स्त्रोतों से सम्पर्क काम करता है। प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के अनुसार इंटरनेट और वल्र्ड वाइड वेब व्यावसायिक जगत की धुरी बनेगा। संयुक्त राष्ट्र का मत है कि वर्तमान युग में दूर संचार, स्वास्थ्य कल्याण एवं साक्षरता के बढ़ते चरणों की तरह एक मानवीय अधिकार रूप ले रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी, साॅफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों ही उद्योग के प्रचुर मात्रा में उपभोक्ता होने के कारण बड़े पैमाने पर फैल रही है। विकासशील देशों में सबसे निर्धन देश भी सूचना एवं संचार तकनीकों द्वारा परम्परागत समस्याओं से छुटकारा पाकर आधुनिक सूचना युग में तब्दील हो सकती है। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि मीडिया की अनमोल उपलब्धियां है!! मीडिया का कमाल- मानव पल पल भर में जान रहा चुनाव 2022 और दुनिया का हाल!! महामारी के अति संकटकालीन दौर से अभी तक मीडिया द्वारा पल-पल की जानकारी जनता तक पहुंचाना बेहद जांबाज़ी और जज़्बा है जो तारीफ के काबिल है। 


संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट 

किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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