चारदीवारी में पुरानी पाइप लाइनें बदलने पर खर्च होंगे 380 करोड़ रूपए

 जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग

आरडब्ल्यूएसएसएमबी की नीति निर्धारण समिति (पीपीसी) की 208वीं बैठक
 चारदीवारी में पुरानी पाइप लाइनें बदलने पर खर्च होंगे 380 करोड़ रूपए


जेजेएम के तहत 627 करोड़ की 45 पेयजल योजनाओं का अनुमोदन
विभिन्न शहरी जलप्रदाय योजनाओं के सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव अनुमोदित

जयपुर । जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई राजस्थान वाटर सप्लाई एवं सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड (आरडब्ल्यूएसएसएमबी) की नीति निर्धारण समिति (पीपीसी) की 208वीं बैठक में जयपुर शहर की चारदीवारी एवं आस-पास के क्षेत्रों में पुरानी जर्जर पाइपलाइन और उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन बदलने के लिए 380.04 करोड़ रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने वर्ष 2022-23 के बजट में इसकी घोषणा की थी।
पीपीसी में विभिन्न शहरों की शहरी जलप्रदाय योजना के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्द्धन से जुड़े प्रस्तावों तथा जल जीवन मिशन से जुड़े प्रस्तावों का भी अनुमोदन भी किया गया।
बैठक में जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में वार्ड 33 एवं 35 में बढ़ती हुई पेयजल मांग को देखते हुए बीसलपुर से आपूर्ति की पुरानी लाइनें बदलने, उच्च एवं स्वच्छ जलाशयों के निर्माण तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के कार्यों के लिए 44 करोड़ रूपए के प्रस्ताव, गेटोर क्षेत्र के वार्ड 36 में पेयजल की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए पाइप लाइन, पम्पिंग मशीनरी सहित अन्य कार्यों के लिए 37 करोड़ रूपए के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। साथ ही, बाईजी की कोठी, मॉडल टाउन क्षेत्र में कम प्रेशर से पेयजल आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए 10 लाख लीटर क्षमता के उच्च जलाशय, साढे चार लाख लीटर क्षमता के स्वच्छ जलाशय, वितरण लाइनों, स्काडा सिस्टम जैसे कार्यों के लिए 46.37 करोड़ रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
दौसा शहर में 126.54 करोड़ से तैयार होगा पेयजल आपूर्ति का ढांचा
पीपीसी में मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप दौसा शहर की पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्द्धन के लिए 126 करोड़ 54 लाख रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसमें दौसा शहर को ईसरदा पेयजल परियोजना से पानी उपलब्ध कराने के लिए शहर में पेयजल आपूर्ति का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके तहत 6 उच्च जलाशय, 2 स्वच्छ जलाशय, राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइन सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत दौसा जिले के महुआ कस्बे में शहरी जलप्रदाय योजना के संवर्द्धन के तहत 16 नलकूप,  2 उच्च जलाशय, एक स्वच्छ जलाशय तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के लिए 62.46 करोड़ रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
बैठक में कोटपुतली शहर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 21 मई, 2022 को की गई घोषणा के तहत 13 नलकूप, 3 उच्च जलाशय, 2 स्वच्छ जलाशय तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के लिए 10 करोड़ रूपए, जयपुर जिले में बस्सी शहरी जलप्रदाय योजना के संवर्द्धन के तहत 4 नलकूप, 7 उच्च जलाशय, 3 स्वच्छ जलाशय तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के कार्य के लिए 18.61 करोड़ रूपए  के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

जोधपुर शहर में रूपावतों का बेडा, धरवबेडा और भूरीबेरी जैसे अंतिम छोर वाले इलाकों को पेयजल पहुंचाने के लिए 8 लाख लीटर क्षमता के नए उच्च जलाशय तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के कार्य के लिए 5 करोड़ 96 लाख रूपए के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।
भादरा के लिए 95.64 करोड़ के प्रस्ताव का अनुमोदन
पीपीसी में हनुमानगढ़ जिले के भादरा में सिद्धमुख नहर से रतलाना डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत डिग्गियों, 2 उच्च जलाशय, एक स्वच्छ जलाशय, रेपिड ग्रेविटी फिल्ट्रेशन तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के कार्य के लिए 95 करोड़ 64 लाख रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार, हनुमानगढ़ जिले में नोहर शहरी जलप्रदाय योजना के संवर्द्धन के तहत डिग्गी निर्माण, उच्च जलाशय, स्वच्छ जलाशय तथा राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के कार्य के लिए  16.98 करोड़ रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
उदयपुर जिले में भिण्डर शहरी जलप्रदाय योजना के पुनर्गठन के तहत एनीकट, नलकूप, फिल्टर प्लांट, खुले कुएं गहरे करने तथा पाइपलाइन डालने के लिए 28.96 करोड़ रूपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा, सलूम्बर में शहरी जलप्रदाय योजना के पुनर्गठन के लिए 11.69 करोड़ रूपए के संशोधित प्रस्ताव, कानोड़ में शहरी जलप्रदाय योजना के पुनर्गठन के तहत 19.24 करोड़ रूपए के संशोधित प्रस्ताव, जोधपुर के पीपाड़ शहर में शहरी जलप्रदाय योजना के पुनर्गठन के तहत 5.92 करोड़ रूपए के संशोधित प्रस्ताव तथा अलवर के थानागाजी में शहरी जलप्रदाय योजना के संवर्द्धन तहत 23.33 करोड़ रूपए के संशोधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
जेजेएम के तहत 627 करोड़ की 45 पेयजल योजनाओं का अनुमोदन
पीपीसी में जल जीवन मिशन के तहत 32वीं एसएलएसएससी में स्वीकृत 340.19 करोड़ रूपए की 35 पेयजल योजनाओं (ओटीएमपी) की संशोधित स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। इनमें 5 उदयपुर, 2 राजसमंद, एक बांसवाड़ा, 4 पाली, 2 सवाईमाधोपुर, 6 बीकानेर एवं 12 पेयजल योजनाएं करौली जिले की हैं। इसके अलावा 32वीं एसएलएसएससी में स्वीकृत 287.81 करोड़ रूपए की 10 ओटीएमपी की स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। इनमें 4 जैसलमेर, 2 अलवर जबकि सीकर, श्रीगंगानगर, उदयपुर एवं डूंगरपुर की एक-एक पेयजल योजना शामिल हैं।
बैठक में जोधपुर जिले में भोपालगढ़ के नगरपालिका बनने से क्षेत्र के 6 गांवों की पेयजल योजना को ग्रामीण से शहरी पेयजल योजना में परिवर्तित करने, कोटा जिले की सुल्तानपुर नगरपालिका एवं आस-पास के 6 गांवों की पेयजल योजना को शहरी पेयजल योजना में परिवर्तित करने, दौसा जिले की मण्डावर नगरपालिका के 4 गांवों तथा मण्डावरी नगरपालिका क्षेत्र के एक गांव की ग्रामीण पेयजल योजना को शहरी पेयजल योजना में परिवर्तित करने के साथ ही अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के 8 गांवों, रामगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के 15 गांवों तथा बानसूर नगरपालिका क्षेत्र के 7 गांवों की ग्रामीण पेयजल योजनाओं को सम्बन्धित नगर पालिका क्षेत्र की शहरी पेयजल योजना में परिवर्तित करने के प्रस्तावों का अनुमोदन भी किया गया।
बैठक में जलदाय मंत्री डॉ. जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं और विभिन्न कार्याें की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने वर्क आर्डर टाइम लाइन के अंदर जारी करने और लागत बढ़ने से रोकने के लिए डीपीआर तीन माह में तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो शहरी जल योजनाएं अमृत-2 में कवर की जा सकती हैं उनके लिए अलग से प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
डाॅ. जोशी ने कहा कि प्रदेश की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पाली एवं दौसा जैसे पेयजल संकट का सामना कर रहे जिलों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने अधिकारियों को निविदा से लेकर कार्यादेश जारी करने तक की प्रक्रिया तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक  प्रताप सिंह, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव  एच के जुनेजा, संयुक्त संचिव आयोजना (वित्त) डाॅ. मंजू विजय, मुख्य अभियंता (तकनीकी) एवं आरडब्ल्यूएसएसएमबी के तकनीकी सदस्य  दलीप कुमार गौड़, मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू)  मनीष बेनीवाल, मुख्य अभियंता (ग्रामीण)  सीएम चैहान, मुख्य अभियंता (जेजेएम)  आरके मीना, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी  केसी कुमावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आरडब्ल्यूएसएसएमबी के सचिव  केडी गुप्ता ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।  

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