जेएलएफ - 23 में गूंजेगी सशक्त महिलाओं की आवाज़

जेएलएफ - 23 में गूंजेगी सशक्त महिलाओं की आवाज़




जयपुर, 5 जनवरी। आइकोनिक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन 19 से 23 जनवरी को होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में होगा। इस साल, अपने 16वें संस्करण में, फेस्टिवल में उल्लेखनीय लेखिकाओं की कलम के रंग बिखरेंगे।

फेस्टिवल के कई महत्वपूर्ण सत्र लेखिकाओं की उपलब्धि को समर्पित होंगे, जिनमें उनके लेखन के माध्यम से उनके सफ़र को बुना जायेगा। एक विशेष सत्र, फीमेल गेज़ पर आधारित होगा। जब कोई कथानक किसी महिला के नज़रिए से लिखा जाता है, तो वो कैसे दूसरे से भिन्न होता है? ये ‘फीमेल गेज़’ महिलाओं को पोर्ट्रेट करने का नजरिया बदल देता है और वो महज एक ‘वस्तु’ से ऊपर उठ पाती है। इस सत्र में शामिल होने वाले वक्ता हैं: एमिली पर्किन्स, यूजेनिया कुजनेत्सोवा, एना फिलोमिना अमराल और ताध्ग मैक डोंने। इनसे संवाद करेंगी लेखिका सस्क्या जैन। सत्र में, ये वक्ता महिला नजरिये से लेखन के सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनैतिक निहितार्थों की व्याख्या करेंगे।

 


बुकर प्राइज विजेता बेर्नार्दिन एवारिस्तो का संस्मरण, मेनिफेस्टो: ऑन नेवर गिविंग अपउनके संघर्षमय जीवन की कहानी कहता है। कैसे उन्होंने दशकों तक लड़ाई लड़ी, जिससे वो अपनी बात दुनिया के सामने रख सकें। फेस्टिवल में, एवारिस्तोसे संवाद करेंगी पत्रकार और लेखक, नंदिनी नायर। एक अन्य सत्र में, इंटरनेशनल बुकर विजेता गीतांजलि श्री और अनुवादकडेजी रॉकवेलके साथ संवाद करेंगे साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार के विजेता तनुज सोलंकी। हिंदी कायह सत्र मूल उपन्यास रेत समाधि पर आधारित होगा, जिसमें स्टोरीटेलिंग के प्रयोग, नए उपमानों की खोज और अस्सी बरस की नायिका की नज़र से विभाजन पर चर्चा होगी।


लोककल्याणकारी, लेखिका सुधा मूर्तिएक प्रेरक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी सहज कहानियों के माध्यम से युवा पीढ़ी तक संस्कृति को पहुँचाया है| सत्र के दौरान, मूर्ति सेपेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की भूतपूर्व एडिटर-इन-चीफ, मेरु गोखले संवाद करेंगी| एक अन्य साहित्यिक सत्र में, लेखिका, प्रकाशक और फेस्टिवल को-डायरेक्टर नमिता गोखलेसे संवाद करेंगी पत्रकार मंदिरा नायर। सत्र में गोखले की किताबों के माध्यम से उनके जीवन के सफ़र पर रौशनी डाली जाएगी।


एक अन्य सत्र में, लेखिका अलका सरावगी और टोकरी में दिगंत के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवयित्री, अनामिकाके माध्यम से हिंदी साहित्य की गहनता पर चर्चा होगी। इनसे संवाद करेंगी प्रसिद्ध पत्रकार निष्ठा गौतम। भारत की पॉप आइकन और प्लेबैक सिंगर उषा उथुप अपने गायन से कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करती रही हैं। पत्रकार विकास कुमार झाद्वारा लिखीउनकी जीवनी का अंग्रेजी अनुवाद, द क्वीन ऑफ़ इंडियन पॉप, सृष्टि झा ने किया है, जिसमें उथुप के रंगीन और प्रेरक कैरियर को बेहद खूबसूरती से दर्ज किया गया है। लेखिका सत्या सरन के साथ संवाद में, उथुप और झा संगीत, यादों, महत्वपूर्ण पड़ावों और किताब के बारे में बात करेंगी।


एक सत्र, ‘लता जी – ए लाइफ इन म्यूजिक’ में लोकप्रिय कवि, संगीत और सिनेमा के विद्वान् यतीन्द्र मिश्र से अनुवादक और लेखिका अनु सिंह चौधरी संवाद करेंगी। स्वर्गीयलता मंगेशकर के लम्बे और शानदार संगीतमय सफ़र को बयां करते हुए मिश्र अपनी किताब, लता: सुर गाथा और इरा पांडे द्वारा किये गए उसके अंग्रेजी अनुवाद की विस्तार से चर्चा करेंगे। फेस्टिवल में जानी-मानी अदाकारा दीप्ति नवल से, उनकी नई किताब ए कंट्री कॉल्ड चाइल्डहुडपर उद्यमी सूरीना नरूला चर्चा करेंगी। इस संस्मरण में नवल ने बड़ी ईमानदारी से अपने काम और जीवन को दर्ज किया है।


एक अन्य सत्र में, पुरस्कृत लेखिका किश्वर देसाईसे नौकरशाह और आईआरएस ऑफिसर निरुपमा कोत्रू संवाद करेंगी। देसाई की किताब, द लांगेस्ट किस: द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ़ देविका रानी में इंडिया की पहली इंटरनेशनल सुपरस्टार, देविका रानी के जीवन और कैरियर का ब्यौरा है। एक अन्य सत्र में, कामयाब लेखिका और अकादमिक चित्रा बनर्जी दिवाकरुनी से उनके उपन्यास इंडिपेंडेंस पर चर्चा करेंगी इतिहासकार और लेखिका आँचल मल्होत्रा। दिवाकरुनी का उपन्यास तीन बहनों और 1947 के विभाजन पर उनके अलग-अलग नजरियों पर आधारित है। फेस्टिवल में जयपुर बुकमार्क के सत्र, ‘वीमेन ट्रांसलेटिंग वीमेन’ में अशोका सेंटर फॉर ट्रांसलेशन की अनुवाद के क्षेत्र में पहल पर चर्चा होगी| सत्र में शामिल वक्ता होंगे: महिलावादी लेखिका, अनुवादक और जुबान की को-फाउंडर, उर्वशी बुटालिया, और बहुभाषी विद्वान, अनुवादक और अशोका यूनिवर्सिटी में इंग्लिश की प्रोफेसर, रीटा कोठारी के साथ संवाद करेंगी प्रकाशक और अनुवाद सलाहकार नीता गुप्ता।


एक सत्र ‘वीमेन एंड वर्क’ में लेखिकाएंशैली चोपड़ा, मिनी वैद और भूतपूर्व आईएफएस ऑफिसर व एम्बेसडर लक्ष्मी पुरी से संवाद करेंगी यूएन वीमेन कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सूसन फर्गुसन। भिन्न पृष्ठभूमि से आई ये महिलाएंकामकाजी महिलाओं के जीवन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करेंगी। आर्ट इतिहासकार और क्यूरेटर कैटी हेसल ने कला परिदृश्य में लम्बे समय से विद्यमान पुरुषों के वर्चस्व को हिलाने का प्रयास किया है। अपने ब्लॉग ‘द ग्रेट वीमेन आर्टिस्ट्स’ में हेसल ने 1500 से 21वीं सदी की महिला कलाकारों के कार्यों का उल्लेख किया है। कला इतिहासकार ज़ेवियर ब्रेयसे संवाद में हेसल कला जगत में मौजूद पितृसत्ता पर बात करेंगी।


इंटरनेशनली बेस्टसेलिंग इतिहासकार कैटी हिकमनने अपनी नई किताब, ब्रेव हार्टेड: द वीमेन ऑफ़ द अमेरिकन वेस्टमें अमेरिकी इतिहास में हुए सबसे बड़े प्रवासन में महिलाओं के हालात का वर्णन किया है। फेस्टिवल में आयोजित एक सत्र में, हिकमन से संवाद करेंगी लेखिका बी रोलेट। स्पाई प्रिंसेस: द स्टोरी ऑफ़ नूर इनायत खान की लेखिका, श्रबानी बासु और लोनली करेज के लेखक, रिक स्ट्राउडटीपू सुल्तान की वंशज, नूर इनायत खान के शानदार जीवन पर चर्चा करेंगे। नूर द्वितीय विश्वयुद्ध में एकमात्र एशियाई सीक्रेट एजेंट थीं। 19वीं सदी से, अनगिनत भारतीय महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में बराबरी की लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। कागजों पर, ये दिखता है कि 21वीं सदी की महिलाओं के हालात में बहुत सुधार हुआ है। हालाँकि, वास्तव में, पूंजीवाद की मांग और पितृसत्ता की मौजूदगी ये साबित करती है कि अभी भी महिलाएं मुश्किल और गैर-बराबरी का जीवन जी रही हैं। एक सत्र, ‘लाइज अवर मदर टोल्ड अस’ में समकालीन महिलाओं द्वारा झेली जा रही चुनौतियों पर बात होगी । पुरस्कृत पत्रकार और लेखिका नीलांजना भौमिक और डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव, यूएन वीमेन इंडिया, कांता सिंहइस मुद्दे पर अपने विचार रखेंगी।



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