बजट से नियमित कर्मचारियों में निराशा

           बजट से नियमित कर्मचारियों में निराशा  


  जयपुर।  अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र राना ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  ने जो बजट पेश किया उसमे नियमित कर्मचारियों की प्रमुख मांगों, वेतन एवम भत्तों में देहली के समान वृद्धि , तीन Acp 9,18,27 वर्ष के स्थान पर 4 Acp ,पेंशन परिलाभ में पुरानी संविदा सेवा की गड़ना, ग्रामीण भत्ता, महिलाओं के लिए पीरियड लीव, संविदा कर्मियों का नियमितकरण,कर्मचारी कल्याण बोर्ड का गठन इत्यादि की और ध्यान नहीं दिया। इससे कर्मचारी आहत हैं। हालाकि निगमों बोर्डो में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी ops लागू करने, पेंशन के लिए क्वालिफाइंग सेवा 28 से घटा कर 25 वर्ष करना,,पदोन्नति में 2 वर्ष के अनुभव की छूट, अलग अलग ठेकेदारों के शोषण से संविदा कर्मियों की मुक्ति, संविदा भर्ती नियम 2022 के तहत संविदा पर ही नए सिरे से भर्ती के लिए पुराने संविदा कर्मियों की सेवा को शामिल करना एवम महिला आंगनबाड़ी एवम अन्य पार्ट टाइम मानदेय भोगी कार्मिकों के वेतन में 15 % की वृद्धि  राहत पूर्ण है। कर्मचारी महासंघ एकीकृत द्वारा रविवार को जयपुर में महासमिति  कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई हैं, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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