किस्मत खराब तो 90 यूनिट पर भी फ्री बिजली नहीं

किस्मत खराब तो 90 यूनिट पर भी फ्री बिजली नहीं

         1 करोड़ उपभोक्ता मुफ्त बिजली के हकदार, 

      लेकिन अभी नहीं मिलेगा फायदा, जानिए- क्यों?


जयपुर । राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राजस्थान में जून से शहरी क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी। सरकार ने स्कीम तो लागू कर दी, लेकिन आपकी किस्मत खराब हुई तो 90 यूनिट बिजली खपत पर भी आपको पैसे चुकाने पड़ सकते हैं।

बिजली बिल के किस्मत कनेक्शन को इस तरह समझ सकते हैं कि सरकार ने जो 100 यूनिट बिजली फ्री का प्रावधान किया है वो एक माह के बिजली के बिल पर लागू होगा, लेकिन कई बार बिजली की रीडिंग 30 दिन या उससे ज्यादा यानी 33 दिन में भी होती है।

ऐसी स्थिति में भी उपभोक्ताओं को नुकसान होता है। मान लीजिए किसी व्यक्ति के 30 दिन में 90 यूनिट बिजली की खपत हुई, लेकिन मीटर रीडिंग 2 या 3 दिन बाद हुई और तब तक 100 यूनिट से ज्यादा खपत हो गई तो ‘100 यूनिट तक फ्री बिजली’ स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा।

इसके अलावा एक्सपट्‌र्स का ये भी मानना है कि गर्मी के बजाय सर्दियों में 100 यूनिट फ्री बिजली का फायदा ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगा। गर्मियों के सीजन में यानी मार्च से नवंबर तक एक घर में रोज 4 यूनिट बिजली की खपत होना सामान्य बात है।

वहीं बिजली कंपनियों की एक रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर-जनवरी में प्रदेशभर में करीब 1.04 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं की महीने की बिजली खपत 100 यूनिट या इससे कम होती है।

पढ़िए- 100 यूनिट फ्री बिजली स्कीम के हर पहलू से रूबरू कराती रिपोर

पहले समझें, बिजली के बिलों में कितना मिलेगा फायदा

गर्मियों में क्यों नहीं मिलेगा फायदा?

100 यूनिट फ्री बिजली के लिए जरूरी है एक दिन में अधिकतम 3.3 यूनिट की खपत, लेकिन गर्मियों के सीजन में ये संभव नहीं है। क्योंकि आज किसी घर में दो पंखे, दो लाइट, फ्रिज, टीवी होना कॉमन बात है। एक पंखा अगर 24 घंटे में से कम से कम 10 घंटे चलता है तो एक यूनिट और एक फ्रिज अगर पूरे दिन चलता है तो 3 यूनिट बिजली की खपत करता है।

यानी 1 पंखा और 1 फ्रिज ही दिन के 4 यूनिट के हिसाब से महीने के 120 यूनिट खा जाते हैं इसके अलावा लाइट, टीवी, मोबाइल चार्जर, मिक्सी या अन्य उपकरण भी दिन रोजाना औसतन एक से डेढ़ यूनिट बिजली की खपत करते हैं।

जयपुर डिस्कॉम के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर अर्जुन मोहनोत ने बताया कि सरकार ने भले ही 100 यूनिट बिजली फ्री की घोषणा कर दी हो, लेकिन इसका फायदा ज्यादा परिवारों को अभी चार-पांच महीने नहीं मिलने वाला। क्योंकि अप्रैल से नवंबर तक अधिकांश लोगों के बिजली की खपत हर महीने 100 यूनिट से ज्यादा होती है।

गर्मियों में इतनी खपत कि खरीदनी पड़ती है बिजली...

फ्री बिजली स्कीम का फायदा गर्मियों में बेहद कम लोगों को मिलेगा। क्योंकि हर बार गर्मियों में बिजली की रिकाॅर्ड खपत होती है। पिछले साल बारिश से पहले तक प्रदेश में औसतन 3000 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही थी। भीषण गर्मी के बीच बिजली कंपनियों का तंत्र फेल हो गया था।

प्रदेश को 12 रुपए प्रति यूनिट तक की दर से बिजली खरीदनी पड़ी थी। अप्रैल, मई व जून तक 3000 से 3200 लाख यूनिट बिजली खप रही थी। इस दौरान निगम को औसतन रोजाना 100 से 200 लाख यूनिट तक अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करनी पड़ रही थी। इसके लिए भी 4 से 5 रुपए प्रति यूनिट और पीक टाइम में 8 से 10 रुपए में खरीदी गई।

पिछले साल गर्मियों में बिजली खपत इतनी बढ़ गई थी कि औसतन रोजाना 100 से 200 लाख यूनिट तक अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी थी।

पिछले साल गर्मियों में बिजली खपत इतनी बढ़ गई थी कि औसतन रोजाना 100 से 200 लाख यूनिट तक अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी थी।

इस तरह की जाती है बिजली बिल की गणना…

50 यूनिट तक 4.75 रुपए प्रति यूनिट।

51 से 100 यूनिट तक 6.50 रुपए प्रति यूनिट।

151 से 300 यूनिट तक 7.35 रुपए प्रति यूनिट।

301 से 500 यूनिट तक 7.65 रुपए प्रति यूनिट।

501 या उससे ज्यादा यूनिट पर 7.95 रुपए प्रति यूनिट।

300 यूनिट तक बिजली की खपत होने पर फिक्स चार्ज 275 रुपए लगता है।

301 से 500 यूनिट तक की खपत होने पर फिक्स चार्ज 345 रुपए वसूला जाता है।

शहरी उपभोक्ताओं से 15 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से अरबन सेस लगाया जाता है।

सभी उपभोक्ताओं से 40 पैसे प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगाई जाती है।

150 तक प्रति यूनिट 3 रुपए अनुदान

राज्य सरकार की घोषणा और बिजली कंपनी से जारी टेरिफ के मुताबिक जिनके घर में हर महीने बिजली की खपत 100 यूनिट तक हो रही है, उसे मुख्यमंत्री की नई बजट घोषणा का फायदा मिलेगा। जिनके 100 यूनिट से ज्यादा बिजली उपयोग हो रही है, उनको इसका फायदा बिल्कुल नहीं होगा।

उन्हें सरकार उतना ही रिबेट या छूट देगी जो पहले से देती आ रही है। वर्तमान में 50 यूनिट से ज्यादा और 150 यूनिट तक बिजली की खपत करने वालों को सरकार 3 रुपए प्रति यूनिट का अनुदान देती है। जबकि 150 यूनिट से ज्यादा और 300 यूनिट तक बिजली की खपत करने वालों को 2 रुपए प्रति यूनिट का अनुदान मिलता है। ये अनुदान अधिकतम 750 रुपए का मिलता है।

जून के बिल से मिल सकता है फायदा

सरकार की ओर से 100 यूनिट के बिजली के बिल की घोषणा का फायदा जून से मिलने की संभावना है, हालांकि सरकार ने अभी इसको लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा किसानों के फिक्स चार्ज कनेक्शन को लेकर भी अभी कोई पॉलिसी निर्धारित नहीं की है।

सरकार ने किसानों को 2 हजार यूनिट तक बिजली फ्री देने का एलान तो किया है, लेकिन अधिकांश बिजली कनेक्शन फिक्स रेट पर है यानी उनके मीटर नहीं लगे है और एक फिक्स राशि बिल के रूप में वसूली जाती है।

राजस्थान में फिर महंगी हुई बिजली:तीन महीने के लिए हर यूनिट पर फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा; किसानों को दी राहत

प्रदेश में एक बार फिर से बिजली की दरें बढ़ गई हैं। अब बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। ऐसे में अगले तीन महीने तक उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिल देना होगा। दरअसल, राज्य सरकार ने तीन महीने के लिए 45 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है।

हर बिजली कंज्यूमर को 100 यूनिट पर अब 45 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। फ्यूल सरचार्ज का पैसा तीन महीने तक बिल में जुड़कर आएगा। फ्यूल सरचार्ज हर महीने 50 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वालों से ही वसूला जाएगा। हर महीने 50 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों और किसानों के सिंचाई के कनेक्शन पर फ्यूल सरचार्ज नहीं लिया जाएगा।

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