'शक्ति - एक आंतरिक शक्ति' को मिला स्टैंडिंग ओवेशन

  'शक्ति - एक आंतरिक शक्ति' को मिला स्टैंडिंग ओवेशन


नई दिल्ली । 'शक्ति - एक आंतरिक शक्ति'  संगोष्ठी  को वहां उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।  पी एच डी चैम्बर में हुई इस संगोष्ठी  में  गेस्ट ऑफ़ ऑनर  लेफ्टिनेंट डॉ रीटा गंगवानी  ने इस अनूठे प्रयास की सराहना करी ।  दूसरी गेस्ट ऑफ़ ऑनर रोचिका अग्रवाल जो सेंसर बोर्ड की सदस्य हैं, क्लाकारा हैं, कथक की नृत्यांगना है और  फैशन डिजाइनर हैं, ने कहा, "स्त्रीयों को अपने संस्कार अपने परिवार को देने चाहिए। इससे हमारी अगली पीढ़ी  का सकारात्मक विकास होता है "।


नीलम गुप्ता और विनि खुराना द्वारा प्रस्तुत  'शक्ति - एक आंतरिक शक्ति'  संगोष्ठी' का ध्येय है कि अपनी आत्म शक्ति, सृजनशीलता और अदम्य भाव के बलबूते पर स्त्री परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके | नीलम गुप्ता ने कहा,"आज के संगोष्ठी का अनुभव बहुत ही खूबसूरत रहा। पूरी संगोष्ठी के कार्यक्रम को सभी ने सराहा। इसमें अलग अलग रंग और खुशबू थी। यहां पर उपस्थित सभी अतिथि अपने साथ कुछ न कुछ लेकर ही गए हैं। हम सभी सहयोगियों और अतिथियों का दिल से धन्यवाद करते हैं"। 


विनी खुराना ने कहा, "एक दृढ़ निश्चय वाली स्त्री को पता होता है कि उसके अंदर अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए काफ़ी शक्ति है पर एक शक्ति से भरपूर स्त्री जानती है कि जीवन के इस संघर्ष में वह अंदर से और भी अधिक मजबूत बन जायेगी। यह संगोष्ठी मेरा एक बहुत पुराना सपना है। बहुत समय से मैं ऐसा कुछ करने का सोच रही थी। खुशी है कि आज मेरा पहला प्रयास सफल हुआ है।"चाहे  वह गृहिणी हो या ऑफिस में काम करने वाली महिला , सभी में मानसिक, भावात्मक और शारीरिक आत्मबल होता है।  जरूरत केवल उस आत्मबल को कुंडलिनी की तरह जागृत करने की है।  इस संगोष्ठी में जानी  मानी  वक्ता किरन संधु -  20 वर्षों से भी अधिक अनुभव एक बिहेवियरल स्पेशलिस्ट एवं कोच ने हंसते हंसाते जीवन के संघर्ष को जीतने के नुस्खे बताए। सचिन गुप्ता, जो फिल्म व थिएटर के निर्देशक हैं और चिलसाग एंटरटेनमेंट नेटवर्क के डायरेक्टर हैं, ने थियेटर को नृत्य से जोड़ा। उसका उदाहरण था भरतनाट्यम की प्रस्तुती। 


 इस संगोष्ठी में  मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा है और इस पैनल की मध्यस्थता जानी मानी नुरोलॉजिस्ट  डॉ सोनिया लाल गुप्ता ने करी।  इसमें भाग लेकर  एडवोकेट प्राची मेहता, अष्विका फाउंडेशन और नारी अभियान की संस्थापिका  शमा सोनी जी और बालक और किशोर मानशास्त्री डॉ प्रमित रस्तोगी जी ने इसे बहुत रोचक स्वरुप दे दिया। इनके आलावा इंडिपेंडेंट कलाकार और रैपर मिकीबी अपने गीतों से सबका मनोरंजन किया।  इसी संगोष्ठी में एक 'शक्ति वाक' का आयोजन किया गया था  जिसमें विभिन्न युगों की स्त्रियों की आत्म  शक्ति का  कहानी के माध्यम से नीलम गुप्ता द्वारा सुंदर वर्णन किया गया। तबले पर उनका साथ दिया उस्ताद जहीन खान ने। हमने माता सीता, द्रौपदी, मीरा बाई, माई भागो, महारानी ताराबाई, रानी लक्ष्मी बाई, सुषमा स्वराज के जीवन के पन्नों से वृत्तांत्र लेकर प्रेरणास्रोत्र गढे गए थे।

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