स्वर्ण मंदिर हमारी आस्था और समर्पण का प्रतीक: मुख्यमंत्री

स्वर्ण मंदिर हमारी आस्था और समर्पण का प्रतीक: मुख्यमंत्री


अमृतसर ( राजेश ठाकुर ) । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अमृतसर में ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में शीश नवाया और सभी के सुखमय जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की प्रार्थना की। स्वर्ण मंदिर समूचे विश्व में हरमंदिर साहिब तथा श्री दरबार साहिब के नाम से विख्यात है और यहां देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर हमारी आस्था और समर्पण का प्रतीक है तथा यहां मनुष्य को कर्म की प्रधानता और भारतीय संस्कृति की विशालता का बोध होता है। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं की प्रासंगिकता आज पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि हम सभी गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से मुख्यमंत्री का हरमंदिर साहब में स्वागत किया गया और उन्हें स्वर्ण मंदिर के इतिहास की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। समिति द्वारा मुख्यमंत्री को स्वर्ण मंदिर की प्रतिकृति और धार्मिक पुस्तकों का सेट भी भेंट किया गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।


*मुख्यमंत्री ने दुर्गियाना मंदिर में की पूजा-अर्चना*


मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के सीमांत जिला अमृतसर के सुप्रसिद्ध एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक दुर्गियाना मंदिर में प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य, सुख और समृद्धि की कामना की। मां दुर्गा को समर्पित यह मंदिर देश-विदेश के भक्तों की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति में मां का स्थान सर्वोच्च है और मां के प्रति समर्पण, सफलता एवं आरोग्य की कुंजी है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।


*मुख्यमंत्री ने जलियांवाला बाग में सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की*

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य सेनानियों को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में रॉलेट अधिनियम के विरोध में तथा स्वतंत्रता सेनानियों सैफुदीन किचलू और सत्यपाल की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नृशंस कार्यवाही के जख्म आज भी नहीं भरे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे अमानवीय कृत्यों को सदैव स्मरण रखना होगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जलियांवाला बाग से जुड़ी प्रत्येक निशानी का सूक्ष्म अवलोकन भी किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।


*मुुख्यमंत्री ने विभाजन संग्रहालय का अवलोकन किया*

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में भारत पाकिस्तान बंटवारे की दुःखद स्मृतियों के प्रतीक विभाजन संग्रहालय (पार्टीशन म्यूजियम) का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन से प्रभावित लोगों के दुःख और तकलीफ को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करना अत्यन्त कठिन है। उन्होंने कहा कि ऐसी विनाशकारी स्मृतियों से उबरने के लिए राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया जाना आवश्यक है।

ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संग्रहालय की स्थापना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास युवा पीढ़ियों को सदैव आपस में मिलजुल कर रहने और अपनों के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी को इतिहास की समुचित जानकारी प्रदान करने पर भी बल दिया। उन्होंने संग्रहालय में प्रदर्शित दस्तावेजों और वस्तुओं में गहरी रुचि दिखाई और सारगर्भित जानकारी प्राप्त की।

अमृतसर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में वर्ष 2017 में स्थापित यह विभाजन संग्रहालय विश्व का ऐसा प्रथम संग्रहालय है जहां विभाजन की विभीषिका को दर्शाते दस्तावेज सहेज कर रखे गए हैं।

इस संग्रहालय की स्थापना द आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज न्यास द्वारा पंजाब विरासत एवं पर्यटन प्रोत्साहन बोर्ड (पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड) की सहायता से की गई है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।



*अमृतसर में बसे हिमाचलियों ने 2 लाख 21 हजार का चेक राहत कोष में दिया*


मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में निवास कर रहे हिमाचल के हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य लोगों से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल की अपनी विशिष्ट संस्कृति है और सभी प्रदेशवासियों को अपनी परंपराओं एवं लोकाचार का सदैव पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग पूरे विश्व में अपने सरल व सहज व्यवहार एवं कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को हिमाचली कल्याण सभा के तत्वावधान में अमृतसर में निवास कर रहे नादौन विधानसभा क्षेत्र एवं हिमाचल के अन्य निवासियों की ओर से सभा के सदस्य गौरव शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 21 हजार रुपए के चेक भेंट किए।


मुख्यमंत्री ने इस पुण्य कार्य के लिए हिमाचल कल्याण सभा के अमृतसर के सभी सदस्यों एवं अन्य दानी सज्जनों का आभार प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की कि इससे अन्यों को भी आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की सहायता करने की प्रेरणा मिलेगी। सभा के सदस्यों की ओर से इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया और ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई।

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, हिमाचल कल्याण सभा के सदस्य गोगी शर्मा व अन्य सदस्य तथा गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

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