एक गहलोत के पीछे पूरी मोदी फोर्स

     एक गहलोत के पीछे पूरी मोदी फोर्स 

                       + चुनाव / भड़ास डाट काम + 


                              * अशोक शर्मा


हां यही सच है कि राजस्थान के चुनाव में मोदी जी की पूरी भाजपा फोर्स ने अशोक गहलोत को घेर लिया है और यह गहलोत का ही दमखम है कि वे अकेले ही सब पर भारी पड़े हैं और पड रहे हैं।


* राजस्थान में चुनाव का घमासान मचा हुआ है। ऐसे में पक्ष-प्रतिपक्ष के नेता एक-दूसरे पर भडास निकाल रहे हैं, या यूं कहना ज्यादा उपयुक्त होगा कि गहलोत सरकार पर भडास निकाल रहे हैं। खासकर मोदी जी और अमित शाह। पीएम नरेंद्र मोदी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जैसे हाथ धोकर पीछे पड गए हैं। वे कभी कहते हैं कि कांग्रेस नेताओं डूब मरो, राजस्थान में कांग्रेस सरकार महिला अपराध रोकने में विफल रही। ( यूपी और एमपी तथा बिहार में राजस्थान से ज्यादा महिला अपराध होते हैं, क्या योगी उनको रोक पाए ॽ ) कांग्रेस झूठी पार्टी है। ( भाजपा ने अब तक कौन-सा सच बोला है, एक तो बताएं। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों के दस साल के समाचार पत्रों को उठा कर देखें, पता चल जाएगा )। मै कांग्रेस के मगरमच्छों को भी नहीं छोड़ूंगा। ( क्यों नहीं, भाजपा के मगरमच्छ तो दिखाई नहीं देते। )  लेकिन एक बात बताएं कि केन्द्र सरकार 10 साल क्या कर रही थी ॽ कांग्रेस में अब ही मगरमच्छ नजर आ रहे हैं। जरा अपनी पार्टी पर भी गौर फरमाएं, अकेले मध्यप्रदेश में ही 253 प्रमाणित घोटाले पड़े हैं लेकिन वे दिखाई नहीं देते। पिछले दस सालों का भाजपा राज्यों का भ्रष्टाचार खंगाला जाए तो एक हजार से अधिक घोटालों के मामले नजर आ जाएंगे। लेकिन नहीं, वहां हम नहीं देखते।


* कुछ दिनों पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्थान आए थे। उन्होंने एक सभा में कहा था कि कांग्रेस ने अकबर को महान बना दिया। ( भाई साहब, 1947 के बाद अब नींद खुली है ॽ 2023 में आकर। 73 साल बाद ॽ अब तक क्या कर रहे थे। ) उधर अमित शाह ने कह दिया कि गहलोत राज में आए दिन दंगे-फसाद हो रहे हैं, कन्हैया लाल का सिर काट डाला, अलवर में मंदिर तोड दिया। ( एक मिनट, अलवर तो आपके बालकनाथ का गढ है, वो जब वहां एसपी को उंगली दिखा सकते हैं तो एक मंदिर टूटने से नहीं बचा सके ॽ वैसे तो वे बहुत गुर्राते हैं।) अमित शाह यह भी कहते हैं कि राजस्थान देश का सबसे भ्रष्ट राज्यों में से एक है। यहां कानून व्यवस्था चौपट है। ( क्योंकि यहां भाजपा की सरकार नहीं है, इसलिए ॽ, लगभग एक साल से मणिपुर जल रहा है, आपने अब तक वहां क्या किया ॽ मणिपुर छोड अब तो मिज़ोरम में भी हालात बिगड गए हैं। आप केन्द्रीय गृहमंत्री हैं, आप दीवाली मना रहे हैं लेकिन उन्हें रोटी तक नसीब नहीं। क्या कर रहे हैं आप ॽ


* इसी मौके पर राजेन्द्र राठौड़ ने भी भडास निकाली यह कह कर कि कांग्रेस राज में सबसे ज्यादा दलित अत्याचार के मामले हुए हैं। ( आपने गिने थे क्या ॽ ) वैसे राजेन्द्र राठौड़ भी हैं बडे अजीब नेता। दो दिन पहले दौसा में एक पांच साल की बच्ची से हुई दरिंदगी को लेकर उन्होंने कह दिया कि जनता को गारंटी देने वाले मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी क्यों नहीं देते ॽ राठौड साहब, इस धरती पर कोई है जो ऐसी गारंटी दे सकता है। इस धरती के ज़र्रे-ज़र्रे-पर ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं, पूरे विश्व की एक भी सरकार बता दीजिये जो ऐसा होने से रोक सकती हो। भारत में भी जहां-जहां भाजपा सरकारें हैं, क्या वहां ऐसी घटनाएं कत्तई नहीं हुईं या नहीं हो रही ॽ इन्द्र देव ने तो कश्यप मुनि की पत्नी से उसके पति का भेस बदल कर संसर्ग कर लिया था और शंकर भगवान ने अपने दिव्य नेत्रों से यह देख भी लिया था, फिर भी उन्होंने नहीं रोका, वो तो सर्वशक्तिमान हैं, भगवान हैं फिर भी ॽ पता नहीं कैसी-कैसी राजनीति करते हैं लोग।


* और देखो एक हैं हमारे भगवाधारी कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम, जो कब किस पार्टी से गलबहियां कर लें, कोई नहीं सोच सकता। कभी सचिन पायलट की तारीफ कर दी थी तो बाद में उन्हें बेवकूफ कह दिया। भाई साहब ने हाल ही में कहा कि कुछ कांग्रेसी नेताओं को राम से नफरत है। ( ऐसा लगता है कि प्रमोद कृष्णम के पास यह सब देखने के सिवा कोई काम नहीं है। क्या उन्होंने हर कांग्रेसी नेताओं के घरों में घुस कर देखा है कि कौन-कौन राम से नफरत करते हैं। प्रमोद कृष्णम जी, घर-घर ताक-झांक करने की, और फिजूल की इधर-उधर करने की आदत छोड़ें और इन्सान बनें।

* अब इन्हें देखो, ये हैं सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा नहीं, मोदी जी के भोंपू। इन्हें कोई इशारे की जरूरत नहीं, जिन्हें मोदी जी निशाने पर ले लेते हैं उन्हें ये भी ले लेते हैं। कुछ दिनों से राजस्थान में बैठे हैं और गहलोत सरकार पर फुलझडी-पटाखे छोड रहे हैं। पिछले दिनों इन्होंने भी कह दिया कि गहलोत राज में नौजवान परेशान हैं। पर कैसे ॽ यह स्पष्ट नहीं कर पाए। फिर कहा कि किसान परेशान हैं, इसे भी स्पष्ट नहीं कर पाए,‌ फिर कहा कि गहलोत राज में कानून व्यवस्था लहूलुहान है, यह भी नहीं बता पाए। ऐसा लगता है कि सुधांशु त्रिवेदी जो रट कर आए थे, बस वह बोल दिया। वो बरसों से भाजपा के साथ हैं, देश के किस राज्य में कानून व्यवस्था 100 प्रतिशत सही है, त्रिवेदी जी, जरा एक का ही नाम बता दें। लेकिन नहीं। पता नहीं लोग कहां-कहां से चले आते हैं।

* राजस्थान में चुनाव को लेकर घमासान चल रहा है। ऐसे में प्रदेश और देश भर के भाजपाई नेता अशोक गहलोत को घेरने राजस्थान में बैठे हैं। हकीकत यह है कि इनका बस चले तो ये अशोक गहलोत को कच्चा चबा जाएं। सब के सब गडे मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं या व्यक्तिगत छवि पर हमले कर रहे हैं। आम इंसान की तकलीफों से इन्हें कोई लेना-देना नहीं। यह राजनीति नहीं ओछापन है।

* अब इन्हें देखो, भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज तिवारी ने नीतीश कुमार के लिए कह दिया कि आज-कल वे गंदी फिल्में देख रहे हैं। इसका मतलब कि मनोज तिवारी को पता है कि गंदी फिल्में कैसी होती हैं, और उन्हें कैसे देखते हैं और वे कैसे-कैसे दिमाग खराब करती हैं। चूंकि वे भाजपाई हैं, बरसों से राजनीति से जुड़े होने के साथ भोजपुरी फिल्मों से भी जुडे हुए हैं। और जो इन्सान फिल्मों से जुडा हुआ है उसे गंदी फिल्मों का खासा तुजुर्बा होता है, क्योंकि वहां एक के अनेक से सेक्स संबंधों को गंदा माना ही नहीं जाता। वहां तो एक से अनेक के जिस्मानी रिश्ते आम बात है जो बरसों से चले आ रहे हैं। जब से भाजपा ने मनोज तिवारी से कन्नी काटी है तब से वे येन-केन तरीकों से पुनः पद-मलाई खाने के प्रयत्न कर रहे हैं।

*अशोक शर्मा *7726800355

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं, ये खरी एवं बेबाक लेखनी के लिए जाने जाते हैं)

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