भजन लाल शर्मा बने राजस्थान के मुख्यमंत्री

             भजन लाल शर्मा बने राजस्थान के मुख्यमंत्री 



            दिया कुमारी,प्रेम चंद बैरवा उप मुख्यमंत्री नियुक्त 



                वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष होंगे 



जयपुर । केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ओर से राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक भजन लाल शर्मा को राजस्थान भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता (मुख्यमंत्री) के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। शर्मा के नाम का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रखा। इसके साथ ही पार्टी नेतृत्व ने तय किया है कि राजस्थान में दो डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा और दीया कुमारी जयपुर के नाम पर सहमति जताई है। विधानसभा स्पीकर के लिए वासुदेव देवनानी का नाम तय किया गया है।


कौन हैं भजनलाल शर्मा, जिन्हें भाजपा ने बनाया राजस्थान का नया सीएम

राजस्थान समेत पूरे देश की जनता को जिस नाम का इंतजार था वह सामने आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सभी कयासों पर ब्रेक लगाते हुए भजनलाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया है। 3 दिसंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव के परिणाम आए थे। इसके बाद से ही वसुंधरा राजे, बाबा बालकनाथ समेत विभिन्न नेताओं को सीएम पद की रेस में माना जा रहा था। हालांकि, इन सभी को पछाड़ते हुए भजनलाल शर्मा का नाम सीएम पद के लिए तय हो गया है। 


पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा

भजनलाल शर्मा राजस्थान की सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान ईकाई के प्रदेश महामंत्री का पद भी संभाल रहे थे। भरतपुर से ताल्लुक रखने वाले 56 वर्षीय भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं। खास बात ये है कि 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में वह पहली बार विधायक बने हैं। भजनलाल शर्मा को संघ और संगठन दोनों का करीबी माना जाता है। 


विधायकों ने चुना नेता

जयपुर में राजनाथ सिंह की अगुवाई में तीन पर्यवक्षकों द्वारा विधायक मंडल की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में विधायकों ने भजनलाल शर्मा को अपना नेता चुना है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, खुद वसुंधरा राजे ने नए मुख्यमंत्री के रूप में भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा है। 


वसुंधरा की विदाई

भजनलाल शर्मा के रूप में नए सीएम के ऐलान के बाद अब राज्य से वसुंधरा राजे की विदाई हो गई है। राजे ने 2 बार राज्य के सीएम पद की कमान संभाली थी। भाजपा की ओर से पहले से ही इशारा कर दिया गया था कि पार्टी किसी नए चेहरे को सीएम पद की कमान सौंप सकती है। इस कारण ये तय माना जा रहा था कि वसुंधरा इस बार सीएम नहीं बनेंगी।

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