कानून की वर्दी में अय्याशी और धंधा
*मीनाक्षी शर्मा और कल्पना वर्मा*
+ *नर्म नाज़ुक काया के कारनामे*
+ *कानून की वर्दी में अय्याशी और धंधा*
(अशोक शर्मा ,लेखक एवं स्वतंत्र पत्रकार, अजमेर)
छत्तीसगढ़ की महिला डीएसपी कल्पना वर्मा द्वारा दीपक टंडन को यथाकथित रूप से ब्लैकमेल करने का मामला अभी सुर्खियों में ही है कि उत्तरप्रदेश के जालौन में भी ऐसा ही एक वाकिया घटित हो गया जिसने पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट को हिला कर रख दिया। जालौन थाने की महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा ने थाने के सभी सिपाहियों से सेक्स संबंध स्थापित कर लिए। उसने अपने ही डिपार्टमेंट के पुलिस इंस्पेक्टर अरूण कुमार से भी संबंध बनाए और उसे ब्लैकमेल करने लगी जिस कारण उसने ख़ुद को गोली मार ली। अरूण मर गए। मौका-ए-वारदात मीनाक्षी शर्मा अरूण के साथ ही थी। यह सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हो गया। अरूण की आत्महत्या के बाद गोरखपुर से उसकी पत्नी जालौन पहुंची और उसने मीनाक्षी के खिलाफ अरूण की हत्या की रिपोर्ट दर्ज़ करा दी। चूंकि अरूण पुलिस इंस्पेक्टर थे इसलिए पुलिस ने भी मामला दर्ज होते ही मीनाक्षी को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच अब एसआईटी कर रही है। लेकिन इससे पहले ही मीनाक्षी ने अपने मोबाइल डाटा डिलीट कर दिए और वाट्सएप पर मौजूद ऐसे सभी रिकार्ड भी हटा दिए। उच्चाधिकारियों के आदेश पर अब मीनाक्षी की सम्पत्ति की जांच की जा रही है कि इतनी दौलत उसके पास कहां से आई ॽ चूंकि वह महंगे मोबाइल फोन और ब्रांडेड कपड़े ही यूज करती थी। इसके अलावा उसके पास करोड़ों की सम्पत्ति भी पाई गई। वह इतने ठाठ-बाट से रहती है जितने ठाठ से बड़े से बड़ा अफ़सर भी नहीं रह सकता। जालौन से पहले मीनाक्षी पीलीभीत के पास पूरनपुर में तैनात थी और वहां भी उसने एक कांस्टेबल को फांस लिया और उससे भी लाखों रुपए बटोरे। उससे भी उसने 25 लाख रुपए की मांग की थी। लेकिन उसके न दे पाने पर उस कांस्टेबल के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करा दिया जो अभी कोर्ट में लंबित है। *मीनाक्षी की गिरफ्तारी के बाद ज्ञात हुआ कि जालौन के अधिकांश पुलिस अधिकारियों से उसके जिस्मानी ताल्लुकात रहे और वह उन सभी से लाखों रुपए की ज्वैलरी के अलावा करोड़ों रुपए वसूल चुकी है।* मीनाक्षी के जालोन थाने के भी अधिकांश सिपाहियों से शारीरिक संबंध रहे। उसकी गिरफ्तारी के बाद ऐसे कई खुलासे हुए। चूंकि अरूण कुमार कुंठौत और मीनाक्षी पहले कोतवाली में साथ-साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों में दोस्ती हुई जो बिस्तर तक पहुंच गई। जबकि अरूण शादीशुदा थे। अरूण को मुट्ठी में करने के बाद मीनाक्षी ने कभी भी वर्दी नहीं पहनी। वह थाने पर ड्यूटी पर भी कभी-कभार आती और जब भी आती सभी पर रौब गालिब करतीं। चूंकि अब मीनाक्षी की शादी तय हो गई। फलतः उसने अरूण से 25 लाख रुपए की मांग कर दी। अरूण के इन्कार कर देने पर मीनाक्षी ने उसे अंतरंग वीडियो दिखा कर ब्लैकमेल करने की धमकी दी। ऐसे में कोई भी मार्ग न सूझने पर अरूण ने ख़ुद को गोली मार ली। अरूण मर गए।
+ कल्पना वर्मा और मीनाक्षी शर्मा। इन दोनों पर दीपक टंडन और अरूण कुमार को हनी ट्रेप में फंसा कर करोड़ों रुपए वसूलने का आरोप लगा है। लेकिन दोनों के केस में स्थितियां अलग-अलग हैं। कल्पना पर दीपक टंडन ने हनी ट्रेप का आरोप लगाया। जबकि कल्पना ने दीपक की पत्नी पर उससे लिये हुए रूपए नहीं लौटाने का केस दर्ज कराया। अर्थात दोनों में घरेलू निकटता थी। यद्यपि कल्पना के खिलाफ दीपक पहले पुलिस के पास पहुंचा था लेकिन पुलिस ने उसका केस दर्ज नहीं किया बल्कि उसे मात्र शिक़ायत क़रार देकर कल्पना का बचाव कर लिया। जबकि पुलिस ने बाद में कल्पना का दीपक के खिलाफ केस तत्काल दर्ज कर लिया। क्यों ॽ ऐसे में एफआईआर का क्या मतलब ॽ दीपक के अनुसार उसने कल्पना को अनेक कीमती तोहफे दिए और अपना एक होटल भी उसके भाई को दे दिया। इसके अलावा करोड़ों रुपए भी दिए। दीपक टंडन के अनुसार कल्पना ने उससे शारीरिक संबंध बना लिए थे और बाद में उसे ब्लैकमेल करने लगी। इधर मीनाक्षी के केस में जांच का विषय यह भी है कि जिन पुलिसकर्मियों से उसके शारीरिक संबंध थे और वे उसे महंगे-महंगे गिफ्ट देते थे। ऐसे में वे पुलिस वाले इतने महंगे गिफ्ट कहां से लाते थे जबकि एक पुलिसकर्मी की आय इतनी नहीं होती कि वह महंगे गिफ्ट खरीद सकें। यकीनी तौर पर वे बहुत ज्यादा ऊपरी कमाई करते थे। चूंकि अय्याशियों का शौक तभी लगता है जब दो नम्बर की कमाई हो रही होती है। वर्दी कैसी भी हो, ऊपर की कमाई और अय्याशी का शौक ऐसे सभी लोग फरमाते हैं। ऐसे किस्से आए दिन सामने आते भी रहते हैं। इसी वर्ष के प्रारम्भ में पंजाब में एक आईपीएस अधिकारी के सेक्स स्कैंडल ने काफी तहलका मचाया था। बिहार के कैमूर में एक महिला डीएसपी का यौन शोषण में एसपी लिप्त पाए गए। एक दशक पहले महाराष्ट्र में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में हुए बड़े सेक्स स्कैंडल ने पूरे देश में तहलका मचा दिया था। पिछले महीने मध्यप्रदेश के सिवनी में तैनात सब इंस्पेक्टर चन्द्रशेखर ने अपनी ही महिला पुलिस अधिकारी को नहीं बख्शा। बाद में उन्हें एससी एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। ऐसे ही एमपी में ही सीआईडी के असिस्टेंट जनरल ( ए आई जी ) अनिल मिश्रा के खिलाफ राजस्थान के जयपुर में महिला पुलिस स्टेशन में एक महिला का यौन शोषण करने का मामला सामने आया। उक्त महिला ने आरोप लगाया कि उस अधिकारी ने दो साल तक उसका यौन उत्पीडन किया और राजस्थान के कई शहरों में किया। पंजाब का मोगा सेक्स स्कैंडल किससे छिपा है ॽ इस मामले में चार पुलिस अधिकारी दोषी करार दिए गए थे और कोर्ट ने इन सभी को पांच-पांच साल जेल की सजा सुनाई। इस केस में कुछ नेता भी शामिल थे। त्रिया चरित्र ऐसा होई, खसम मार के सती होई। हमारे बुजुर्गों ने यह कहावत युगों पूर्व गढ़ दी थी, जो अक्षरशः सही है। स्त्री के चरित्र का कोई भरोसा नहीं कि वह कब बदल जाए। मौजूदा दौर में शराफ़त का नकाब ओढ़ी महिलाओं के ऐसे भरपूर मामले उजागर हो रहे हैं। देह और दौलत की अनन्त भूख में राजनीति से लेकर हर डिपार्टमेंट और आम घरों तक यह सेंध लग चुकी है। भारतीय नेशनल हैल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार देश की 5% से अधिक महिलाओं के गैर पुरुष से यौन संबंध हैं। मतलब कि हर सौ में से पांच। जबकि सौ में से पांच हर गली-मोहल्ले में मिल जाएंगे। जो कि सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों को दर्शाता है। यह यथार्थ है कि औरत को दौलत पर फिसलते देर नहीं लगती और पुरूष को औरत की देह पर।

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