कोप्रेन्योर्स ने लॉन्च किया को-क्लब
ऑफबिजनेस के सह-संस्थापक नितिन जैन की चेतावनी:
6 महीने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं सीखी तो अप्रासंगिक हो जाओगे
शार्क टैंक प्रसिद्ध किरण शाह ने बताया —
35 लोगों की टीम से बनाई 100 करोड़ रुपये की कंपनी
जयपुर में 200 से अधिक संस्थापक जुटे को-समिट 2026 में,
कोप्रेन्योर्स ने लॉन्च किया को-क्लब
जयपुर, 12 अप्रैल । “अगले 6 महीने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं सीखी तो आप अप्रासंगिक हो जाओगे।”
यह सख्त चेतावनी दी 5 अरब डॉलर मूल्यांकन वाली ऑफबिजनेस की सह-संस्थापक और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित मंच 1Buy.AI के संस्थापक नितिन जैन ने। जयपुर के राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में शुक्रवार को आयोजित को-समिट 2026 में 200 से अधिक संस्थापकों और उच्च अधिकारियों से भरे सभागार में यह बात कही गई।
को-समिट का आयोजन राजस्थान की 11 वर्ष पुरानी संस्थापक समुदाय कोप्रेन्योर्स ने किया। एक दिन के इस आमंत्रण-केवल समिट की थीम थी — सामूहिक बुद्धिमत्ता: मानवीय समझ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति को मिलाकर व्यवसाय कैसे बढ़ाया जाए।
खास बात यह रही कि संस्थापक केवल राजस्थान से नहीं, बल्कि बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और मुंबई से भी बड़ी संख्या में पहुंचे। कई प्रवासी राजस्थानी उद्यमी और निवेशक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
को-क्लब का भव्य उद्घाटन
कार्यक्रम की शुरुआत एक बड़े घोषणा के साथ हुई। कोप्रेन्योर्स के तीनों सह-संस्थापकों — नितिन जैन (इंडिबिनी वेंचर्स/इंडिगिफ्ट्स), अनुज अग्रवाल और राहुल सिंह — ने 200 से अधिक संस्थापकों के सामने को-क्लब का शुभारंभ किया।
एक प्रभावशाली लॉन्च वीडियो के साथ शुरू हुए इस नए सदस्यता कार्यक्रम के माध्यम से विकास-चरण के संस्थापकों को मासिक बैठकें, विशेष प्रशिक्षण सत्र और आमंत्रण-केवल नेटवर्क का व्यवस्थित पहुंच मिलेगा।
“2 लोगों से बन रही हैं अरब डॉलर की कंपनियां, बाकी काम कृत्रिम बुद्धिमत्ता कर रही है”
उद्घाटन सत्र में ऑफबिजनेस/1Buy.AI के नितिन जैन और कोप्रेन्योर्स के सह-संस्थापक नितिन जैन के बीच विचार-विमर्श हुआ।
नितिन जैन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने व्यवसाय बनाने का पूरा तरीका बदल दिया है। आज सिर्फ 2 लोगों की टीम अरब डॉलर की कंपनियां बना रही है, क्योंकि बाकी सारा काम कृत्रिम बुद्धिमत्ता संभाल रही है। उन्होंने संस्थापकों को साफ चेतावनी दी कि अगले 6 से 12 महीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कौशल नहीं सीखी तो इस सभागार में बैठे अधिकांश लोग भी जल्द अप्रासंगिक हो सकते हैं।
प्रशिक्षण सत्रों में क्या-क्या हुआ
समिट में कई उच्च गुणवत्ता वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुए:
डॉ. अपूर्व चमरिया (मुख्य व्यवसाय अधिकारी, न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर; पूर्व में गूगल, रेटगेन, एचसीएल) — फंड जुटाने और निवेशक तैयारता पर व्यावहारिक ढांचे सिखाए।
किरण शाह (संस्थापक, गो जीरो आइसक्रीम्स; शार्क टैंक इंडिया सीजन 4) — पारिवारिक व्यवसाय से सीधे-उपभोक्ता ब्रांड तक की पूरी यात्रा साझा की। बताया कि कैसे 35 लोगों की टीम के साथ 100 करोड़ रुपये से अधिक आय हासिल की और ब्लिंकिट, जीप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट जैसे त्वरित वाणिज्य चैनलों से विस्तार किया।
अभिमन्यु कुमार (संस्थापक, सीएक्सओस्टेप्स; पूर्व में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, बजाज एलियांज) — टीम निर्माण, लोगों का प्रबंधन और कंपनी संस्कृति पर अपने अनुभव साझा किए।
ऋषभ जैन (संस्थापक, लेबर लॉ एडवाइजर; 80 लाख से अधिक यूट्यूब ग्राहक) — नैतिकता के साथ विस्तार और यूट्यूब के माध्यम से समुदाय बनाने की रणनीति बताई।
जयंत मंघेरा (मुख्य निर्माता, बिज न्यूज+) — व्हाट्सएप, न्यूजलेटर और व्यवस्थाओं के जरिए अधिकार निर्माण तथा दर्शकों को बढ़ाने के तरीके सिखाए।
पीयूष ककरेजा (संस्थापक, पीके डिजिटल) — लाइव प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों से मात्र 1 घंटे में 100 से अधिक यथार्थवादी वीडियो विज्ञापन कैसे बनाए जा सकते हैं।
अनुज अग्रवाल (सह-संस्थापक, कोप्रेन्योर्स; संस्थापक, ग्रोलीड्स.आईओ) — लीड उत्पन्न करने, दोहराव वाले कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग और मानवीय निर्णय तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संयोजन पर सत्र लिया।
संस्थापकों की प्रतिक्रिया
दिल्ली से आए नीरज जनोदिया ने कहा, “मैंने 100 से अधिक सम्मेलनों में भाग लिया है, लेकिन को-समिट जैसा व्यावहारिक प्रारूप पहली बार देखा। यहां जो ढांचे मिले, उन्हें तुरंत लागू किया जा सकता है।”
किरण शाह ने भी प्रशंसा की: “यहां बैठे संस्थापक विकास को लेकर वास्तव में गंभीर थे। लोग प्रेरणा नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान ढूंढ रहे थे — इससे चर्चा का स्तर ही अलग हो जाता है।”
राजस्थान के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मील का पत्थर
राजस्थान में स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं — आईस्टार्ट पोर्टल पर 7,100 से अधिक और डीपीआईआईटी में 5,200 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, साथ ही 370 मिलियन डॉलर से अधिक उद्यम पूंजी निवेश आ चुका है। को-समिट ने विकास-चरण के संस्थापकों के लिए व्यावहारिक सीखने के जो अंतराल था, उसे भरने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम के भागीदारों में डॉइट.सी (राजस्थान सरकार), टीआईई राजस्थान और वाधवानी फाउंडेशन शामिल रहे।
कोप्रेन्योर्स के बारे में
कोप्रेन्योर्स 300 से अधिक विकास-चरण के संस्थापकों का चयनित समुदाय है, जो वर्ष 2014 से सक्रिय है। “1+1=11” की फिलॉसफी पर चलने वाला यह समुदाय संस्थापकों की केवल व्यवसाय वृद्धि ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, परिवार और समग्र कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित करता है। कोप्रेन्योर्स ने अब तक टीआईई राजस्थान, डॉइट.सी और वाधवानी फाउंडेशन समेत 8 आधिकारिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।



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