एक दिन में 108 बकरों को जीवनदान
एक दिन में 108 बकरों को जीवनदान,
ब्यावर में बना जीव दया का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
ब्यावर। जैन समाज के अहिंसा और “जियो और जीने दो” के संदेश को आगे बढ़ाते हुए 26 मई को ब्यावर में एक ही दिन में 108 बकरों को बूचड़खानों से मुक्त कराकर जीवनदान देने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया गया। एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ एवं जीव दया प्रेमी दिलीप नाहटा, प्रवीण बडोला और मनीष मूथा की टीम ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाकर सभी बकरों को सुरक्षित नागौर के पास स्थित कुचेरा बकरा शाला में छोड़ा। इससे पहले 20 मई को भी टीम द्वारा 52 बकरों को बचाया गया था। इस प्रकार पिछले सात दिनों में कुल 160 बकरों को अभयदान दिया गया।
जैन समाज के अनुसार 24वें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर के अहिंसा सिद्धांत और जीव दया की भावना से प्रेरित होकर प्रतिवर्ष बकरों को बूचड़खानों से मुक्त कर बकरा शालाओं में सुरक्षित छोड़ा जाता है, जहां उनके भोजन और देखभाल की व्यवस्था रहती है।
इस अभियान में संयम मूथा, वैभव मूथा, ऋषभ कक्कड़, सुनील रुपाणी, आनंद सिंह, मतिकान्त अग्रवाल, सुरेश कुमावत, अंकुश बोहरा, रविंद्र मकाणा एवं समता युवा संघ सहित अनेक जीव दया प्रेमियों का सहयोग रहा। जैन समाज और विभिन्न संगठनों ने पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए इसे जीव दया की प्रेरणादायी पहल बताया।




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