एएनएम-एलएचवी संघ और चिकित्सा विभाग के बीच वार्ता सम्पन्न
एएनएम-एलएचवी संघ और चिकित्सा विभाग के बीच वार्ता सम्पन्न, कई अहम निर्णय
जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र राना के नेतृत्व में तथा एएनएम-एलएचवी संघ राजस्थान की संघ प्रमुख सपना पूनिया के नेतृत्व में 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को वार्ता सम्पन्न हुई। वार्ता में संयुक्त शासन चिकित्सा एवं निदेशक अराजपत्रित राकेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन (एकीकृत) के पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता में 13 सूत्रीय मांगपत्र पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जीएनएम प्रशिक्षण प्राप्त सेवारत एएनएम की नर्सिंग ऑफिसर पदों पर वर्ष 2023 से लंबित डीपीसी आगामी 15 जून तक करने तथा एएनएम से एलएचवी पदोन्नति जून माह में ही कराने का निर्णय लिया गया।
9, 18 और 27 वर्षीय एमएसीपी से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए जाएंगे। सभी सीएमएचओ और संयुक्त निदेशकों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक विलंब पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
12 मई नर्सेज दिवस पर दिए जाने वाले राज्य स्तरीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड हेतु प्रत्येक जिले से एक-एक एएनएम/एलएचवी का नाम प्रस्तावित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। 12 मई को सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में आयोजित समारोह में कथित धांधलियों एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने तथा चयनित नर्सेज को दिए गए । नर्सिंग काउंसिल स्तरीय प्रशस्ति पत्र एवं अवार्ड शील्ड वापस लेकर चिकित्सा विभाग स्तर से नए प्रशस्ति पत्र जारी कराने का भरोसा दिलाया गया। साथ ही भविष्य में विवाद रहित आयोजन के लिए निदेशालय स्तरीय समिति गठित करने पर सहमति बनी।
बैठक में एएनएम सर्विस रूल्स में संशोधन, पदनाम परिवर्तन, वेतन विसंगतियों के समाधान और रिक्त पदों को शीघ्र भरने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का भी आश्वासन दिया गया। वार्ता में पुष्पा मीना, सीमा मिश्रा, अनीता चौधरी, कविता धायल, किरण मेघवाल सहित नर्सेज एसोसिएशन के कैलाश शर्मा, राकेश नेहरा, यजुवेंद्र यादव, विक्रम पंवार और राजेंद्र शेखावत उपस्थित रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष नर्सिंगकर्मी भी निदेशालय में मौजूद रहे।



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