308 पहियों वाला ‘महाबली’ पहुंचा यूपी, जहां गया वहीं बनाना पड़ा रास्ता
308 पहियों वाला ‘महाबली’ पहुंचा यूपी, जहां गया वहीं बनाना पड़ा रास्ता
1000 किमी का सफर, रोजाना 10 से 20 किमी की रफ्तार; लखीमपुर की चीनी मिल तक पहुंचाने में लगेंगे 2-3 सप्ताह और
नई दिल्ली, 29 सितंबर। बेल्जियम से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जा रही विशाल मशीन को लेकर 308 पहियों वाला विशेष ट्रक इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 1000 किलोमीटर के सफर में यह महाबली ट्रक रोजाना औसतन 10 से 20 किलोमीटर ही आगे बढ़ पा रहा है। पारादीप बंदरगाह से झारखंड और बिहार होते हुए यह उत्तर प्रदेश के चंदौली पहुंचा और अब वाराणसी की ओर बढ़ चुका है।
ट्रक पर भारी रिएक्टर लदा है, जिसे लखीमपुर स्थित बलरामपुर चीनी मिल, कुंभी तक पहुंचाया जाना है। इसकी ऊंचाई और चौड़ाई इतनी अधिक है कि सामान्य मार्ग से इसे निकालना संभव नहीं। यही वजह है कि जहां-जहां ट्रक पहुंच रहा है, वहां रास्ते में आने वाले अवरोध हटाने के साथ जरूरत के मुताबिक मार्ग भी तैयार किया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स मैनेजर अनेक भारती के अनुसार, रास्ते में ऊंचाई और चौड़ाई से जुड़े कई अवरोध सामने आ रहे हैं। संबंधित विभागों और अधिकारियों की अनुमति के बाद इन्हें हटाया जा रहा है। चंदौली में भी रिंग रोड के पास ट्रक को आगे निकालने के लिए मार्ग तैयार किया गया।
यह मशीन अप्रैल में बेल्जियम से समुद्री मार्ग से रवाना हुई थी और करीब एक महीने बाद ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंची। वहां से इसे 308 पहियों वाले विशेष ट्रक पर लादकर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश भेजा गया।
करीब दो महीने से जारी इस सड़क सफर में ट्रक की औसत गति महज 16 से 18 किलोमीटर प्रतिदिन रही है। लॉजिस्टिक्स टीम के मुताबिक, अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में अभी 2 से 3 सप्ताह और लग सकते हैं। इस दौरान पुल, ओवरब्रिज, सड़क की चौड़ाई और अन्य अवरोधों की जांच के बाद ही ट्रक को आगे बढ़ाया जाएगा।
ट्रक को देखने के लिए चंदौली के अलावा बिहार के दुर्गावती से भी लोग पहुंच रहे हैं। 308 पहियों और उस पर लदी विशाल मशीन को देखकर लोग तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद इस ‘महाबली’ को देखने की लोगों में खास उत्सुकता बनी हुई है।

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