मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 7 सितंबर से शुरू होगा 9 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव

 मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 7 सितंबर से शुरू होगा 9 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव



348 किलो पंचामृत अभिषेक, हजारों किलो के मोदकों की झांकी और 15 सितंबर को भव्य नगर भ्रमण होगा



जयपुर। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी का 9 दिवसीय उत्सव 7 सितंबर से शुरू होगा और 15 सितंबर को भगवान गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ इसका समापन होगा। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि इस दौरान आस्था, परंपरा, संगीत, नृत्य और भव्य झांकियों के आयोजन होंगे।


7 सितंबर: सुबह 9 बजे कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा।

8 सितंबर: पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेशजी का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक होगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी शामिल होगा। केले की झांकी, छप्पन भोग और शाम 6 बजे ध्रुपद गायन होगा।

9 सितंबर: हजारों किलो सामग्री से मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी। इसमें 251 किलो के दो विशाल मोदक, 51 किलो के पांच और 21 किलो के 21 मोदक सहित 1.25 किलो के 1100 मोदक शामिल होंगे। इसके लिए करीब 3 हजार किलो घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का उपयोग होगा। शाम 7 बजे निःशुल्क प्रसाद वितरण होगा।

10 से 12 सितंबर: क्रमशः फल, सब्जी और फूलों की झांकियां सजेंगी। शाम को कथक, ध्रुपद और सुगम संगीत की प्रस्तुतियां होंगी।

13 सितंबर: करीब 3500 किलो सोजत की मेहंदी से गणेशजी का मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा। रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस दिन गणेशजी को विशेष स्वर्ण मुकुट, विशेष पोशाक और नौलखा हार से सजाया जाएगा।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी पर जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंगला आरती सुबह 5 बजे से शयन आरती रात 11:40 बजे तक दर्शन होंगे। विशेष पूजन 11:20 बजे, श्रृंगार आरती 11:30 बजे, भोग आरती 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी।

15 सितंबर: उत्सव का समापन भगवान गणेशजी के नगर भ्रमण से होगा। शोभायात्रा मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं

दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए 6 डीएफएमडी और 6 एचएसएमडी लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में 72 नए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और 30 दिनों की रिकॉर्डिंग रखी जाएगी। दर्शन के लिए 6 प्रवेश और 8 निकासी लाइनें रहेंगी। एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से प्रवेश की व्यवस्था होगी।

निःशक्तजनों और वृद्धजनों के लिए चौबीसों घंटे 100 ई-रिक्शा तथा श्रद्धालुओं के लिए 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें उपलब्ध रहेंगी। व्यवस्थाओं के लिए 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कैमरा और अनावश्यक सामान साथ लेकर न आएं।

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