भूपेन हजारिका की जन्मशती पर गूंजे एकता के गीत
भूपेन हजारिका की जन्मशती पर गूंजे एकता के गीत
बंगला साहित्य सभा की सिलचर शाखा ने गीत,
कविता और स्मरण के जरिए दी महान कलाकार को श्रद्धांजलि
सिलचर। बंगला साहित्य सभा, असम की सिलचर शाखा के तत्वावधान में बुधवार शाम भारत रत्न एवं ‘सुधाकंठ’ डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशती श्रद्धा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन हाइलाकांडी रोड स्थित प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. भास्कर नाथ के आवास पर हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित सदस्यों द्वारा डॉ. भूपेन हजारिका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद नीलांजन पाल, सुमिता भट्टाचार्य, पंकज नाथ, अर्कद्युति नाथ, देवश्री नाथ, विदिप्ता देव और नवनीता दे ने उनके लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अरुणांशु नाथ ने गिटार और राजीव अधिकारी ने तबले पर संगत की। निवेदिता चक्रवर्ती ने डॉ. हजारिका द्वारा रचित कविता का पाठ किया।
सभा के अध्यक्ष विद्युतज्योति पुरकायस्थ ने कहा कि डॉ. हजारिका के गीतों में शोषित और वंचित लोगों की आवाज के साथ मानव प्रेम का गहरा संदेश मिलता है। ‘मानुष मानुषेर जन्य’ और ‘आमी एक যাযাবর’ जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवंत हैं। उन्होंने अपने संगीत के माध्यम से असम और बंगाल की संस्कृतियों को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध लेखक दीपंकर घोष ने कहा कि भूपेन हजारिका केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सांस्कृतिक जगत की महान विभूति थे। गायन, संगीत, काव्य, पत्रकारिता, सिनेमा और लेखन सहित अनेक क्षेत्रों में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि हजारिका ने संस्कृति को लोगों की एकता और मानवीय संवेदनाओं का माध्यम बनाया।
सामान्य सचिव निवेदिता चक्रवर्ती ने कहा कि अनेक प्रतिभाओं से समृद्ध भूपेन हजारिका स्वयं एक विराट सांस्कृतिक संस्था बन चुके थे। उनके संगीत की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को मानवता से जोड़ता था। उन्होंने धार्मिक एकता, पारस्परिक सम्मान, सह-अस्तित्व और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बंगला साहित्य सभा की राज्य समिति के सह-सामान्य सचिव एवं प्रसिद्ध चित्रकार संदीपन दत्त पुरकायस्थ सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशती वर्ष 2026 में मनाई जा रही है। उनका जन्म 8 सितंबर 1926 को असम के सदिया में हुआ था।



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